बॉलीवुड में एक समय पर पौराणिक फिल्मों का चलन बहुत ज्यादा हुआ करता था। इन फिल्मों को लोग भी काफी पसंद किया करते थे। इन्हीं फिल्मों में से एक थी साल 1975 में रिलीज हुई फिल्म 'जय संतोषी मां'। इस फिल्म ने रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड अपने नाम किए थे। 'जय संतोषी मां' ने टिकट खिड़की पर छप्परफाड़ कमाई तो की ही साथ ही इसने कई कलाकारों की किस्मत भी बदल थी। इस फिल्म में देवी का रोल निभाने वाली अनीता गुहा को इस फिल्म के बाद सबसे ज्यादा लोकप्रियता हासिल हुई थी।
Anita Guha: 'जय संतोषी मां' के बाद अनिता गुहा को देवी समझने लगे थे लोग, इस बीमारी ने छीन ली थी खूबसूरती
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अनिता ने मात्र 15 साल की उम्र में ही एक्टिंग की दुनिया में कदम रख दिया था। उन्होंने बंगाली फिल्म 'बांन्शेर केला' से अपना डेब्यू किया था। इसके बाद वह 'छूमंतर' में नजर आईं। फिल्मों में कई सहायक भूमिका निभाने के बाद धीरे-धीरे उनका करियर का ग्राफ बढ़ने लगा और उन्हें 'जय संतोषी मां' फिल्म मिल गई। इस फिल्म में काम करने से पहले अनीता ने भी यह अंदाजा नहीं लगाया होगा कि सिर्फ 15-20 मिनट के रोल से ही वह पूरे देश में फेमस हो जाएंगी। 'जय संतोषी मां' ने अनीता को रातोंरात स्टार बना दिया था। एक इंटरव्यू के दौरान अनीता ने बताया था कि इस फिल्म के बाद लोग उनके पैर छूते और उन्हें सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद देने के लिए कहते थे।
इस फिल्म के बाद अनीता के पास लगातार कई धार्मिक फिल्मों के ऑफर आए। लेकिन अनीता अपनी इस इमेज से संतुष्ट नहीं थीं। उन्हें अलग-अलग तरह के किरदार निभाने में ज्यादा रुचि थी। इसलिए उन्होंने इस लीक से हटकर फिल्में करना शुरू कीं, लेकिन वो सभी फ्लॉप रहीं।
फिल्म में संतोषी माता बनीं अनीता गुहा की पर्सनल लाइफ दुखों से भरी हुई रही। एक समय अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर रहीं अनीता को सफेद दाग की बीमारी हुई जिसके चलते उनका घर से बाहर आना जाना कम हो गया। इन दागों को छुपाने के लिए वह ढेर सारा मेकअप किया करती थीं। पति माणिक दत्त के असामयिक निधन के बाद से वह बहुत ही गुमनाम सी जिंदगी जीते हुए 2007 में दुनिया छोड़ गईं।