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Surya Grahan 2024 Amitabh Dharmendra film chupke chupke helped government to save people from solar eclipse
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Surya Grahan: सूर्यग्रहण से बचाने के लिए अमिताभ-धर्मेंद्र ने की थी सरकार की मदद, बेहद दिलचस्प है ये किस्सा
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: शुभम शर्मा
Updated Mon, 08 Apr 2024 03:38 PM IST
आज साल का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा। 50 वर्षों बाद ऐसा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है, जो 5 घंटे और 25 मिनट तक रहेगा। ऐसे में साल के पहले सूर्यग्रहण को देखने के लिए लोग बेहद उत्साहित है। ग्लासेस और अन्य तकनीक के जरिए लोग इस इस नजारे को यादगार बनाने के लिए तैयार हैं। हालांकि, जब तकनीक इतनी विकसित नहीं हुई थी, तब जानकार लोगों को नग्न आंखों से सूर्य ग्रहण देखने से मना करते थे, क्योंकि इसकी किरणें लोगों के लिए नुकसानदेह होती हैं। इसके बावजूद लोग सूर्य ग्रहण के दौरान घर से बाहर निकलते थे, ऐसे में लोगों को सूर्य ग्रहण के दुष्प्रभाव से रोकने के लिए साल 1980 में तत्कालीन सरकार ने एक अनोखा तरीका अपनाया था। ताकि लोग घरों से ही रहें।
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चुपके चुपके
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
आज से 44 साल पहले 16 फरवरी, 1980 को सूर्य ग्रहण का लगा हुआ था। सरकार को इस बात की चिंता थी कि जनता बिना किसी सुरक्षा उपाय के सूर्य ग्रहण के दौरान घरों से बाहर निकलेगी, जिसके चलते उन्हें सूर्य की हानिकारक किरणों का दुष्प्रभाव झेलना पड़ेगा। ऐसे में लोगों को घरों मे रोकने को लिए सरकार ने एक बेहद अनोखा तरीका अपनाया। सरकार ने सिनेमा का सहारा लिया। उस दिन सरकार ने दूरदर्शन पर अमिताभ और धर्मेंद्र की बेहद लोकप्रिय फिल्म 'चुपके चुपके' दिखाने का फैसला किया, ताकि लोग घरों में रहे।
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चुपके चुपके
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
गौरतलब है कि 80 के दशक में फिल्में सिर्फ रविवार के दिन ही टेलीकास्ट की जाती थी। ऐसे में जनता में फिल्मों को लेकर अलग ही दीवानगी देखने को मिलती थी। सूर्य ग्रहण के कारण ऐसे में जब सरकार ने शनिवार को अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की फिल्म को दूरदर्शन पर टेलीकास्ट किया तो जनता में इसे लेकर एक अलग उत्साह देखने को मिला।
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चुपके चुपके
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
मालूम हो कि अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र स्टारर 'चुपके-चुपके' एक कॉमेडी फिल्म थी, जो साल 1978 में रिलीज हुई। इस फिल्म का निर्देशन ऋषिकेश मुखर्जी ने किया था। 'चुपके-चुपके' में धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन के साथ-साथ शर्मिला टैगोर और जया बच्चन भी मुख्य भूमिका में नजर आईं थीं। फिल्म में धर्मेंद्र ने ड्राइवर प्यारे मोहन और अमिताभ ने प्रोफेसर परिमल त्रिपाठी का किरदार निभाया था।
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रामायण
- फोटो : सोशल मीडिया
ऐसा ही तरीका सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान भी अपनाया। लॉकडाउन के दौरान सरकार ने एक बार फिर से रामानंद सागर की बेहद चर्चित 'रामायण' को टेलीकास्ट कराया। ताकि लोग घरों से बाहर ना निकले। लॉकडाउन के दौरान हर रोज दूरदर्शन पर लोगों को 'रामायण' देखने को मिला। इसकी लोकप्रियता ऐसी रही। लॉकडाउन के दौरान रामायण सबसे ज्यादा देखा जाना वाले शो बना।
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