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30 डॉक्टरों की टीम ने मिलकर किया जुड़वा बच्चों को ऐसे अलग कि 36 घंटों बाद खिले सभी के चेहरे

Fri, 27 Oct 2017 11:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 27 Oct 2017 11:36 AM IST
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team of thirty doctor operated for thirty six hours to separate the two child who were born together
jagga and kaliya - फोटो : अमर उजाला

कहते हैं जाको राखे साईंया, मार सके ना कोय। यह कहावत एक बार फिर साबित हुई है देश के सबसे बड़े चिकित्सीय संस्थान एम्स में। यहां के डॉक्टरों की कोशिश से जग्गा और कलिया के शरीर और जान आखिर अलग हो गये। मां के पेट से एक साथ जन्म लेने के बाद ढाई साल तक दोनों एक-दूसरे से जुड़े रहे। इनकी सलामती की लाखों-करोड़ों लोगों की दुआएं कबूल हुईं।

team of thirty doctor operated for thirty six hours to separate the two child who were born together
jagga and kaliya - फोटो : अमर उजाला

एम्स के 30 डॉक्टरों सहित 80 लोगों की चिकित्सीय टीम ने 36 घंटे के बाद गुरुवार तड़के 3 बजे ऑपरेशन पूरा किया। ऑपरेशन थिएटर से बाहर आते वक्त डॉक्टरों के खिलखिलाते चेहरे उनकी खुशी को बयां कर रहे थे। हालांकि आने वाले 20 दिन अभी इन भाइयों के लिए चुनौतियों से भरे बताए जा रहे हैं।

team of thirty doctor operated for thirty six hours to separate the two child who were born together
jagga and kaliya - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि उड़ीसा निवासी जग्गा और कलिया जन्म से ही एक-दूसरे से जुड़े हुए थे। इनके दिमाग का 30 फीसदी हिस्सा आपस में जुड़ा था। 13 जुलाई को एम्स आने के बाद पहली सर्जरी 28 अगस्त को 20 डॉक्टरों ने मिलकर की थी। इसके बाद दूसरी सर्जरी बुधवार सुबह 9 बजे से शुरू हुई थी। रात करीब 9 बजकर 55 मिनट पर ऑपरेशन पूरा हुआ। इसके बाद गुरुवार सुबह 9 बजे तक प्लास्टिक सर्जरी भी पूरी हुई।
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team of thirty doctor operated for thirty six hours to separate the two child who were born together
jagga and kaliya - फोटो : अमर उजाला

चुनौतियों से भरा था यह केस
न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. एके महापात्रा ने बताया कि यह केस काफी चुनौतियों से भरा था। डॉक्टर जो भी डोज दे रहे थे वह कलिया के शरीर में न पहुंचकर जग्गा को पहुंच रही थी। दोनों की खून की नस एक थी। इसलिए सबसे पहले एक नई नस तैयार की गई। फिर त्वचा और इसके बाद प्रोटीन, न्यूट्रीशन व रक्त संचार का रास्ता बनाया गया। तब जाकर यह ऑपरेशन किया। चूंकि जग्गा को हार्ट और कलिया को किडनी संबंधी परेशानी है। इसलिए ऑपरेशन के वक्त उनके लिए यह बड़ी चुनौती बना। वहीं, करीब साढ़े तीन यूनिट रक्त भी लग गया।

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jagga and kaliya - फोटो : अमर उजाला

अभी रिकवरी में लगेगा वक्त
न्यूरो सजरी विभाग के डॉ. एसएस काले ने कहा कि जितना वक्त ऑपरेशन में लगा, इससे ज्यादा रिकवरी में लगेगा। अभी दोनों आईसीयू में बेहोशी की हालत में हैं। चूंकि ऐसे मामले बहुत ही कम होते हैं। साथ ही इनमें 90 फीसदी तक बचने की संभावना नहीं होती इसलिए अभी कुछ भी कहना एम्स के लिए ठीक नहीं।

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