टीवी और फिल्मों के डांस गुरु धर्मेश येलांदे ने अपनी प्रतिभा में एक और कला को शामिल कर लिया है। 'खतरों के खिलाड़ी' के 10वें सीजन में सबसे बढ़िया प्रदर्शन करने वालों में धर्मेश का नाम काफी ऊपर है लेकिन 'खतरों के खिलाड़ी' में रोज डर का सामना करना धर्मेश को रोज आत्महत्या करने जैसा लगता है।
जानिए क्यों इस डांसर ने कहा, 'खतरों के खिलाड़ी में डर का सामना करना, रोज आत्महत्या करने जैसा'
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अमर उजाला से खास बातचीत में धर्मेश कहते हैं, 'आप जितनी भी तैयारी करके जाओ, लेकिन वहां सब धरी रह जाती है। धमाके के बीच में खड़े रहना, बिना दरवाजे के हेलीकाप्टर से नीचे फेंकना। सुरक्षा सब है लेकिन टास्क करने के लिए दिल तो गवाही नहीं देता न। हर रोज चुनौतीपूर्ण टास्क होते हैं। ऐसा लगता है जैसे रोज सुबह उठकर आत्महत्या करने जा रहे हैं लेकिन उसका एक अलग ही मजा है।'
शो में तैयारियों को धता बताने वाली व्यवस्था के बारे में धर्मेश कहते हैं, ‘इस शो में कोई भी तैयारी काम नहीं आती। जहां स्टंट करना होता है वहां काले शीशे वाली गाड़ी में लेकर जाते हैं और जाकर सीधा डर के सामने छोड़ देते हैं। कोई सोचने और समझने का वक्त नहीं मिलता, बस सीधे जाकर भिड़ना होता है।‘
अपने सबसे बड़े डर के बारे में बताते हुए धर्मेश कहते हैं, ‘शो में मेरा अमृता के साथ एक स्टंट था जिसमें एक हेलीकॉप्टर पर एक सोफा लटकाया गया था। मुझे नीचे से उस सोफे पर चढ़ना था और उस पर लगे सभी झंडों को इकट्ठा करना था। झंडे इकट्ठे करने के बाद मुझे बिना सुरक्षा के पानी में कूदना था। यह टास्क मेरे लिए बहुत मुश्किल था।’
शो के होस्ट रोहित शेट्टी से धर्मेश पहली बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ के सेट पर ही मिले। रोहित के बारे में वह कहते हैं, ‘रोहित सर की सोच बहुत ही सकारात्मक है। वह अपनी तरफ से हर टास्क को बहुत ही सरल बनाने की कोशिश करते हैं। हर प्रतियोगी को वह कुछ ऐसे शब्दों से प्रेरित करते हैं कि बुरे से बुरा खिलाड़ी भी टास्क में अच्छा प्रर्दशन कर सकता है।‘
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