उत्तराखंड में शनिवार रात से लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई स्थानों पर मलबे से सड़कें बंद हो गईं। मौसम की मार कैलाश यात्रा पर भी पड़ रही है। 13वें दल के कैलाश यात्री तीसरे दिन भी पिथौरागढ़ से गुंजी नहीं जा पाए। सोमश्वर में मेहरा गांव और पल्यूड़ा में दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए। बागेश्वर डीएम के कार्यालय में तैनात वरिष्ठनाजिर व बैजनाथ के सीर गांव निवासी चंदन सिंह के बेटे दीपक मेहरा की गोमती नदी में डूबने से मौत हो गई। चारधाम यात्रा भी बाधित हो रही है।
उत्तराखंड: बारिश ने रोकी राह, सड़कें मलबे से पटीं, एक की मौत, विदेशी पर्यटक फंसे, बदरीनाथ हाईवे बंद
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मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटे तक प्रदेश के आठ जिलों में भारी बारिश की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तीर्थयात्रियों को भी पहाड़ का सफर न करने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चमोली, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, चंपावत और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर भारी से भारी बारिश हो सकती है। पौड़ी, चंपावत व ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश की आशंका है। इस संबंध में सभी जिलों के जिलाधिकारियों को अलर्ट किया गया है। इसके साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा न करने की सलाह भी जारी की गई है।
नाचनी में रातीगाड़ के पास मलबा और बोल्डर आने से थल-मुनस्यारी सड़क 16 घंटे से अधिक समय तक बंद रही। मुनस्यारी को खाद्यान्न ले जा रहे करीब 25 ट्रक मार्ग में फंस गए। पिथौरागढ़-धारचूला एनएच पर गुड़ौली के पास मलबा आने से 8 घंटे से अधिक समय तक यातायात बाधित रहा। वहां भी दर्जनों वाहन फंस गए। अमरू बैंड के पास टिपन टॉप में टनकपुर-चंपावत राजमार्ग भी मलबे से बंद हो गया। प्रशासन ने 24 घंटे के लिए टनकपुर-चंपावत हाईवे पर यातायात बंद कर दिया है। मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने पहाड़ को जाने वाले यात्री और मालवाहक वाहनों को ककराली गेट बैरियर पर ही रोक दिया। पिथौरागढ़, लोहाघाट और चंपावत के तमाम वाहन पाटी-देवीधुरा होते हुए हल्द्वानी और अन्य स्थानों को भेजे गए।
लोहाघाट आने वाली लोहाघाट डिपो की नौ बसें टनकपुर में फंसी रहीं। तीन बसें हल्द्वानी होते हुए देर शाम लोहाघाट पहुंचीं। टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर पेट्रोल पंप के पास देवदार के दो भारी-भरकम पेड़ों के गिरने से एक घंटे तक यातायात बंद रहा। सल्ट (अल्मोड़ा) में हिनौला-काने बंद हो गई है। भीमताल-हल्द्वानी मार्ग पर सलड़ी में मलबा आने से यातायात बाधित होता रहा। उधर, बागेश्वर जिले की 15 सड़कें मलबा आने से बंद हैं।
निरंतर हुई बारिश से नदी-नाले भी उफान पर हैं। धारचूला में काली नदी, बनबसा में शारदा और हुड्डी नदी उफान पर हैं। यूपी सिंचाई विभाग के शारदा हेडवर्क्स प्रशासन ने शारदा बैराज पर रेड अलर्ट जारी कर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी। बनबसा में हुड्डी नदी भी उफान पर है। टनकपुर में किरोड़ा और बाटनागाड़ नालों ने रविवार को पूर्णागिरि मार्ग घंटों बाधित रखा। सल्ट (अल्मोड़ा) के भकराकोट और धनगढ़ी नाले के उफान में आने से मोहान-रामनगर-मरचूला मोटर मार्ग पर करीब दो घंटे तक जाम लग गया। वहां जाम में विदेशी पर्यटकों समेत कई लोग फंस गए।