JEE Mains Result 2022 Tie Breaking Policy: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन के दोनों सेशन का फाइनल रिजल्ट और एनटीए रैंक सूची शनिवार, छह अगस्त को जारी की जा सकती है। इसके साथ ही जेईई एडवांस्ड परीक्षा के लिए पात्रता सूची भी जारी की जाएगी। हालांकि, बीते साल टॉपर्स में 18 उम्मीदवारों के ऑल इंडिया रैंक-1 पाने के बाद से ही टाई ब्रेकर फॉर्मूला और पॉलिसी में बदलाव किए गए थे। ऐसे में उम्मीदवारों को यह जान लेना चाहिए कि इस बार रैंक कैसे तैयार की जाएगी।
JEE Main 2022 Result: एनटीए का नया जेईई मेन रैंक टाई ब्रेकर पॉलिसी, जानें कैसे तैयार होगी रैंक
NTA JEE Main Result 2022 Tie Breaking Policy: बीते साल टॉपर्स में 18 उम्मीदवारों के ऑल इंडिया रैंक-1 पाने के बाद से ही टाई ब्रेकर फॉर्मूला और पॉलिसी में बदलाव किए गए थे। ऐसे में उम्मीदवारों को यह जान लेना चाहिए कि इस बार रैंक कैसे तैयार की जाएगी।
एक से अधिक विद्यार्थियों का एक ही रैंक पाना मुश्किल
एनटीए जेईई स्कोर रैंक में इस वर्ष ऑल इंडिया रैंक में एक स्थान पर एक ही विद्यार्थी रहेगा, क्योंकि गत वर्ष के परिणामों से सीख लेते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा दो विद्यार्थियों के एनटीए स्कोर में टाई लगाने के ऐसे मापदंड तय किए थे कि अब एक से अधिक विद्यार्थियों की ऑल इंडिया रैंक-1 पर आना संभव नहीं है। गत वर्ष जेईई मेन 2021 के चारों चरण के रिजल्ट के बाद जारी ऑल इंडिया रैंक लिस्ट में पहले स्थान पर संयुक्त तौर पर 18 विद्यार्थी काबिज थे। जेईई मेन जून 24 से 30 जून तथा जुलाई सेशन 25 से 30 जुलाई के मध्य आयोजित की गई थी, जिसमें नौ लाख से अधिक यूनिक कैंडिडेट शामिल हुए।
इस बारे में इंजीनियरिंग करिअर काउंसलर एवं जेईई एक्सपर्ट अमित आहूजा बताते हैं कि जेईई मेन जून अटेम्प्ट यानी पहले चरण में कुछ विद्यार्थी ऐसे भी हैं जिनके 300 में से 300 अंक के परफेक्ट स्कोर आ रहे हैं। ऐसे ही जुलाई सेशन यानी दूसरे चरण में भी कुछ विद्यार्थी ऐसे हो सकते हैं, जिन्हें 300 में से 300 अंक मिलें। ऐसे में से इनमें से एआईआर रैंक - 1 किसे दी जाए यह बड़ा सवाल रहता है। आहूजा ने बताया कि इस वर्ष पहली बार विद्यार्थियों के हायर एनटीए स्कोर में टाई लगाने पर रैंक के निर्धारण के लिए नौ मापदंड निर्धारित किए हैं।
इन विद्यार्थियों के ऑल इंडिया रैंक निकालने के लिए सबसे अंतिम मापदंड के रूप में आयु एवं जेईई मेन आवेदन क्रमांक का आरोही क्रम (Ascending Order) ही निर्धारण होगा। ऐसे में जिन विद्यार्थियों के 300 अंक आने के साथ-साथ 100 पर्सेंटाइल भी है, उन विद्यार्थियों की शीर्ष ऑल इंडिया रैंक आयु एवं जेईई मेन आवेदन क्रमांक के आधार पर जारी की जाएगी। ऐसे में यह संभावना बिल्कुल कम हो जाती है कि दो विद्यार्थियों की आयु के साथ आवेदन क्रमांक भी समान हो। क्योंकि आयु समान भी हुई होगी तो एप्लीकेशन नंबर समान नहीं हो सकता है।
-
यदि दो विद्यार्थियों के टोटल एनटीए स्कोर समान आते हैं तो ऑल इंडिया रैंक निर्धारण में सबसे पहले मैथेमेटिक्स का एनटीए स्कोर देखा जाएगा। -
यह समान होने पर फिजिक्स का एनटीए स्कोर देखा जाएगा। -
इसके बाद केमिस्ट्री का एनटीए स्कोर देखा जाएगा। -
फिर सही और गलत उत्तरों की संख्या का अनुपात देखा जाएगा। -
इस स्थिति में टाई लगने पर विषयवार मैथेमेटिक्स के सही व गलत उत्तरों की संख्या का अनुपात देखा जाएगा। -
यहां भी टाई लगने पर फिजिक्स के सही और गलत उत्तरों की संख्या का अनुपात कंसीडर किया जाएगा। -
उसमें टाई लगने पर केमिस्ट्री के सही एवं गलत उत्तरों की संख्या का अनुपात देखा जाएगा। -
उपरोक्त सभी मापदंडों में भी टाई लगने की स्थिति में जिस विद्यार्थी की आयु ज्यादा होगी, उसे ऑल इंडिया रैंक में प्राथमिकता दी जाएगी। -
आयु के मापदंड के स्तर पर ही भी यदि टाई की स्थिति बनती है आवेदन क्रमांक के आरोही क्रम (Ascending Order) को प्राथमिकता दी जाएगी।