नोएडा के आम्रपाली सिलिकॉन सिटी की दो बिल्डिंग के बीच से उसी सोसायटी में काम करने वाली घरेलू सहायिका सोनामुनी की लाश बरामद होने के मामले में अभी भी पुलिस के हाथ खाली हैं। गुरुवार दोपहर तक पुलिस को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी मिल गई। रिपोर्ट में भी हत्या की बात सामने आई है, इस दिल दहला देने वाले सनसनीखेज मामले में ऐसे कई अनसुलझे सवाल हैं जो काफी पेचिदा हैं और सोचने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
घरेलू सहायिका हत्याकांड: शव तो बाहर आ गया, लेकिन उन 'दो टावरों के बीच' फंसे रह गए कई अनसुलझे सवाल
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घरेलू सहायिका सोनामुनी सिलिकॉन सिटी में टावर सी में रहने वाले इंटीरियर डिजाइनर जयप्रकाश के घर में उसके परिवार के साथ रहकर काम करती थी। वह 28 जून से लापता थी। इसके बावजूद जयप्रकाश या उसके परिवार के किसी सदस्य ने इसे लेकर थाने में किसी तरह की शिकायत दर्ज नहीं करवाई। इसके चार दिन बाद 2 जुलाई को 12वीं मंजिल पर उसका शव शव सड़ी गली हालत में मिला।
अब इस मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि परिवार के साथ घर में रहकर काम करने वाली सहायिका के 4 दिनों से लापता होने के बावजूद जयप्रकाश या किसी अन्य सदस्य ने गुमशुदगी की शिकायत क्यों नहीं की ?
मृत सहायिका का शव सोसायटी की सी और डी बिल्डिंग के बीच से सड़ी गली अवस्था में लटका था। एक जुलाई की सुबह सी टावर के फ्लैट 1207 में रहने वाले सेवानिवृत्त अधिकारी जीपी मिश्रा को बदबू आने पर टावर इंचार्ज से इसकी शिकायत की और सुरक्षा अधिकारियों के साथ 17वीं मंजिल पर गए, जहां उन्हें टावरों के बीच में शव के फंसे होने का पता चला।
सोसायटी के सुरक्षा गार्ड चौबीसों घंटे चप्पे-चप्पे पर ध्यान देते रहते हैं। अब सवाल यह उठ रहे हैं कि पांच दिनों से खुले में लटक रहे शव पर किसी का ध्यान कैसे नहीं गया?
कोतवाली सेक्टर-49 के प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि बुधवार को मृतका का भाई राजेश नोएडा पहुंचा। इस कारण पोस्टमार्टम में देरी हुई। हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बुधवार देर रात मिल गई, लेकिन राजेश ने भी अभी तक किसी तरह की शिकायत नहीं की है।
ऐसे दर्दनाक हादसे के बाद भी मृतक के भाई का पुलिस में शिकायत न करवाना मामले को और उलझा रहा है।
हत्या करने से लेकर शव को फेंकने के इस पूरे घटना क्रम में सोसायटी के सुरक्षा गार्ड और वहां रहने वाले लोग भी शक के घेरे में आ रहे हैं। ऐसे में एक सवाल यह भी है कि यदि सोनामुनी की हत्या में सोसायटी का कोई व्यक्ति शामिल था, तो उसके शव को किसी सुरक्षित जगह पर ठिकाने लगाने के बजाय सोसायटी में ही फेंककर अपने पैर पर कुल्हाड़ी क्यों मारी ?