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Mission Majnu: सिद्धार्थ मल्होत्रा का जज्बा, दर्जी की ट्रेनिंग के बाद ऐसे बन गए 'मजनू'
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: निधि पाल
Updated Sun, 08 Jan 2023 12:37 PM IST
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सिद्धार्थ मल्होत्रा मिशन मजनू
- फोटो : social media
बॉलीवुड अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा इन दिनों कियारा आडवाणी के साथ अपने रिश्तों को लेकर चर्चा में हैं। दोनों बहुत जल्द शादी के बंधन में बंधने वाले हैं। इसके अलावा सिद्धार्थ मल्होत्रा ओटीटी पर अपनी आने वाली फिल्म मिशन मजनू को लेकर भी चर्चा में बने हुए हैं। इस फिल्म को लेकर निर्माता अमर बुटाला ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि फिल्म के लिए सिद्धार्थ ने टेलरिंग का काम सीखा था।
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मिशन मजनू
- फोटो : social media
अमर बुटाला ने बताया कि आखिर फिल्म का नाम मिशन मजनू क्यो रखा गया। उन्होंने कहा कि जब भी मजनूं की बात होती है तो लोग उसकी तुलना प्रेमी से करने लगते हैं, लेकिन इस फिल्म में देश प्रेम की बात हो रही है। उन्होंने कहा कि फिल्म का टाइटल भी ‘मिशन मजनूं’ ही रहा है। यहां तक कि जब से पिक्चर शुरू किया, तब से फिल्म का नाम ‘मिशन मजनूं’ ही रखा था।
उन्होंने कहा कि इस फिल्म के लिए काफी रिसर्च की गई है। बता दें कि फिल्म में सितारों के कपड़े, फिल्म का सेट और म्यूजिक सभी कुछ पुराने समय का रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म को देखते समय दर्शकों को ऐसा लगना चाहिए कि 1970 के दौर में वापस चले गए हैं। आर्ट डिपार्टमेंट से लेकर कास्ट्यूम, डीओपी सबने कोशिश है कि पिक्चर में करेक्ट पीरियड पकड़ में आए।
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'मिशन मजनू' के निर्देशक के साथ सिद्धार्थ-रश्मिका
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
बता दें कि ये फिल्म भी भारत और पाकिस्तान पर आधारित है। इस फिल्म में सिद्धार्थ सिलाई का काम करते हैं। अमर बुटाला ने बताया कि इस फिल्म के लिए सिद्धार्थ ने 2-3 महीने तक दर्जी के काम की ट्रेनिंग ली थी। उन्होंने बताया कि 1971 के दौरान सिलाई मशीन चलाना काफी कठिन होता था, वह मशीन पैरों से चलती थी। इसे सीखने के लिए सिद्धार्थ ने काफी मेहनत की है। सिर्फ इतना ही नहीं एक टेलर थे जो सिद्धार्थ को सिखाने के लिए मशीन लेकर उनके घर जाते थे।
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