दिग्गज गायिका आशा भोसले के निधन से पूरा संगीत और फिल्म जगत शोक में डूब गया है। परिवार और मित्र उनके अंतिम संस्कार के लिए एकत्रित हो रहे हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर 'मोदी आर्काइव' ने इस महान गायिका के जीवन को याद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वर्षों में हुई उनकी बातचीत को साझा किया है। पोस्ट में वर्षों पहले हुई पहली मुलाकात का जिक्र है, जिसने उनके रिश्ते की नींव रखी। साथ ही आशा भोसले के पीएम मोदी के 75वें जन्मदिन पर दी गई शुभकामनाओं और तारीफ के बारे में भी बताया गया है।
Asha Bhosle: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छोटा भाई मानती थीं आशा भोसले, यहां जानें कैसे हुई पहली मुलाकात
Prime Minister Narendra Modi And Asha Bhosle Meeting Archive Details: मशहूर और दिग्गज गायिका आशा भाेसले अब हमारे बीच नहीं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके निधन पर शोक प्रकट किया। बीते वर्षों में आशा भोसले और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई बार मुलाकात हुई। इन मुलाकातों में उनके बीच किस तरह का वार्तालाप हुआ? यहां जानिए।
यहां हुई थी पहली मुलाकात
आशा भोसले और नरेंद्र मोदी की पहली मुलाकात 2013 में पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल के उद्घाटन के मौके पर हुई थी। मोदी आर्काइव ने बताया, ‘वो 2013 में पुणे के दीनानाथ मंगेशकर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के उद्घाटन के अवसर पर आमने-सामने मिले थे। यह अस्पताल उनके पिता की स्मृति में बनाया गया था। मंच पर बैठने से पहले नरेंद्र मोदी ने आशा भोसले से पूछा, ‘दीदी, कैसी हैं आप?’ फिर आशा भोसले ने उन्हें एक गुजराती गीत सुनाया। जाते समय उन्होंने हाथ जोड़कर कहा, ‘दीदी, मैं जा रहा हूं। बाद में मिलेंगे।’ उस दिन से उनकी पोती उन्हें अपने छोटे भाई की तरह मानने लगीं। साथ में उनका 10 साल का पोता भी था।
आर्काइव में आगे लिखा गया कि उस मुलाकात को दस साल बीत गए। एक अन्य कार्यक्रम में उनकी पोती पीएम मोदी के पास बैठ गई। उसने पूछा, ‘क्या आपको मैं याद हूं?’ उन्होंने तुरंत जवाब दिया, ‘एक बार किसी से मिल लूं तो उसे कभी नहीं भूलता।’ आशा भोसले ने बताया कि उनकी पोती हैरान रह गई। 14 लाख लोगों के नेता प्रधानमंत्री को एक दस साल का लड़का याद था, जिससे उनकी मुलाकात दस साल पहले सिर्फ एक बार हुई थी।
पहली बार ग्रहण किया दीनानाथ मंगेशकर सम्मान
इस पोस्ट में आशा भोसले के जीवन के एक बेहद भावुक दौर का भी जिक्र किया गया है। अक्तूबर 2015 में आशा भोसले ने अपने बेटे हेमंत को खो दिया। आशा ने दिल्ली एक कार्यक्रम में शामिल न हो पाने पर पीएम मोदी को पत्र लिखकर माफी मांगी।
पीएम ने जवाब दिया, ‘प्रिय आशा भोसले ताई, आपके बेटे के दुर्भाग्यपूर्ण निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं आपके साथ हैं। इसके बाद 2016 में आशा भोसले अरुणाचल प्रदेश के बोमडिला गईं। उन्होंने वहां एक-एक करके जवानों को राखी बांधी। उन्होंने बताया कि वे घर लौटते समय बहुत भावुक थीं।
फिर, अप्रैल 2022 में पीएम मोदी ने मुंबई के शनमुखानंद हॉल में पहला लता दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार ग्रहण किया। वो कभी कोई सम्मान स्वीकार नहीं करते, लेकिन लता मंगेशकर को वो दीदी मनते थे, इसलिए वो कार्यक्रम में शामिल हुए और सम्मान लिया।
पीएम मोदी के 75वें जन्मदिन पर की थी तारीफ
5 अक्तूबर 2024 को एक समारोह में आशा भोसले ने मराठी भाषा को शास्त्रीय दर्जा दिए जाने पर पीएम मोदी की प्रशंसा की। 2025 में पीएम मोदी के 75वें जन्मदिन पर आशा भोसले ने एक वीडियो संदेश रिकॉर्ड किया। इसमें उन्होंने कहा, ‘हमारे लिए एक घर संभालना मुश्किल है।
प्रधानमंत्री मोदी इतने बड़े देश की देखभाल कर रहे हैं। वे सुबह 4 बजे उठकर योग करते हैं। मुझे उनका अनुशासन पसंद है। मैंने कभी उनके मुंह से किसी के बारे में कुछ बुरा नहीं सुना। मैंने हमारे सभी प्रधानमंत्रियों को देखा है। आज 90 साल की उम्र में मैं इस निष्कर्ष पर पहुंची हूं कि पिछले 10 साल में भारत समृद्ध हुआ है।
आशा भोसले का जन्म 1933 में हुआ था। उन्होंने कई यादगार नगमों को अपनी आवाज से लोकप्रिय बनाया। 12 अप्रैल 2026 को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में 92 साल की उम्र में आशा भोसले का निधन हो गया।