भोंडसी के रायन इंटरनेशनल स्कूल में सात वर्षीय प्रद्युम्न की हत्या के मामले मेें गिरफ्तार तीनों आरोपियों को सोमवार को गुरुग्राम स्थित स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। अतिरिक्त सत्र न्यायधीश रजनी यादव की कोर्ट में सुनवाई हुई। स्पेशल कोर्ट में पेशी के मामले को पुलिस ने संजीदगी से नहीं लिया। पर्याप्त सबूत और दस्तावेज के बिना कोर्ट पहुंची पुलिस को कोर्ट ने जमकर फटकार लगाई। (सभी फोटोः सुदर्शन/अमर उजाला)
प्रद्युम्न हत्याकांड : 10 दिन बाद खुला स्कूल, सहमे दिखे बच्चे
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दस्तावेज पूरे नहीं होने के कारण चार बार कोर्ट लगी। अंत में हत्यारोपी अशोक, स्कूल प्रबंधन के दो अधिकारियों फ्रांसिस थॉमस और जेयस थॉमस को स्पेशल कोर्ट ने 29 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया। देरशाम प्रशासक जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्कूल को सुरक्षा संबंधी खामियां दूर करने के लिए 25 सितंबर तक बंद करने का निर्णय लिया गया।
दूसरी ओर, प्रद्युम्न की हत्या के बाद सोमवार को भोंडसी स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल खुला। पहले दिन अभिभावक अपने बच्चों को साथ लेकर पहुंचे। स्कूल में करीब 250 विद्यार्थियों की ही उपस्थिति रही। कई अभिभावक बुरी तरह डरे हैं। बच्चों को सुरक्षा को लेकर चिंतिति लोगों ने स्कूल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जिला प्रशासन द्वारा स्कूल मैनेजमेंट अपने अधीन लेने के बाद बतौर प्रशासक उपायुक्त विनय प्रताप ने सोमवार सुबह स्कूल में जिम्मा संभाला और सभी शिक्षकों के साथ बैठक की।
उधर, अभिभावक स्कूल में सुरक्षा की स्थिति को लेकर संतुष्ट नहीं हैं। कई असंतुष्ट अभिभावकों ने अपने बच्चों का नाम कटवाने के लिए आवेदन तक कर दिया है। प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर ने स्कूल खुलने के बाद सबूत नष्ट का अंदेशा जताया है। हालांकि जिला प्रशासन का दावा है कि मौका-ए-वारदात सील है, ताकि कोई भी व्यक्ति सबूतों के साथ छेड़छाड़ न कर सके।
सीबीएसई की ओर से विद्यालय प्रबंधन को सुरक्षा खामियों को लेकर सोमवार को एक नोटिस मिला है। इसका जवाब 15 दिन में मांगा गया है। तीन माह के लिए बतौर प्रशासक उपायुक्त के प्रबंधन संभालने की तैयारी की जा रही है। उपायुक्त ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से संबंधित सभी कमियों को जल्द पूरा किया जाएगा, ताकि अभिभावक बच्चों को स्कूल छोड़ने आएं तो सुरक्षा के प्रति पूरी तरह आश्वस्त हों। विद्यालय में विद्यार्थियों की सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर करने के लिए समयबद्ध तरीके से काम किया जाएगा और विद्यालय के पोर्टल से अभिभावकों को हर कार्य की समयसीमा के बारे में सूचित किया जाएगा।