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उत्तर भारत में मानसूनी आफत: प्रयागराज हुआ पानी-पानी, हिमाचल और उत्तराखंड में भूस्खलन से तीन-तीन लोगों की मौत
Thu, 20 Aug 2026 05:23 PM IST
विकास कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज/देहरादून/शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज/देहरादून/शिमला
Published by: विकास कुमार
Updated Thu, 20 Aug 2026 05:23 PM IST
सार
देश की पहाड़ी राज्यों (हिमाचल और उत्तराखंड) में जहां बारिश से लैंडस्लाइड और जान-माल का नुकसान हो रहा है, वहीं मैदानी राज्य (यूपी) में नदियों के उफान से बाढ़ का गंभीर संकट पैदा हो गया है।
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उत्तर भारत में बारिश और भूस्खलन से बढ़ी मुसीबत
- फोटो : अमर उजाला
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मानसूनी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश में गंगा और यमुना के उफान से बाढ़ का संकट गहरा गया है, वहीं पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और मकान ढहने जैसी घटनाओं में कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
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प्रयागराज में जल भराव।
- फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश: प्रयागराज में मंडराया बाढ़ का संकट
कानपुर गंगा बैराज के सभी 30 गेट खोल दिए गए हैं, जहां से 2,95,637 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड गंगा नदी में छोड़ा जा रहा है। 24 घंटे के भीतर यमुना का जलस्तर नैनी में 59 सेंटीमीटर और छतनाग में 57 सेंटीमीटर बढ़ गया है। फाफामऊ में गंगा 80.39 मीटर पर बह रही है, जो प्रयागराज के 84.734 मीटर के खतरे के निशान से लगभग 4.34 मीटर नीचे है। कानपुर से छोड़े जा रहे इस पानी के कारण प्रयागराज और कौशांबी के कछारी व निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा काफी बढ़ गया है।
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हिमाचल में मानसून कहर बरपा रहा।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
हिमाचल प्रदेश: भूस्खलन और जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त
कमरऊ क्षेत्र के बागनाधार स्थित खदान में हुए भूस्खलन में दबे तीनों मजदूरों के शव मलबे से बरामद कर लिए गए हैं। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, प्रदेश में 167 सड़कें, 222 पेयजल योजनाएं और 130 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं। कालका-शिमला रेललाइन पर मलबा आने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से चार ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं, जबकि सुजानपुर टीहरा में सर्वाधिक 156.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। 30 जून से 19 अगस्त तक इस मानसून सीजन में राज्य में 205 लोगों की मौत हो चुकी है और कुल 11,03,326.75 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान आंका गया है।
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उत्तराखंड
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उत्तराखंड: कोटद्वार में मकान ढहने से तीन लोगों की मौत
द्वारीखाल ब्लॉक के महरगांव में भारी बारिश के दौरान पहाड़ी से गिरे मलबे की चपेट में आकर एक मकान ढह गया। इस दर्दनाक हादसे में एक दो वर्षीय बच्चे (रुद्रांश), एक वृद्धा (मथुरा देवी) और एक पुरुष (धीरेंद्र सिंह) की मलबे में दबने से जान चली गई। एसडीआरएफ और प्रशासन की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला (विदेश्वरी देवी) को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जिला प्रशासन द्वारा मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये और क्षतिग्रस्त मकान के लिए दो लाख रुपये की फौरी सहायता प्रदान की गई है।
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