फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

एक महिला के बयान से उत्तराखंड में हो सकता है 'तख्तापलट'

Thu, 04 Aug 2016 03:45 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 04 Aug 2016 03:45 PM IST
विज्ञापन
uttarakhand cm harish rawat stuck in problem due to a lady
हरीश रावत - फोटो : file photo

हरक सिंह रावत पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली यु‌वति के नए बयान से उत्तराखंड मुख्यमंत्री की परेशानियां बढ़ गई हैं। वहीं भाजपा रावत के इस्तीफे की मांग कर रही है। पीड़िता की ओर से पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के खिलाफ दबाव में रेप का मुकदमा दर्ज कराने का बयान देने से हरक को राहत मिल सकती है। वहीं, मुख्यमंत्री हरीश रावत की मुसीबत बढ़ सकती है। 

uttarakhand cm harish rawat stuck in problem due to a lady
कोर्ट

महिला ने मुख्यमंत्री हरीश रावत के दबाव में मुकदमा दर्ज करने की बात कही है। लिहाजा, हरीश रावत के लिए यह बयान मुसीबत खड़ी कर सकता है। कानून के जानकारों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं की मानें तो झूठा मुकदमा दर्ज कराने के मामले में पुलिस फरियादी महिला के खिलाफ भी आईपीसी की धारा 182 के तहत कार्रवाई कर सकती है।

uttarakhand cm harish rawat stuck in problem due to a lady
हरक सिंह रावत - फोटो : AmarUjala

दून बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता मनमोहन कंडवाल ने बताया कि अगर मुकदमा समाप्त होता है तो पुलिस महिला के खिलाफ 182 की कार्रवाई कर सकती है। ऐसे में हरक सिंह रावत को राहत मिल जाएगी। हालांकि सबूतों का भी इसमें अहम रोल है।

विज्ञापन
विज्ञापन
uttarakhand cm harish rawat stuck in problem due to a lady
हरीश रावत - फोटो : अमरउजाला

वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव शर्मा का कहना है कि महिला ने 164 के बयान (मजिस्ट्रेटी बयान) में मुख्यमंत्री हरीश रावत पर मोबाइल से धमकी देने और मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है तो इससे हरीश रावत की मुसीबत बढ़ सकती है। उनके खिलाफ षड्यंत्र रचने, धमकी देने और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा बनता है।

विज्ञापन
uttarakhand cm harish rawat stuck in problem due to a lady
हरक सिंह रावत - फोटो : AmarUjala

वहीं, महिला के खिलाफ भी 182 की कार्रवाई का आधार है। जिसमें दोषी पाए जाने पर छह महीने की कैद या जुर्माना अथवा दोनों सजाएं हो सकती हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता सुयेश कुकरेती के मुताबिक 164 के बयान की विधिक मान्यता ज्यादा है। पुलिस का विवेचक या हरक सिंह चाहें तो महिला के खिलाफ 182 की कार्रवाई हो सकती है। अगर महिला की बात सबूतों में सही पाई जाती है तो वह 182 की कार्रवाई से भी बच सकती है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed