पीएम मोदी की तपस्थली में अब केंद्रीय मंत्री उमा भारती भी हठयोग करतीं नजर आएंगी। 28 नवंबर के बाद साध्वी उमा भारती ने केदारनाथ के निकट गरुड़चट्टी स्थित हनुमान गुफा में साधना करने का एलान किया है। ऐेसा वह गंगा को निर्मल व अविरल रखने के लिए करेंगी। उन्होंने कहा कि राजयोग से काफी कर लिया। अब हठयोग से भी काम किया जाएगा। इससे पूर्व वह प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की सहमति लेंगी।
राजयोग के बाद अब पीएम मोदी की तपस्थली में हठयोग करेंगी उमा भारती, पीछे है यह वजह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने करीब सात हजार लोगों, अधिकारियों, स्कूली बच्चों और सुरक्षा बलों को श्रीनगर में स्वच्छ गंगा व निर्मल गंगा और स्वच्छ भारत अभियान की शपथ दिलाई। इसके अलावा उन्होंने लगभग 14 करोड़ की लागत से निर्मित स्नान घाटों का लोकार्पण किया। शुक्रवार को जीआईएंडटीआई मैदान में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत गंगा स्वच्छता सम्मेलन आयोजित कर स्वच्छता की शपथ दिलाई गई।
इस मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि 25 दिसंबर को प्रदेश में अटल आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना शुरू की जा रही है, जबकि इस माह के अंत तक विद्युत से वंचित प्रदेश के 15 हजार परिवारों को सौभाग्य योजना के तहत आच्छादित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पहला ऐसा राज्य जिसने केंद्र की ई-फ्लो नीति के तहत नदियों में 15 फीसदी जल प्रवाह के नियम को लागू किया है। उमा भारती ने कहा कि जिस प्रकार उत्तराखंड वर्ष 2017 में ओडीएफ हो गया। उन्हें विश्वास है कि यह प्रदेश देश का सर्वप्रथम ओडीएफ प्लस राज्य होगा।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जिम्मेदारी है कि गंगा का पानी अविरल रहे और यूपी की जिम्मेदारी है कि पानी निर्मल रहे। राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि सीएम ने श्रीकोट गंगानाली व श्रीनगर में स्टेडियम निर्माण और प्रेक्षागृह के लिए रेलवे से वार्ता की है, जिसको रेलवे ने सहमति दी है। उन्होंने कहा कि जब तक वह विधायक हैं, तब तक एनआईटी शिफ्ट होने का सवाल ही नहीं है। केंद्रीय पेयजल सचिव परमेश्वरन अय्यर ने बताया कि यह पांचवां सम्मेलन है।
आमतौर पर उग्र स्वभाव की माने जाने वाली केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने बच्चों और महिलाओं का दिल जीत लिया। गंगा स्वच्छता सम्मेलन में देरी से पहुंची साध्वी ने कार्यक्रम स्थल में पहुंचते ही बच्चो की पीड़ा समझ ली। उन्होंने मंच संभालते ही बच्चों को पहले जलपान की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों से पूछा कि पहले खिलाएं या भाषण सुनेंगे। सुबह 10 बजे से बैठे बच्चों ने तपाक से जवाब दिया कि पहले खाएंगे, जिस पर मंत्री ने पहले बच्चों को पानी पिलाने के लिए कहा और एक-एक कर नाश्ता देने के लिए राज्यमंत्री डा. धन सिंह रावत से कहा।