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Dev Sanskriti University: योग और संस्कृत में कॅरिअर तलाश रहे विदेशी छात्र, अब तक 151 ले चुके डिग्री

Tue, 01 Nov 2022 07:43 PM IST
अलका त्यागी निशांत खनी, अमर उजाला, हरिद्वार
निशांत खनी, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 01 Nov 2022 07:43 PM IST
सार

शांतिकुंज परिवार का हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय भी विदेशी छात्रों की पाठशाला बना है। देव संस्कृत विवि से अब तक 151 विदेशी छात्र डिग्री ले चुके हैं। 

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Dev Sanskriti University: Foreign students looking for a career in Yoga and Sanskrit
योगा - फोटो : istock

योग और संस्कृत को भारतीय छात्र-छात्राएं भले ही अंग्रेजी की तुलना में कमतर आंकते हैं, लेकिन विदेशी छात्रों में इनका क्रेज बढ़ रहा है। जर्मनी और चीन समेत कई देशों के छात्र संस्कृत व योग में कॅरिअर की संभावनाएं तलाश रहे हैं।



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योग और संस्कृत की डिग्री लेने के लिए भारत पढ़ने आ रहे हैं। शांतिकुंज परिवार का हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय भी विदेशी छात्रों की पाठशाला बना है। देव संस्कृत विवि से अब तक 151 विदेशी छात्र डिग्री ले चुके हैं। 

संस्कृत दुनिया की सबसे प्राचीन भाषा है। ऐसा माना जाता है कि दुनिया की तमाम भाषाएं कहीं न कहीं संस्कृत से ही निकली हैं। संस्कृत ईसा से 5000 साल पहले से बोली जाती है। इसी तरह योग ऋषि मुनियों की देन है। नियमित योग करने से शारीरिक एवं मानसिक विकारों से छुटकारा मिलता है।

Dev Sanskriti University: Foreign students looking for a career in Yoga and Sanskrit
देव संस्कृति विवि में छात्र - फोटो : अमर उजाला

दुनियाभर में योग के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा है। भागदौड़ की जिंदगी में स्वस्थ रहने के लिए लोग योग को अपना रहे हैं। 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाने लगा है। बावजूद इसके भारतीय छात्र एवं छात्राएं योग और संस्कृत को अंग्रेजी की तुलना में कमतर आंकते हैं। लेकिन विदेशी छात्र एवं छात्राएं संस्कृत और योग में कॅरिअर बना रहे हैं।

Dev Sanskriti University: Foreign students looking for a career in Yoga and Sanskrit
देव संस्कृति विवि में छात्र - फोटो : अमर उजाला

देव संस्कृति विवि के पत्रकारिता विभाग के असिस्टेंट प्रो. दीपक कुमार बताते हैं कि देव संस्कृति विश्वविद्यालय की स्थापना 2002 में हुई थी। विश्वविद्यालय में विधिवत दीक्षांत समारोह की शुरुआत 2017 से हुई। 2017 से 2021 तक 151 छात्रों ने यहां शिक्षा ग्रहण की है।  

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Dev Sanskriti University: Foreign students looking for a career in Yoga and Sanskrit
योगा(फाइल फोटो) - फोटो : pixabay

देव संस्कृति विवि में जर्मनी, चीन, यूके, यूएस, रूस, वियतनाम, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल और अफ्रिका का नाटिबिया समेत कई देशों के छात्र पढ़ने आ रहे हैं। 151 में से 90 फीसदी छात्र-छात्राओं ने योग की डिग्री ली है। जबकि पड़ोसी मुल्कों के छात्र संस्कृत की पढ़ाई करने आ रहे हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर बताते हैं डिग्री लेते ही विदेशों में योग सीखाते हैं। इसमें युवा अपना कॅरिअर बना रहे हैं। योग में पीएचडी, स्नातक, मास्टर डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट के अलग-अलग कोर्स कर रहे हैं। 

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Dev Sanskriti University: Foreign students looking for a career in Yoga and Sanskrit
योगा (फाइल फोटो) - फोटो : pixabay

बचपन से ही अध्यात्मिक सवालों के जवाब खोजने में रूचि रही है। आध्यात्मवाद से पढ़ाई करना चाहता था। इंटरनेट की मदद से देव संस्कृति विवि की जानकारी मिली। पढ़ाई पूरी कर योग में कॅरिअर बनाना है। 
- जोसे लुईस, योग छात्र निवासी वेनेजुएला 

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