ट्विन टावर ध्वस्त होने के बाद लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने छह एंबुलेंस और चार अस्पतालों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को विभाग के अधिकारियों ने अस्पतालों की तैयारियों का जायजा लिया।
Noida Twin Towers Demolition : कुछ दिन खिड़की न खोलें, सुबह सैर से बचें, आज से कंट्रोलरूम में कर सकेंगे शिकायत
ट्विन टावर के ध्वस्तीकरण के बाद धूल के गुबार से निपटना बड़ी चुनौती होगी। इसमें स्मॉग गन, स्प्रिंक्लर और दमकल की गाड़ियों के साथ हवा की भूमिका भी अहम होगी। अगर उस समय हवा चली तो धूल का गुबार जल्द खत्म हो जाएगा।
सीएमओ डॉ. सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य संबंधित समस्या होने पर हेल्पलाइन नंबर पर सूचना देनी होगी। इसके अलावा जेपी अस्पताल, फेलिक्स अस्पताल, यथार्थ अस्पताल और सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।
शिकायत के लिए आज शुरू हो जाएगा कंट्रोल रूम
प्राधिकरण की ओर से ट्विन टावर के ध्वस्तीकरण को लेकर एक कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। यहां ध्वस्तीकरण के बाद आने वाली परेशानियों का समाधान कराया जाएगा। आपदा प्रबंधन की टीम के अलावा चिकित्सा संबंधी सहायता भी मुहैया कराई जाएगी। कंट्रोल रूम रविवार सुबह 6 बजे से शुरू होगा, जो 30 अगस्त तक संचालित रहेगा। सूचना एवं शिकायत के लिए 0120-2425301, 0120-2425302 और 0120-2425025 पर संपर्क किया जा सकेगा।
धूल के गुबार को रोकना बड़ी चुनौती
ट्विन टावर के ध्वस्तीकरण के बाद धूल के गुबार से निपटना बड़ी चुनौती होगी। इसमें स्मॉग गन, स्प्रिंक्लर और दमकल की गाड़ियों के साथ हवा की भूमिका भी अहम होगी। अगर उस समय हवा चली तो धूल का गुबार जल्द खत्म हो जाएगा।
जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने शनिवार को ट्विन टावर के ध्वस्तीकरण को लेकर विभिन्न विभागों के साथ ऑनलाइन बैठक की। इसमें आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने ध्वस्तीकरण के बाद धूल के गुबार की रणनीति की जानकारी ली। दमकल विभाग की आठ गाड़ियां मौके पर तैनात रहेंगी। ध्वस्तीकरण के बाद इन गाड़ियों से पानी का छिड़काव किया जाएगा। साथ ही, अगर आग की घटना होती है तो फिर उस पर काबू पाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने दमकल विभाग से कहा कि दमकल गाड़ियों की संख्या में इजाफा करें। कंपनियों की गाड़ियों की भी सहायता ली जाए। इन गाड़ियों को एक्सप्रेस-वे पर लगाया जाएगा। अन्य जनपदों की गाड़ियों को भी अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ी तो गाड़ियों को बुलाया जा सके। बैठक में यूपीपीसीबी के अफसरों ने बताया कि करीब 10 एंटी स्मॉग गन को लगाया गया है। इससे धूल को खत्म करने का प्रयास किया जाएगा। स्मॉग गन की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए। सभी बिल्डरों की स्मॉग गन ट्विन टावर के पास लगाने को कहा गया है।
31 अगस्त तक होगी वायु प्रदूषण की निगरानी
यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ट्विन टावर के आसपास छह से अधिक अस्थायी मशीनों को लगाया है। इनकी मदद से टीम 31 अगस्त तक वायु प्रदूषण पर निगरानी रखेगी। रोजाना दस बजे वायु प्रदूषण के आंकड़े जारी किए जाएंगे। साथ ही, अन्य मशीनों से भी वायु गुणवत्ता सूचकांक देखा जाएगा। अफसरों ने बताया कि करीब 15 मिनट में धूल हटने की संभावना है।
ध्वस्तीकरण के तुरंत बाद शुरू होगा पानी का छिड़काव
सीईओ रितु माहेश्वरी ने सुबह 11 बजे से ध्वस्तीकरण साइट के पास 100 वाटर टैंकर, 15 एंटी स्मॉग गन, 6 मेकेनिकल स्वीपिंग मशीनें, करीब 200 सफाई कर्मचारी और 20 ट्रैक्टर ट्रॉली तैयार रखने के आदेश दिए। उद्यान विभाग की समीक्षा की गई कि पानी के छिड़काव के लिए कितनी तैयारी है। प्राधिकरण का जल विभाग एटीएस और एमराल्ड कोर्ट में पानी की आपूर्ति मुहैया कराएगा। यह कार्य दो दिन तक लगातार चलेगा। ध्वस्तीकरण के बाद धूल के प्रभाव से बचने के लिए ध्वस्तीकरण स्थल के समीप स्थित पार्श्वनाथ प्रेस्टीज एवं पार्श्वनाथ सृष्टि सोसाइटी, गेझा, सेक्टर-92, 93, 93ए, 93बी आदि आवासीय क्षेत्रों में निवासियों, बच्चों, बुजुर्गों व सांस के रोगियों को एहतियात के तौर पर मास्क लगाने की अपील की गई है।