हाल ही में कमल हासन ने 'हिंदू चरमवाद' पर एक लेख लिखा था। इसी से प्रेरित होकर होकर अब एक्टर-प्रोड्यूसर प्रकाश राज ने भी सोशल मीडिया पर एक दमदार पोस्ट लिखा है। प्रकाश राज ने ट्वीट किया, 'धर्म, संस्कृति और नैतिकता के नाम पर डर पैदा करना आतंक नहीं है तो और क्या है, मैं बस पूछ रहा हूं।'
प्रकाश राज का बड़ा बयान- 'मेरे देश की सड़कों पर युवा जोड़ों को पीटना आतंक नहीं तो क्या है'
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प्रकाश आगे लिखते हैं, 'अगर नैतिकता के नाम पर मेरे देश की सड़कों पर युवा जोड़ों को मारना आतंक नहीं है.. अगर कानून को हाथ में लेना और गाय को मारने के थोड़े से संदेह पर लोगों को पीटना आतंक नहीं है.. तो आतंक क्या है.. बस पूछ रहा हूं।'
If instilling fear in the name of religion..culture..morality is not terrorizing..than what is it ..#justasking pic.twitter.com/hs8Y3H700L
बता दें कि इससे पहले कमल हासन ने एक तमिल पत्रिका में लिखा था कि पहले दक्षिणपंथी हिंदू सिर्फ बहस करते थे, हिंसा में शामिल नहीं होते थे। लेकिन जब उनकी 'चालाकी' विफल होने लगी तो वे अब हिंसा का सहारा ले रहे हैं।
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कमल हासन अपना राजनैतिक करियर शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके चलते वो खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। पत्रिका में उन्होंने लिखा कि आतंक अब उनके घर में घुस चुका है। सत्यमेव जयते से हिन्दुओं की आस्था खत्म हो रही है, और इसकी जगह पर अब वो 'जिसकी लाठी, उसकी भैंस' में विश्वास करने लगे हैं।
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