भोजपुरी सिनेमा में पहली बार अवॉर्ड्स का आयोजन साल 2005 में हुआ। अगर कोरोना महामारी से साल को छोड़ दे तो इस अवॉर्ड्स का आयोजन हर साल होता है। इस बार 18वें भोजपुरी अवॉर्ड्स का आयोजन अथर्वा कॉलेज, मलाड में हुआ, जिसमें भोजपुरी सिनेमा का कोई बड़ा सितारा नजारा नहीं आया। समारोह की खासियत यह रही है कि इसके आयोजक विनोद गुप्ता ने अपनी ही फिल्म 'आन बान शान' को छह मुख्य अवॉर्ड देकर आयोजकों, जूरी और भोजपुरी अवॉर्ड्स का मजाक बना दिया।
Bhojpuri Film Awards 2023: इसलिए नहीं पनप रहा भोजपुरी सिनेमा, अवॉर्ड्स के नाम पर मजाक की यह खबर सच बताएगी...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इन अवॉर्ड्स के आयोजक विनोद गुप्ता खुद भी भोजपुरी निर्माता के रूप में सक्रिय हैं। उन्होंने अपनी ही फिल्म 'आन बान शान' को मुख्य कैटेगरी के छह अवॉर्ड्स देकर न सिर्फ अपने आयोजन की, बल्कि भोजपुरी अवॉर्ड्स की भी विश्वसनीयता खो दी। वैसे भी भोजपुरी सिनेमा में अब तक जितने भी अवॉर्ड्स हुए हैं उनमें भी हिंदी सिनेमा के अवॉर्ड्स की तरह यही बात नजर आई कि जो सितारे अवॉर्ड कार्यक्रम में शिरकत करने आते हैं, उनको ही अवॉर्ड दे दिया जाता है। शनिवार को आयोजित भोजपुरी अवॉर्ड कार्यक्रम में अभिनेता अरविंद अकेला कल्लू उपस्थित रहे, उन्होंने अभिनेत्री काजल यादव के साथ मंच पर परफॉर्मेंस दी।
Khushi Kapoor: खुशी कपूर ने इस वजह से 'द आर्चीज' के प्रीमियर पर पहना था श्रीदेवी का गाउन, बोलीं- मां का साथ...
इस अवॉर्ड शो मेजबानी भी भोजपुरी सिनेमा का कोई स्टार नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा के अभिनेता राजा गुरु ने की। बताया जाता है कि अवॉर्ड शो की मेजबानी के लिए जब कोई स्टार राजी नहीं हुआ तो आनन फानन में आयोजक ने एक दिन पहले राजा गुरु को अवॉर्ड शो की मेजबानी करने की जिम्मेदारी दी। राजा गुरु ने विनोद गुप्ता की फिल्म 'आन बान शान' से भोजपुरी सिनेमा में डेब्यू किया है। अवॉर्ड शो के दौरान कुणाल सिंह, रानी चटर्जी, संभावना सेठ, सुरेंद्र पाल, रंजन सिंह, अशोक पंडित और अली खान आदि मौजूद रहे।
Sajid Khan: 'हर कोई दूसरे मौके का हकदार होता है', साजिद खान ने अरबाज-शूरा को बधाई देते हुए जाहिर की खुशी
अवॉर्ड्स की पूरी सूची यहां पढ़ सकते हैं।
फिल्म-आन बान शान
सर्वश्रेष्ठ फिल्म निर्देशक- प्रमोद शास्त्री
सर्वश्रेष्ठ निर्माता - विनोद गुप्ता
सर्वश्रेष्ठ हीरो - अरविंद अकेला कल्लू
सर्वश्रेष्ठ एडिटर - प्रकाश झा
सर्वश्रेष्ठ विलेन - शैलेंद्र श्रीवास्तव
सर्वश्रेष्ठ एक्टर डेब्यू- राजा गुरु
फिल्म-आशिकी
सर्वश्रेष्ठ एक्टर फीमेल - आम्रपाली दुबे
सर्वश्रेष्ठ सपोर्टिंग एक्टर - कुणाल सिंह
फिल्म-दुल्हनिया लंदन से लाएंगे
सर्वश्रेष्ठ पॉपुलर फिल्म - अभय सिन्हा
सर्वश्रेष्ठ कॉमेडी एक्टर - संजय महानंद
फिल्म-मेरे मीत रे
सर्वश्रेष्ठ एक्टर सपोर्टिंग रोल फीमेल - माया यादव
फिल्म- बोल राधा बोल
सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफर - कानू मुखर्जी
सर्वश्रेष्ठ एक्शन डायरेक्टर - दिलीप यादव
फिल्म-दंडनायक
स्पेशल ज्यूरी अवॉर्ड - यश कुमार मिश्रा
सर्वश्रेष्ठ संवाद - एस के चौहान
स्पेशल सांग- कनक सिंह
फिल्म-डोली सजा के रहना
सर्वश्रेष्ठ म्यूजिक डायरेक्टर - रजनीश मिश्रा, छोटे बाबा
सर्वश्रेष्ठ सिंगर फीमेल - प्रियंका सिंह
सर्वश्रेष्ठ गीतकार - सुमित सिंह चंद्रवंशी
फिल्म-जानवर और इंसान
सर्वश्रेष्ठ पब्लिसिटी डिजाइन - नरसू
अन्य पुरस्कार
सर्वश्रेष्ठ पॉपुलर एक्टर- दिनेश लाल यादव निरहुआ
सर्वश्रेष्ठ पॉपुलर एक्ट्रेस- अंजना सिंह
स्पेशल अवॉर्ड- रानी चटर्जी, संभावना सेठ
लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड- मधु मिश्रा