गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित डीएलएफ कॉलोनी में पांच मई को हुई विवाहिता संतोषी (21) की हत्या मुंहबोली मौसी शांति ने की थी। खुद को बचाने की कोशिश में वारदात को लूट के बाद हत्या का रूप देने के लिए वह घर से गहने और नकदी ले गई थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लूटी गई रकम और गहने बरामद कर लिए। उसने पूछताछ में बताया कि संतोषी के पति संतोष से उसके प्रेम संबंध थे। संतोषी इसमें बाधा बन रही थी। इसलिए उसे रास्ते से हटाना चाहती थी। झगड़ा होने पर संतोषी ने जहरीला पदार्थ खा लिया तो प्रेम संबंध का राज खुलने से डर से गला घोंटकर उसकी जान ले ली।
'गर्लफ्रेंड मौसी' की करतूत: 12 साल के प्रेम संबंध में संतोषी बनी बाधक तो बाथरूम में कर दी हत्या, खुद को बचाने के लिए रची ये साजिश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हत्या दिन में साढ़े तीन बजे की गई थी। रात आठ बजे संतोष ड्यूटी से लौटा तो उसे लगा कि लूट के बाद संतोषी की हत्या की गई है। उसने इसी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि संतोष और शांति के बीच 12 साल से प्रेम संबंध थे। 2009 में दिल्ली के पटपड़गंज में फैक्टरी में काम करने के दौरान दोनों की मुलाकात हुई थी। इसके बाद से दोनों डीएलएफ के फ्लैट में साथ ही रहते थे, लेकिन इस रिश्ते को लोगों के सामने जाहिर नहीं करते थे। संतोष ने शीला को अपनी मुंहबोली मौसी बता रखा था। फरवरी 2022 में परिजनों ने संतोष की शादी उत्तराखंड के ज्वालापुर के विष्णुलोक निवासी संतोषी से करा दी।
संतोष उसे डीएलएफ में ले आया। यहीं पर उसकी मां पद्मावती आ गई। संतोष मूल रूप से ओडिशा का है। संतोषी शांति को मौसी ही कहती थी, लेकिन वह कुछ ही दिन में दोनों के रिश्ते की सच्चाई को भांप गई। उसने पति को वश में करने की कोशिश की तो शांति को यह बर्दाश्त नहीं हुआ। वह मूल रूप से अल्मोड़ा के डोंगरी गांव की है।
झगड़े के बाद ली थी जान
पांच मई की सुबह संतोष के ड्यूटी पर पटपड़गंज की फैक्टरी चले जाने के बाद शांति और संतोषी में झगड़ा हुआ। शांति ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने संतोषी से कहा कि वह संतोष का ध्यान नहीं रखती है। वह कई बार भूखा ही काम पर चला जाता है। इस पर पहले कहासुनी और फिर झगड़ा हो गया। इसके बाद गुस्से में संतोषी ने जहरीला पदार्थ खा लिया। उसके मुंह से झाग आने लगे। पद्मावती दूसरे कमरे में थी। शांति ने बताया कि वह संतोषी को घसीटकर बाथरूम में ले गई। उसे डर था कि अगर पुलिस आई तो राज खुल जाएगा, इसलिए तार से उसका गला घोंट दिया।
छेनी से तोड़ी थी अलमारी
संतोषी की मौत के बाद शांति ने छेनी से अलमारी तोड़ी और उसमें से 50 हजार नकदी और गहने निकाले। वह इन्हें ले गई। इससे पहले घर का सामान बिखेर दिया ताकि पुलिस आए तो मामला लूट के बाद हत्या का लगे। पद्मावती बालकनी में थी, उसे वहीं पर बंद कर दिया था। नकदी और गहने अपने जानकार के पास रख दिए थे। पुलिस ने 49 हजार 300 रुपये और गहने बरामद कर लिए।