फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

जेटली के बजट ने बिगाड़ा महिलाओं का 'बजट', जानिए क्या मिला, क्या नहीं

Fri, 02 Feb 2018 06:34 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 02 Feb 2018 06:34 AM IST
विज्ञापन
women reaction on Arun jaitley budget 2018
Money
बजट को लेकर महिलाओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया।


 
women reaction on Arun jaitley budget 2018
kitchen

घरेलू बजट हमारे जिम्मे होता है। इससे सबसे बड़ी भूमिका रसोई की होती है। केंद्र सरकार को यह सोचते हुए बजट बनाना चाहिए कि उनका रसोई पर क्या असर होगा। रसोई से ही बजट बिगड़ने और संभलने का ताल्लुक होता है।

women reaction on Arun jaitley budget 2018

कोई भी नई योजना बजट में शामिल नहीं की गई है, जिससे महिलाएं खुश हो सकें। एक ये बात जरूर अच्छी हुई कि उज्ज्वला का टारगेट 5 करोड़ से बढ़ाकर 8 करोड़ कर दिया गया। जिसके तहत गरीब महिलाओं को निशुल्क गैस कनेक्शन दिए जाएंगे।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
women reaction on Arun jaitley budget 2018
उच्च शिक्षा

वित्त मंत्री अरुण जेटली के आम बजट से महिलाओं को बहुत सी उम्मीदें थीं। नौकरी पेशा महिलाएं हमेशा से टैक्स छूट की आशा रखती हैं। महिलाओं के स्वरोजगार के साथ-साथ उन्हें वित्तीय सहायता राशि में भी बढ़ोत्तरी की उम्मीद थी। कन्याओं के लिए विदेश में पढ़ने के लिए एजुकेशन लोन में ब्याज दरों में कटौती या कमी की जानी चाहिए थी। महिलाओं को आत्म निर्भर बनाए जाने के लिए कौशल संवर्धन कार्यक्रमों पर वित्तीय खर्चों में बढ़ोत्तरी का प्रावधान करना चाहिए था। लेकिन बजट कामकाजी महिलाओं की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा।
प्रोफेसर राखी उपाध्याय, डा. रीना चंद्रा, डा. गीतांजलि

विज्ञापन
women reaction on Arun jaitley budget 2018
प्रतीकात्मक तस्वीर

महिलाओं के लिए कोई भी नई योजना शुरू नहीं की गई है। नारी गरिमा-बेटी सुरक्षा की बात करते हुए 2 करोड़ शौचालय और बनाने की बात कही है, जिसमें से 6 करोड़ शौचालय बनाए जाने लक्ष्य पहले ही पूरा कर लिया गया है तो इसे बताने का भला क्या मतलब? उज्ज्वला का टारगेट पांच करोड़ से बढ़ाकर आठ करोड़ करने की बात जरूर कही गई है। महिलाओं के लिए कोई भी ऐसी नई योजना शुरू नहीं की गई है, जिससे वह खुश हो सकें। जबकि महिलाओं के लिए आयकर छूट की सीमा तीन लाख रुपये तक करनी चाहिए थी, निर्भया फंड दोगुना करने सहित सैनेटरी नैपकीन को जीएसटी से बाहर रखना चाहिए था।
मनीषा, साधना शर्मा, श्वेता तलवार, पुष्पा भल्ला, डा. मधु रॉय

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed