"तमाम शहर का किस्सा बना दिया मुझको, मैं क्या था और ये कैसा बना दिया मुझको। कहां ये उम्र शराफत से कटा करती है, तुने बेकार में अच्छा बना दिया मुझको।" ये गजल किसी बड़े शायर या कवि ने नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के एक आला आईएएस अधिकारी ने लिखी है। जो फिलहाल उनपर ही सबसे मुफीद बैठती हैं।
ये हैं वो जांबाज IAS अफसर जिसने योगी को 11 दिनों के लिए भेजा जेल, अब चुका रहे उसकी कीमत
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 07 May 2017 06:03 PM IST
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