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चमोली जल प्रलय: लोग कर रहे बिलासपुर जैसा 'चमत्मकार' होने की दुआ, आपदा के नौ दिन बाद सुरंग से जिंदा मिले थे दो मजदूर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तपोवन
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 15 Feb 2021 08:56 PM IST
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चमोली में सुरंग
- फोटो : अमर उजाला
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ऋषि गंगा की जल प्रलय के बाद से तपोवन सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) का बचाव दल रेस्क्यू अभियान में जुटा है। एनडीआरएफ की पांच टीमें (176 जवान) मलबे में लापता लोगों को ढूंढने और सुरंग में फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुटी हैं। ऐसे में लोग बिलासपुर जैसे चत्मकार की दुआ कर रहे हैं।
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सुरंग
- फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2015 में एनडीआरएफ ने हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में निर्माणाधीन सुरंग से नौ दिन बाद दो मजदूरों को सुराक्षित निकाला था। यहां कीरतपुर-नेरचौक फोर लेन परियोजना के सुरंग नंबर चार का एक हिस्सा धंस जाने से तीन लोग सुरंग में फंस गए थे। एनडीआरएफ के जवानों ने सुरंग में ड्रिल कर दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकाला था। एनडीआरएफ के प्रयास को देखते हुए लोगों को तपोवन सुरंग में फंसे लोगों को सकुशल बाहर निकाले जाने की उम्मीद है।
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चमोली में सुरंग से शवों को ले जाते जवान
- फोटो : अमर उजाला
एनडीआरएफ के अधिकारियों का कहना है कि विश्वास पर दुनिया टिकी है। हम जल्दी ही सुरंग में फंसे लोगों तक पहुंच जाएंगे। एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट आदित्य प्रताप ने बताया कि सात फरवरी को सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर एक जवान ने उत्तराखंड के चमोली में आपदा की सूचना दी। तब तक त्रासदी का वीडियो भी मिल चुका था। इसकी सूचना शीघ्र एसडीआरएफ कमांडेंट को दी।
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तपोवन में शवों को ले जाती एंबुलेंस
- फोटो : अमर उजाला
किसी भी बड़ी आपदा से निपटने के लिए हर समय दो टीमें तैयार रहती हैं। हेड क्वार्टर से बात करने के बाद देहरादून में आरआरसी (रिजनल रिस्पॉस सेंटर) की दो टीमें रात को ही सवा बारह बजे तपोवन के लिए रवाना हो गईं और आठ फरवरी को सुबह ही तपोवन पहुंच गईं। जबकि तीन टीमें गाजियाबाद से एयर लिफ्ट कर जोशीमठ पहुंचीं। तभी से सभी टीमें तपोवन पहुंचने के बाद रेस्क्यू में जुटी हैं।
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चमोली में नदी से मलबा हटाती जेसीबी
- फोटो : अमर उजाला
बचाव दल ने रैणी, तपोवन बैराज, धौली गंगा और सुरंग में सर्च अभियान शुरू किया जो अभी भी लगातार जारी है। एनडीआरएफ की ओर से अब तक रेस्क्यू अभियान में 21 शव बरामद हो चुके हैं। सुरंग के अंदर एनडीआरएफ की टीम ने सरिये के जाल को काटकर मलबा हटाने के लिए रास्ता तैयार किया। कई जगहों पर एनडीआरएफ की टीम स्वयं मलबे से शवों को निकालने में जुटी है। जब तक सुरंग में फंसे सभी लोगों तक नहीं पहुंचा जाता, एनडीआरएफ का रेस्क्यू मिशन जारी रहेगा।
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