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Tunnel Landslide: घायलों ने बताया सुरंग में क्या हुआ? बोले-एक नहीं तीन बार हुआ भूस्खलन, मलबा आया और बहा ले गया
विमल सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, गोपेश्वर(चमोली)
Published by: Alka Tyagi
Updated Sat, 15 Aug 2026 03:00 AM IST
सार
Chamoli Tunnel Landslide: हादसे से कुछ दूरी पर काम करने वाले श्रमिकों ने बताया कि तीन बार हवा का तेज झोंका आया कुछ समझ पाते इससे पहले ही भारी मलबा उनकी ओर आ गया।
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चमोली सुरंग हादसा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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टीएचडीसी की 444 मेगावाट वाली पीपलकोटी विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना में बृहस्पतिवार शाम को हुआ हादसा एक खौफनाक मंजर था। वहां पर एक नहीं बल्कि तीन बार भूस्खलन होने की बात सामने आई है। दूसरी बार के मलबे ने सबसे अधिक नुकसान किया।
हादसे से कुछ दूरी पर काम करने वाले श्रमिकों ने बताया कि तीन बार हवा का तेज झोंका आया कुछ समझ पाते इससे पहले ही भारी मलबा उनकी ओर आ गया। वे मलबे में ही बहते हुए बाहर की तरफ आए। गनीमत रही कि वहां पड़े मलबे से नहीं टकराए वरना बचना मुश्किल था।
झारखंड के जिला खूंटी, गांव तपरा निवासी हारबिल गुड़िया (27) पुत्र रेजन गुड़िया हादसे में बुरी तरह घायल हैं। उनके पैर में फ्रैक्चर है और अन्य जगह चोटें आई हैं। हादसे में सुरक्षित बचने वाले ओडिशा निवासी जागेश्वर भी अस्पताल में साथियों की देखरेख कर रहे हैं। दोनों श्रमिकों ने बताया कि हादसे के समय पहले हवा का तेज झोंका आया।
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चमोली सुरंग हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दूसरी बार हवा का झोंका आया तो इस बार हवा इतनी तेज थी की अंदर सब धुंधला दिखने लग गया। वे कुछ समझ पाते तीसरी बार के झोंके के साथ भारी मलबा और गाद उनकी तरफ आने लगी। वे वहां से बाहर की तरफ भागे लेकिन मलबे ने हारबिल गुड़िया को चपेट में ले लिया।
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चमोली सुरंग हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वह मलबे के साथ बहते हुए बाहर की तरफ आने लगे। इससे उन्हें काफी चोटें आईं। गनीमत रही कि वे टनल के बीच में थे यदि किनारे पर होते तो वहां रखे सरिया व अन्य निर्माण सामग्री से टकरा जाते। जागेश्वर हादसे के समय कुछ बाहर की तरफ थे तो उन्हें भागने का मौका मिल गया।
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चमोली सुरंग हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे में घायल निस्तर भिंगरा (24) पुत्र राफेल भिंगरा निवासी जिला खूंटी झारखंड भी जिला अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि वे हादसे से काफी दूर थे लेकिन सैलाब इतना तेज आया कि उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। उनके पास एक पाइप लगा था जिसे उसने कसकर पकड़ लिया। जब सैलाब कुछ कम हुआ तो वह घायल हालत में वहां से बाहर की तरफ आया।
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