घाटी में लगातार हो रही टारगेट किलिंग पर 'शक्तिमान' फेम एक्टर मुकेश खन्ना का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने इसके लिए सरकार से गुजारिश की है कि वह घाटी की सुरक्षा पर ध्यान दें। मुकेश खन्ना का कहना है कि देश के लिए चीन और पाकिस्तान से ज्यादा खतरा देश के अंदर मौजूद शत्रुओं से है। हाल ही में एक वीडियो के जरिए मुकेश खन्ना ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष यानी हमारे अमृत महोत्सव के बाद अगर हम अपने देश की समीक्षा करें तो हमें इस बात का अंदाजा होना चाहिए कि इस वक्त हमारे देश की मौजूदा स्थिति में हमारे देश के दो सबसे बड़े शत्रु हैं- चीन और पाकिस्तान। इनसे जूझने के लिए पिछले कई वर्षों से हमारी सरकार, हमारी सेना जुटी हुई है। मोदी सरकार ने काफी मजबूत इंतजाम किए हैं। लेकिन, इन 75 वर्षों में सरकार को जो बड़ी बात नजर आनी चाहिए वो ये कि हमें खतरा बाहरी मुल्कों से नहीं, देश के अंदर मौजूद गद्दारों से है।
Mukesh Khanna: घाटी में टारगेट किलिंग पर फूटा मुकेश खन्ना का गुस्सा, पीएम मोदी को याद दिलाया पुराना वादा
मुकेश खन्ना का कहना है, 'हमें बाहरी मुल्कों से ज्यादा खतरा हमारे अपने देश के अंदर मौजूद जयचंद और मीर जाफर जैसे गद्दारों से है। उससे बढ़कर अगर कहें तो जगह-जगह फैले आतंकवाद से है। हमें देश के अंदर चल रहे इस युद्ध के लिए अपने आप को सक्षम बनाना चाहिए। बाहरी मुल्क और बाहरी शत्रु जब भी हमला करेंगे हम तैयार हैं। हम मुकाबला कर सकते हैं। लेकिन, सरकार और पूरे देश को अपने देश के ही अंदर मौजूद दुश्मनों के खिलाफ खड़ा होना चाहिए।' मुकेश खन्ना ने आगे कहा, 'खासकर कश्मीर की बात करूं तो पिछले कुछ दिनों से जो कश्मीर में घटा है। वो कश्मीर के लिए बहुत ही निराशाजनक और उत्साह को कम करने की बात है। आर्टिकल 370 को हटाने के बाद जो सरकार की कामयाबी हुई थी, हमने बहुत खुशियां मनाई थीं कि कश्मीर अब भारत का अभिन्न अंग हो गया है। हमें लगा था कि 25 वर्षों से भी अधिक वक्त से अपने ही देश में शरणार्थी बनकर रह रहे विस्थापित कश्मीरी पंडित अब अपने घरों में लौटेंगे।'
मुकेश खन्ना ने कहा, 'मुझे याद है कि 2014 में जब नरेंद्र मोदी जी चुनाव लड़े थे तो उन्होंने कहा था कि मैं अगर जीतकर आया तो मैं कश्मीरी पंडितों को फिर से उनका घर दिलाऊंगा। उस वक्त मेरे मुंह से निकला था कि अगर मोदी जी ये कर गए तो वे सुपरहीरो बन जाएंगे। उन्होंने काफी कुछ किया, लेकिन कुछ निश्चित चीजें अभी बाकी हैं। ये जो टारगेट किलिंग घाटी में हो रही है वह बहुत ही शर्मनाक बात है। इसे रोकना बहुत आसान नहीं है। यह बड़ा मसला है।' मुकेश खन्ना ने कहा, 'हमने आर्टिकल 370 को हटाकर जो बहुत बड़ी उपलब्धि पाई है वो इन सभी घटनाओं से पूरा कमजोर हो रहा है। कश्मीरी पंडितों का भरोसा कम हो रहा है। कश्मीरी पंडित वहां जाकर तब रहेंगे, जब उन्हें सुरक्षा मिलेगी।'
मुकेश खन्ना ने इस दौरान फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फिल्म 'कश्मीर फाइल्स' में भी लोगों ने महसूस किया कि कश्मीरी पंडितों को कैसे डरा-डराकर भगाया गया था। आज वही चीज 370 की जीत के बाद भी है। हमारे देश के अंदर जो घुसे बैठे जो हैं, वो अंदर ही अंदर इस बात का संकेत दे रहे हैं कि आप अभी भी सुरक्षित नहीं हैं। यह किसकी जिम्मेदारी है?' मुकेश खन्ना ने कहा कि पब्लिक कुछ नहीं कर सकती है, पब्लिक तो बेचारी अपने काम में व्यस्त होती है। यह जिम्मेदारी है पुलिस और मिलिट्री पर है। उन्होंने कहा, 'मेरी गुजारिश है कि पूरे देश की सीमाओ पर पड़े हुए सैनिकों को कश्मीर में तैनात कर दीजिए। वहां सेना की जरूरत है। हमारे अमृत महोत्सव के दिन एक कश्मीरी पंडित को मारा गया है। इसके बाद दो भाइयों पर हमला हुआ एक की मौत हो गई एक घायल है। क्या सरकार को इसका अंदाजा नहीं!' मुकेश खन्ना ने कहा, ' आज सरदार पटेल जी की जरूरत थी। हमें आज लौह पुरुष चाहिए।' उन्होंने कहा, 'मैं उम्मीद करता हूं कि विस्थापित फिर से जाकर रहें। इसके लिए उन्हें सुरक्षा दें। मैं यही कहूंगा कि कश्मीर में सुरक्षा का माहौल नहीं है। टारगेट किलिंग को स्टॉप करिए, यह प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए चाहें कितनी भी मिलिट्री लगे। हम पाकिस्तान और चीन से भी लडेंगे, लेकिन बाद में। पहले आप अपने इलाके में ही लोगों को सुरक्षा नहीं दे सकते तो शर्मनाक है।'
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