डिजनी की अपनी ही फिल्म द लॉयन किंग की दुनिया भर की कमाई का पहले ही वीकएंड में रिकॉर्ड तोड़ देने वाली फिल्म फ्रोजेन 2 ने भारत में भी एनीमेशन फिल्मों की पहले वीकएंड में कमाई का नया रिकॉर्ड बनाया है। फ्रोजेन 2 में दिखने वाले जंगलों, पेड़ पौधों और समंदर को रचने में डिजनी एनीमेशन स्टूडियो के भारतीय मूल के तकनीकी निर्देशक जोसेफ नॉरमन की अहम भूमिका रही है।
EXCLUSIVE: फ्रोजेन 2 के टेक्निकल डायरेक्टर ने खोले स्पेशल इफेक्ट्स के राज, कहा- याद आता है भारत
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भारत में एनीमेशन फिल्मों का बाजार लगातार बढ़ रहा है, क्या भारतीय दर्शकों का सिनेमा को लेकर बदला रुझान इसकी बड़ी वजह है?
भारत सिनेमा का बाजार बेशक काफी बड़ा है। लेकिन, सिर्फ इसी एक वजह से भारतीय सिनेमा बाजार में किसी का कारोबार के लिए कूद जाना मेरे हिसाब से ठीक नहीं है। डिजनी की जहां तक बात है तो ये कंपनी लोगों में एहसास पैदा करना जानती है। ये लोगों को एक बेहतर दुनिया बनाने का विचार देने की ताकत रखती है। सिनेमा तभी बनाना चाहिए जब ये लोगों के दिलों को छू सके, उनके जीवन को बेहतर बना सके। मेरा मानना है कि सिनेमा देखते समय लोगों के चेहरे पर मुस्कान तैरनी चाहिए और इसे लोगों को एक बेहतर जीवन जीने में मददगार होना चाहिए।
भारत में 25 साल गुजारने के बाद आप यहां अमेरिका में डिजनी एनीमेशन स्टूडियो में काम कर रहे हैं, आप खुद कैसी एनीमेशन फिल्म बनाना चाहेंगे?
सिनेमा बनाने का पहला इरादा ये होता है कि इसे दर्शकों के दिलों को छूना चाहिए। फिल्मों की कहानियां हमें अपने जीवन के अनुभवों से मिलती हैं। मैंने भारत में जीवन के 25 साल गुजारे हैं तो जाहिर है जब मैं कहानी लिखने बैठूंगा तो इन अनुभवों को नजरअंदाज नहीं कर सकूंगा। तब मेरे दिमाग में क्या विचार कौंधेंगा, ये तो मैं नहीं कह सकता लेकिन भारत में बिताया हर दिन मेरे जीवन की अनमोल धरोहर है। मैं पूरे स्कूल में इकलौता यहूदी बच्चा था। कॉलेज में भी मैं इकलौता यहूदी था। मेरे तमाम दोस्त हैं अब भी वहां पर। तो कहानियां तो बहुत हैं, लेकिन सब कुछ समय पर निर्भर करता है।
ड्रीमवर्क्स के बाद आप डिजनी एनीमेशन स्टूडियो में आए, बिग हीरो 6 में आपके काम की काफी तारीफ हुई और अब फ्रोजेन 2 भी वाहवाही लूट रही है, तकनीकी टीम का क्या खास योगदान रहा इस फिल्म के लिए?
स्टूडियो के तकनीकी निर्देशक के रूप में मेरा काम होता है किसी एनीमेशन फिल्म पर काम कर रहे लोगों को ऐसी सहूलियत मुहैया कराना जो उनकी कल्पना को परदे पर उतार सके। फिल्म फ्रोजेन 2 आपने देखी है, इसमें दिखने वाले पेड़ पौधे एनीमेशन का एक नया शीर्ष है। पत्तियों का उड़ना, शाखाओं का झूमना ये सब कंप्यूटर ग्राफिक्स और एनीमेशन की नई ईजाद है। आपने अभी पानी को बनाने का जिक्र किया तो पानी ठहरा हुआ है तो उसे एनीमेशन में बनाना ज्यादा मुश्किल नहीं है लेकिन पानी में लहरे पैदा करना या फिर उसके साथ किसी किरदार का मुकाबला दिखाना आसान नहीं है। अब जैसे कि फिल्म का किरदार गेल है। उसका कोई आकार नहीं है। फिर भी उसके आसपास के वातावरण में हलचल पैदा करके उसकी मौजूदगी का एहसास कराना, यही किसी एनीमेशन फिल्म में तकनीकी टीम की चुनौती होती है। फिल्म फ्रोजेन 2 के इन दृश्यों के लिए मैंने खास टूल्स विकसित किए।
यहां अमेरिका में रहकर भारत की क्या यादें हैं जो आपको कचोटती रहती हैं?
मैं जब युवा था तो मेरे बहुत सारे दोस्त थे। अब मैं उम्रदराज हूं तो मेरे पास अपना परिवार है। जैसे जैसे हम बड़े होते जाते हैं, हमारे आसपास का माहौल बदलता रहता है। अब ये मेरा जीवन है जो बदल गया या फिर कि मैं भारत से अमेरिका आ गया तो ये बदलाव है, ये सोचने की बात है। मैं अपने दोस्तों को यहां बहुत याद करता हूं। भारतीय खाने से जुड़ी बहुत सारी यादें हैं। यहां अमेरिका में तमाम भारतीय रेस्तरां हैं, लेकिन भारतीय खाना सबसे अच्छा तो भारत में ही मिल सकता है।