इन दिनों यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कुख्यात सुनील राठी के पास बागपत जेल के अंदर पिस्टल कैसे पहुंची। यही बागपत जेल करीब आठ माह पूर्व तत्कालीन जेलर और सुनील राठी के बीच ‘याराना संबंध’ को लेकर पहले भी ‘दागदार’ हो चुकी है। उस वक्त कुख्यात राठी ने जेल से ही रुड़की के चिकित्सक से 50 लाख की रंगदारी मांगी थी।
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मुन्ना बजरंगी हत्याकांड: जेल में अंदर ऐसे चलती है कुख्यात सुनील राठी की 'हुकूमत'
अंकित कुमार गर्ग, अमर उजाला, रुड़की
Updated Thu, 12 Jul 2018 10:01 AM IST
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सुनील राठी कोर्ट में पेशी के लिए जाते हुए
- फोटो : amarujala
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तब तत्कालीन जेलर बीएन मिश्रा के खिलाफ भी गंगनहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। अब बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन जांच को तेज कर पुराने मामले में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में जुट गया है। गौरतलब है कि करीब आठ माह पहले बागपत जेल में बंद कुख्यात सुनील राठी ने फोन पर शहर के एक चिकित्सक से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। इसके बाद पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की।
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बाद में सुनील राठी, उसकी मां राजबाला के साथ ही बागपत जेल के तत्कालीन जेलर बीएन मिश्रा के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया। इस मामले में 18 नवंबर को सुनील की मां राजबाला की निशानदेही पर नारसन क्षेत्र से एक मोबाइल भी बरामद किया था। इसी फोन से कुख्यात ने रंगदारी मांगी थी। इसके बाद रुड़की सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने जेलर बीएन मिश्रा को बुलाकर पूछताछ भी की थी। पड़ताल में जेलर मिश्रा की भूमिका संदेह के घेरे में थी।
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बागपत जेल
- फोटो : अमर उजाला
महत्वपूर्ण सवाल था कि आखिर कुख्यात राठी को जेल के भीतर मोबाइल कौन मुहैया करा रहा है। इसे लेकर मिश्रा से पूछताछ हुई तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए थे। जांच में यह भी पाया गया था कि रंगदारी वसूली की धमकी देने के दौरान फोन की लोकेशन जेल के आसपास थी। यही नहीं इस बात का भी खुलासा हुआ था कि सुनील राठी के बैरक की तलाशी नहीं होती है और उसके मिलने जुलने वालों पर भी रोक-टोक नहीं है। यहां तक कि घर का बना खाना जेल के अंदर तक पहुंचता था।
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माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी
- फोटो : file photo
इन सब आरोपों के बाद यूपी सरकार ने जेलर बीएन मिश्रा का स्थानांतरण कर दिया था। ऐसे में जिस तरह से मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हत्या से पहले कुख्यात सुनील राठी के पास पिस्टल पहुंची। उससे साफ है कि कुख्यात राठी का बागपत जेल के भीतर अभी भी पहले की तरह राज चलता है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस कोतवाली साधना त्यागी रुड़की में दर्ज पुराने मामले की जांच कर रही हैं। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि मामले में जेलर की भूमिका संदेह के घेरे में थी। उनके खिलाफ साजिश में शामिल होने का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की तफ्तीश चल रही है। जल्द ही मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।