फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

गैंगरेप का शिकार हुई अस्पताल से घर लौट रही नर्स ने बताया, क्यों पिता ने यहां खरीदा मकान 

Mon, 25 Sep 2017 09:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Mon, 25 Sep 2017 09:23 AM IST
विज्ञापन
nurse gang rape on nh 58: father bought house near highway to help children

हाईवे पर महिलाओं से दरिंदगी थमने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार रात करीब नौ बजे गाजियाबाद में एनएच-58 से नर्स को अगवा कर दो युवकों ने उसे पास के खेत में ले जाकर रेप किया। विरोध पर लात-घूंसों से पीटा और मोबाइल छीनकर उसका अश्लील वीडियो भी बनाया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। घटना ने जेवर रेप कांड के बाद पुलिस की हाईवे सुरक्षा की पोल भी खोल दी है। एनएच-58 राजनगर एक्सटेंशन से सटी एक कालोनी में रहने वाली पीड़िता कुछ ही दूरी पर स्थित एक निजी अस्पताल में नर्स है। शुक्रवार रात वह ड्यूटी खत्म कर अस्पताल से पैदल घर लौट रही थी।

nurse gang rape on nh 58: father bought house near highway to help children

गैंगरेप पीड़िता के पिता एनएच-58 पर इसलिए बसे की सेवानिवृत्ति के बाद उनके बच्चों को सुविधा हो और पढ़ाई से लेकर कामकाज करने के लिए आने-जाने में दिक्कत न हो। पर क्या पता था कि हाईवे पर बसने का फैसला एक दिन ऐसी टीस देगा, जिसका दर्द जीवन भर सालता रहेगा। गैंगरेप पीड़िता की मानें तो वह रोज की तरह काम से लौट रही थी। सड़क पर सन्नाटा तो था लेकिन हाईवे पर गुजरती गाड़ियों का शोर पैदल चलने का हौसला दे रहा था। 

nurse gang rape on nh 58: father bought house near highway to help children

क्या पता था कि जब हैवान हैवानियत करेंगे तो सुरक्षा का हौसला देने वाली यही गाड़ियां उसकी चीखों से भी नहीं रुकेंगी। आपाधापी में तेजी से भाग रहीं गाड़ियों से कोई मदद का हाथ भी नहीं बढ़ेगा। बदहवास और अपनी अस्मत बचाने के लिए गैंगरेप पीड़िता ने मदद का हाथ बढ़ाया तो था लेकिन बेटियों को सांझी विरासत कहने वाली संस्कृति के देश में एक कार भी नहीं रुकी। हादसे के बाद गैंगरेप पीड़िता की आंखें दर्द और आंसुओं से कराहती हुई शून्य में निहार रही हैं। मानो यह आंखें कह रहीं हों कि मेरा कसूर क्या है।

विज्ञापन
विज्ञापन
nurse gang rape on nh 58: father bought house near highway to help children
- फोटो : डेमो प‌िक

इस संदर्भ में जब अमर उजाला ने पूर्व राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा से बात की तो उनका कहना था कि यह बेहद दुखद है। इस दर्द की भरपाई नहीं हो सकती। हैवानियत के इतिहास में जाएं तो निर्भया के केस के बाद महिला सुरक्षा को लेकर जो भी बातें हुई थीं या काम हुआ था, वह आखिर है कहां। बेटियां आज भी दरिंदों का शिकार बन रही हैं। शासन में महिलाओं को लेकर जो संवेदनशीलता होनी चाहिए है, वह दिख नहीं रहा। महिलाओं के लिए काम कौन कर रहा है।

विज्ञापन
nurse gang rape on nh 58: father bought house near highway to help children
सांकेतिक चित्र

उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा तोमर का कहना है कि यह ऐसा हादसा है, जिसकी भरपाई करना मुश्किल है। वैसे हम कोशिश करेंगे की अपराधी तुरंत पकड़े जाएं। इसके लिए डीएम और एसएसपी से बात की है। आयोग पीड़िता और परिवार की मदद करेगा। उन्हें जैसी भी सहायता की जरूरत होगी, दी जाएगी। यह इतना संवेदनशील मामला है कि पीड़िता को मानसिक दबाव से निकालना पहली चुनौती है। इसके लिए तुरंत काउंसलिंग की व्यवस्था की जा रही है। आरोपियों को कड़ी सजा मिले इसके लिए काम करना है। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed