उत्तराखंड की वादियों ने ओढ़ी बर्फ की चादर, तस्वीरों में देखिए धरती पर जन्नत सा नजारा
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औली में नए साल के पहले दिन हुई बर्फबारी अंतरराष्ट्रीय स्कीइंग प्रतियोगिता के आयोजन के लिए सौगात लेकर आई है। बर्फबारी का यह सिलसिला एक दिन भी और जारी रहा तो स्कीइंग प्रतियोगिता के लिए कृत्रिम बर्फ बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सोमवार को देर शाम तक औली में बर्फबारी होती रही और यहां करीब तीन इंच बर्फ जम गई है।
औली रोपवे प्रबंधक दिनेश भट्ट का कहना है कि औली में आगामी 15 से 21 जनवरी तक अंतरराष्ट्रीय स्कीइंग प्रतियोगिता होनी है। इसके लिए शासन-प्रशासन की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन के लिए औली स्लोप पर एक सप्ताह से विदेशी टेक्नीशियनों की ओर से कृत्रिम बर्फ बनाने का काम शुरू किया जा रहा था, लेकिन उचित तापमान और नमी न मिलने से बर्फ नहीं बन पा रही थी। शासन-प्रशासन भी अब बर्फबारी के लिए मौसम पर निगाहें टिकाए हुए थे।
वहीं, बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में शाम तक करीब छह-छह इंच बर्फ जम गई है। उत्तरकाशी जिले में हर्षिल गंगोत्री क्षेत्र में देर शाम हल्की बर्फबारी हुई है। केदारनाथ क्षेत्र में भैरवनाथ और दुग्ध गंगा की पहाड़ियों पर बर्फबारी हुई है।
चमोली जिले में सोमवार सुबह से ही धूप खिली हुई थी, लेकिन दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदली और करीब बारह बजे से बदरीनाथ, हेमकुुंड साहिब व ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई। औली, रुद्रनाथ, गौरसों बुग्याल, पनार बुग्याल, नंदा घुंघटी सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फबारी हुई। नए साल का जश्न मनाने औली पहुंचे पर्यटकों ने जमकर बर्फबारी का लुत्फ उठाया।