इवेंट मैनेजमेंट मार्केटिंग और एडवरटाइजिंग का मिला जुला रूप है, जो उत्साह और रोमांच से भरपूर है। यह कमाल का फील्ड है। इसमें विजुअलाइजेशन है, क्रिएटिविटी है, प्लानिंग, वेन्यू मैनेजमेंट और भरपूर एक्साइटमेंट है। यह नए जमाने का करियर है। सब जानते हैं कि सोशलाइजिंग का ट्रेंड बढ़ रहा है और तमाम आयोजन इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों द्वारा ही मैनेज किए जा रहे हैं। ऐसे में इस फील्ड में करियर बनाना एक अच्छा कदम हो सकता है। आइये जानते हैं इसके बारे में...
12वीं के बाद इवेंट मैनेजमेंट में करियर बनाना होगा बेहतर, भविष्य बनेगा सुनहरा
नेचर ऑफ वर्क-
इवेंट मैनेजमेंट में अलग-अलग तरह के कार्यों को सही समय पर और पूरी सटीकता के साथ जोड़ना ही सफलता की सीढ़ी है। जिसने इस काम को क्लाइंट के मुताबिक दिए गए समय पर और दिए हुए बजट में बिना किसी परेशानी के पूरा कर लिया, वही सफल इवेंट मैनेजर है। इस फील्ड में समय का दबाव हमेशा रहता है, क्वालिटी को लेकर हमेशा किच-किच रहती है और कमी निकालने की गुंजाइश बची रहती है। इस काम का नेचर ही ऐसा है कि पसंद और नापसंद के बीच बड़ी बारीक रेखा होती है। इवेंट के आयोजन से पहले बजट, वेन्यू, मेन्यू, सेलिब्रेटी को लेकर बड़ी आपाधापी मची रहती है। लेकिन यही आपाधापी इस काम का अनिवार्य हिस्सा है, जो काम पूरा होने पर सुकून और पैसा दोनों देती है।
स्किल्स और योग्यता-
इवेंट मैनेजमेंट के काम में अलग-अलग तरह के गुणों की जरूरत होती है। काम करते रहने से उनमें निरंतर सुधार भी होता रहता है। चाहे लीडरशिप क्वालिटी हो, पीआर स्किल हो, मार्केटिंग स्किल हो, बजट बनाने का स्किल हो या रिस्क मैनेजमेंट स्किल हो, ये सारे स्किल्स इसमें काम आते हैं। उनमें निरंतर निखार भी आता रहता है। हर व्यक्ति जो इवेंट मैनेजमेंट से जुड़ना चाहता है, उसे यह पता होना चाहिए कि उसमें इनमें से कौन-कौन से स्किल्स हैं, जिनकी जरूरत इस काम में पड़ती है और जिनके बिना इस काम में आना गैर समझदारी का निर्णय हो सकता है। पहले तो इवेंट के फील्ड में एंट्री के लिए किसी खास योग्यता या पढ़ाई की दरकार नहीं थी, लेकिन अब पढ़ाई का रास्ता भी खुल गया है। आपने अगर 12वीं पास कर लिया है तो आप इसमें डिग्री, डिप्लोमा कर सकते हैं।
कोर्स-
इसके प्रमुख कोर्स हैं- डिप्लोमा इन इवेंट मैनेजमेंट, पीजी डिप्लोमा इन इवेंट मैनेजमेंट, एडवांस्ड डिप्लोमा इन इवेंट मैनेजमेंट, पीजी डिप्लोमा इन इवेंट मैनेजमेंट एंड पीआर, पीजी डिप्लोमा इन इवेंट मैनेजमेंट एंड एक्टिवेशन, आदि। इन पाठ्यक्रमों के तहत आप क्लाइंट सर्विसिंग एंड प्रेजेंटेशन स्किल्स, सेट डिजाइन, इवेंट प्लानिंग एंड कॉस्टिंग, इवेंट ब्रांडिंग, प्रोडक्शन एंव तकनीक, सेलेब्रिटी और आर्टिस्ट मैनेजमेंट, मीडिया मैनेजमेंट, पब्लिक रिलेशन एवं मार्केटिंग जैसे विषय पढ़कर इस फील्ड में महारथ हासिल कर सकते हैं।
संभावनाएं-
जितनी जल्दी आप इवेंट के काम को समझ जाएंगे उतनी जल्दी आप इसमें कामयाबी हासिल कर लेंगे। इसमें सबसे महत्वपूर्ण होता है क्लाइंट को संतुष्ट करना। अगर आपने यह कर लिया तो वारे-न्यारे। आप एग्जीक्यूटिव से करियर शुरू कर मैनेजर तक बन सकते हैं। इवेंट मैनेजमेंट कंपनियां, काॅर्पोरेट हाउस, मीडिया हाउस व प्रोडक्शन में तो आपकी डिमांड होगी ही, आप खुद की इवेंट मैनेजमेंट कंपनी भी खोल सकते हैं। यानि स्वरोजगार की दृष्टि से भी इसमें करियर बनाना बेहतर है।