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कुछ ऐसा था रफी की जिंदगी का आखिरी दिन, गाते-गाते निकली थी जान
Mon, 31 Jul 2017 03:19 PM IST
amarujala.com- Written by :भावना शर्मा
amarujala.com- Written by :भावना शर्मा
Updated Mon, 31 Jul 2017 03:19 PM IST
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मोहम्मद रफी
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रफी साहब जैसा फनकार कोई दूसरा ना हो पाया। उनकी पुण्यतिथि पर कुछ ऐसी अनकही बातें आपके सामने लाए हैं जो उनकी गायकी के साथ व्यक्तिव को भी बयां कर रही हैं। रफी साहब के निधन के 8 साल बाद उनकी पत्नी बिलकिस रफी ने एक इंटरव्यू दिया था। इसमें उन्होंने रफी के बारे में कई खुलासे किए थे।
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मोहम्मद रफी
बिलकिस की बड़ी बहन की शादी रफी के बड़े भाई से हुई थी। उस समय बिलकिस 13 साल की थीं और छठी क्लास के एग्जाम दे रही थीं। तभी उनकी बहन ने उनसे कहा था कि कल रफी से तुम्हारी शादी है। बिलकिस शादी का मतलब भी नहीं जानती थी। उस समय रफी की उम्र 19 साल थी। रफी अपनी पहली पत्नी से अलग हो गए थे। तब रफी और बिलकिस की शादी कर दी गई थी।
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मोहम्मद रफी
रफी साहब 10 साल की उम्र से गा रहे थे। लेकिन उनकी पत्नी को म्यूजिक में कोई इंट्रेस्ट नहीं था। वो कभी रफी के गाने नहीं सुनती थीं। रफी और उनकी पत्नी डोंगरी के एक चॉल में रहा करते थे। कुछ समय बाद रफी और उनकी पत्नी भिंडी बजार के चॉल में शिफ्ट हो गए थे।
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मोहम्मद रफी
लेकिन रफी को चॉल में रहना पसंद नहीं था। रफी सुबह साढ़े तीन बजे उठकर रियाज करते थे। रियाज के लिए रफी मरीन ड्राइव चलकर जाते थे। क्योंकि वो नहीं चाहते थे कि उनके रियाज की वजह से आस-पास के लोगों की नींद खराब हो।
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मोहम्मद रफी
मरीन ड्राइव पर सुरैया का घर था। जब उन्होंने कई दिनों तक रफी को रियाज करते हुए देखा तो उन्होंने पूछा कि वो यहां क्यों रियाज करते हैं। तब रफी ने अपनी परेशानी बताई। इसके बाद सुरैया ने अपने घर का एक कमरा रफी को रियाज करने के लिए दे दिया था।
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