राजेश खन्ना की एक आदत का मैं हमेशा कायल रहा और वह था घर में मौजूद होने पर लैंडलाइन का नंबर खुद उठाना। बात करने का मन न करे तो बोल देते, काका घर पर नही हैं। खुद ही। सामने वाला आवाज भी पहचान जाता। लेकिन, काका का लिहाज कि वह भी मान ही लेता कि काका घर पर नहीं हैं। काका पंजाबी में छोटे बच्चे को कहते हैं। और, बचपना हर बड़े कलाकार की थाती होती है। वह जीते जी बच्चा ही बना रहता है। उसी में उसका हर किस्सा है। वह कामयाबी पाने के लिए भी जिद करता है और प्यार पाने के लिए भी। फिर चाहे शोहरत ही उसकी सौतन क्यों न बन जाए।
बाइस्कोप: 'काका' ने लगाया सेकंड इनिंग्स का सिक्सर और लड़कियों ने खूब गाया चाय के न्योते का ये गाना
साल 1983 वो साल है जिसे हिंदी सिनेमा में फिल्म कुली के लिए याद किया जाता है। अगर ये फिल्म बस महीने भर की देरी से रिलीज होती तो साल 1983 हमेशा के लिए राजेश खन्ना की सेकेंड इनिंग्स के बेहतरीन साल के लिए फिल्म इतिहास में दर्ज हो जाता। लेकिन, फिर भी राजेश खन्ना की फिल्मों ने उनके चाहने वालों का खूब मनोरंजन किया। फरवरी के आखिरी शुक्रवार को उस साल श्रीदेवी और जीतेंद्र की फिल्म हिम्मतवाला ने खूब हंगामा मचाया था लेकिन उसके ठीक दो हफ्ते बाद रिलीज हुई राजेश खन्ना की फिल्म अवतार ने लोगों को बताया कि संस्कार की गरिमा क्या होती है और कैसे परिवार का मुखिया अपनी बिगड़ी संतानों को राह दिखा सकता है। अमिताभ बच्चन ने कुली से पहले उस साल एक और धमाका किया था अप्रैल के दूसरे शुक्रवार को फिल्म अंधा कानून में तालियां बटोरकर। और, इसी के ठीक बाद जून के पहले शुक्रवार को रिलीज हुई हमारी आज के बाइस्कोप की फिल्म सौतन।
फिल्म सौतन में राजेश खन्ना का जो आभा मंडल है उसका असर उस साल छोटे बड़े, बूढ़े बच्चे सब पर दिखा। अनिल कपूर ने तो खैर सफेद पैंट और रंगीन शर्ट या स्वेटर का प्रचलन बहुत बाद में शुरू किया, फिल्म सौतन में सफेद जूता, सफेद पतलून, सफेद जैकेट और लाल कमीज का जो रुतबा राजेश खन्ना ने दिखाया उससे एनडीटीवी के एंकर रवीश कुमार तक प्रभावित रहे। फेसबुक की अपनी एक पोस्ट में वह लिखते हैं, 'ये एक ऐसा कॉम्बिनेशन है जिसे बहुत लोग पहनना चाहते हैं पर नहीं पहन पाते। उनका यह अधूरा ख्वाब सर्फ एक्सेल के पैसे तो बचा लेता है मगर सफेदी का यह सुख अनमोल भी तो है।' ये बात रवीश ने फिल्म सौतन के गाने 'शायद मेरी शादी का ख्याल दिल में आया है..' को यूट्यूब पर देखते हुए लिखी। रवीश कुमार की किशोरावस्था के दिनों में आई इस फिल्म के उनके जैसे करोड़ों दीवाने हैं। ये सच है कि देश में आज 65 फीसदी आबादी 35 साल से कम के लोगों की है लेकिन इसके भी तमाम लोग राजेश खन्ना के तिलिस्म की वजहों के तलबगार रहते हैं।
फिल्म सौतन के निर्माता निर्देशक और गीतकार सावन कुमार टाक और संगीतकार उषा खन्ना ने भी अलग होने से पहले सात जन्मों तक जीने मरने की कस्में अपने फेरों के समय खाई थीं। दोनों के अपने अपने हुनर का सबसे बड़ा कमाल है फिल्म सौतन। उषा खन्ना के बारे में भी आपको थोड़ा सा बताते चलें। उनके पिता ने कभी जावेद अनवर के नाम से नरगिस की मां जद्दन बाई के लिए सिर्फ तीन गजलें लिखकर इतना पैसा कमा लिया था कि जितना उन्हें ग्वालियर रियासत में नौकरी करके साल भर भी न मिलता था। बस, पिता मनोहर खन्ना का सिनेमा से हुआ ये रिश्ता उषा को बंबई ले आया। फिल्म सौतन के गानों से पहले उषा खन्ना ने सिनेमा में कोई 25 साल बिता लिए थे। शम्मी कपूर की फिल्म दिल देके देखो से शुरू हुए सफर का फिल्म सौतन एक ऐसी मंजिल रही जहां पहुंचने के बाद उषा खन्ना को बच्चा बच्चा जान गया। फिल्म में टीना मुनीम और राजेश खन्ना पर फिल्माया गया ये गाना प्यार में डूबे हर लड़के को छेड़ने का उसकी प्रेमिका का बहाना जो बन गया था।
राजेश खन्ना और टीना मुनीम के बीच इस गाने में परदे पर जो कुछ दिख रहा है, वो दरअसल उन दोनों की जिंदगी में भी हो रहा था। हिंदी सिनेमा में ये रवायत रही है कि असल जिंदगी के प्रेमियों की जब भी रुपहले परदे पर जोड़ी बनी, तो उसने कमाल कर दिया। टीना मुनीम और राजेश खन्ना के रिश्तों के चर्चे तब हर जुबान पर ही नहीं बल्कि हर मैगजीन के कवर पर भी हुआ करते थे। एक रोज एक फोटो छपी जिसमें टीना मुनीम बिल्कुल दुल्हन के लिबास में और राजेश खन्ना सिल्क का कुर्ता पहने दिखे।
देश में हंगामा हो गया कि राजेश खन्ना और टीना मुनीम की शादी हो चुकी है। हालांकि, फिल्म की रिलीज से ठीक पहले हुआ ये बवाल फिल्म की पीआर टीम का पब्लिसिटी स्टंट निकला लेकिन फिल्म की मॉरीशस में हुई शूटिंग के दौरान मौजूद रहीं राजेश खन्ना की पत्नी डिंपल कपाड़िया को ये एहसास हो गया था कि राजेश खन्ना अब सौ फीसदी उनके नहीं रहे। फिल्म सौतन से ही उनके वैवाहिक जीवन में क्लेश बढ़ा और दोनों के रास्ते उसके बाद अलग अलग हो गए। टीना मुनीम की जोड़ी इससे पहले संजय दत्त के साथ खूब बनी थी लेकिन संजू बाबा की आदतों के चलते टीना मुनीम ने उन्हें छोड़ दिया।
टीना मुनीम और राजेश खन्ना कुल 11 फिल्मों में एक साथ नजर आए हैं और दोनों का रिश्ता निजी जीवन में भी काफी लंबा चला। राजेश खन्ना तब टीना मुनीम को अपने दर्दों का मरहम बताते थे और ये भी कहते थे कि उनका रिश्ता इतना गहरा है कि दोनों एक टूथब्रश तक इस्तेमाल कर लेते हैं। टीना मुनीम तब गृहस्थी बसाने के लिए खुद को तैयार कर रही थीं और राजेश खन्ना के लिए ये सिर्फ एक पड़ाव था, सफर से तो वह कब का भटक चुके थे। उनकी मंजिल दूसरी शादी कभी रही ही नहीं।
सावन कुमार टाक ने टीना को फिल्म सौतन में राजेश खन्ना के कहने पर ही लिया। उनसे पहले ये रोल परवीन बाबी करने वाली थी लेकिन अपनी बीमारी के चलते परवीन ने इंडस्ट्री को ही टाटा कर दिया था। और, टीना मुनीम के हां करने भर की देरी थी कि सावन कुमार ने अपनी पहले से बन रही फिल्म लैला की शूटिंग रोक दी और राजेश खन्ना की सलाह पर फिल्म सौतन का देश के बाहर का शेड्यूल बना डाला। ये सावन की पहली फिल्म थी जो उन्होंने देश के बाहर शूट की। डिंपल को भी दाल में कुछ काला नजर आया तो वो भी पूरी यूनिट के साथ मॉरीशस जा पहुंची थी। लेकिन, जो होना था वो होकर ही रहा।
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