सुशांत सिंह राजपूत की कथित आत्महत्या के मामले की जांच दिन पर दिन पेचीदा होती जा रही है। मामले की जांच शुरुआत से ही मुंबई पुलिस कर रही थी। लेकिन शुरुआत से ही ये जांच शक के घेरे में रही है। जिसके चलते सुशांत के परिवार ने बिहार पुलिस में केस दर्ज करवाया था। इसके बाद ये मामला लगातार एक नई दिशा पर जाता हुआ नजर आया। मामला बिहार पुलिस के हाथों में जैसे ही गया वैसे ही मुंबई पुलिस की जांच पर सवालिया निशान खड़े होने लगे।
Sushant Singh Rajput Case: मुंबई पुलिस ने लिखा प्रवर्तन निदेशालय को पत्र, कहा- 'आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी'
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सुशांत सिंह राजपूत मामले की शुरुआती जांच कर रही मुंबई पुलिस पर आरोप लगा कि वो बिहार पुलिस को जांच में मदद नहीं कर रही है। बिहार पुलिस की तरफ से पहुंचे चार पुलिसकर्मियों के जांच दल को मुंबई पुलिस ने सहयोग नहीं किया। वहीं अपने जांच दल को लीड करने पहुंचे एसपी विनय तिवारी को भी मुंबई पहुंचते ही 15 दिनों के लिए क्वारंटीन कर दिया गया। इसके बाद मामला सीबीआई को सौंपे जाने की मांग होने लगी। इसके अलावा ईडी भी मामले की जांच कर रही है।
मुंबई पुलिस पर ऐसे भी आरोप लगे हैं कि वो ईडी की भी जांच में मदद नहीं कर रही है। कहा जा रहा था ईडी अपनी जांच में सहयोग के लिए मुंबई पुलिस को कई बार पत्र भी लिख चुकी है लेकिन मुंबई पुलिस की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। वहीं इस बात का खंडन करते हुए अब मुंबई पुलिस ने एक पत्र लिखकर ईडी को मामले की जांच में सहयोग करने की बात कही है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने मुंबई पुलिस का पत्र अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए साझा किया है।
सुशांत सिंह राजपूत मामले में अब तक 56 व्यक्तियों के बयान दर्ज किए गए हैं और मामले से संबंधित अन्य सबूत इकट्ठे किए गए हैं। आपकी जांच के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी : मुंबई पुलिस ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को पत्र में लिखा #SushantSinghRajputDeathCase pic.twitter.com/jmWMR1aB3a
इस पत्र में मुंबई पुलिस ने लिखा है कि, 'सुशांत सिंह राजपूत मामले में अब तक 56 व्यक्तियों के बयान दर्ज किए गए हैं और मामले से संबंधित अन्य सबूत इकट्ठे किए गए हैं। आपकी जांच के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी' बता दें कि ऐसी खबरें थीं कि ईडी की ओर से मुंबई पुलिस को चार पत्र लिखे जा चुके थे। लेकिन फोन एवं कॉल रिकॉर्ड उपलब्ध कराना तो दूर, मुंबई पुलिस ने अभी तक इस केंद्रीय जांच एजेंसी को उसके पत्रों के उत्तर तक नहीं दिए थे।
गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत के निधन को पूरे दो महीने का समय बीत चुका है। लेकिन अब तक मामले में किसी तरह का कोई खुलासा नहीं हो पाया है। अब तक ये पता नहीं चल सका है कि सुशांत ने आत्महत्या की है या उनकी हत्या की गई है। और यदि उन्होंने आत्महत्या की है तो क्या कारण रहा है इसके पीछे? सुशांत के निधन के करीब 40 दिन तक मामले को केवल नेपोटिज्म से जोड़कर देखा जा रहा था। लेकिन सुशांत के परिवार की एफआईआर ने मामले को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है।
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