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'दादी और मौसी का किरदार नहीं करना चाहती', किटू गिडवानी ने बॉलीवुड में उम्र को लेकर होने वाले भेदभाव पर रखी राय

Fri, 14 Aug 2026 06:59 PM IST
सिराजुद्दीन एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: सिराजुद्दीन Updated Fri, 14 Aug 2026 06:59 PM IST
सार

Kitu Gidwani: टीवी और बड़े पर्दे की अभिनेत्री किटू गिडवानी ने स्क्रीन पर उम्रदराज महिलाओं के दिखाए जाने के तरीके की आलोचना की है। उन्होंने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की तुलना विदेश से की है। 

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Kitu Gidwani has criticised opportunities for older women calling the industry fake
किटू गिडवानी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

चार दशकों से ज्यादा समय से फिल्मों और टेलीविजन में काम कर रहीं अनुभवी एक्ट्रेस किटू गिडवानी ने बॉलीवुड में कलाकारों के साथ होने वाले बर्ताव की आलोचना की है। अभिनेत्री ने रॉयल्टी और उम्र बढ़ने पर महिलाओं को मिलने वाले रोल को लेकर चिंता जताई है।
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किटू ने की इंडस्ट्री की आलोचना
  • स्क्रीन के साथ एक इंटरव्यू में किटू ने बॉलीवुड को नकली इंडस्ट्री बताया। 
  • उन्होंने कहा कि यह अपने ही अस्पष्ट नियमों के आधार पर चलती है।
  • उन्होंने भारतीय एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की तुलना वेस्टर्न इंडस्ट्री से भी की। 
  • उनके मुताबिक इंडस्ट्री कलाकारों को उनके काम का फायदा दिलाने में सक्षम नहीं है।
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Kitu Gidwani has criticised opportunities for older women calling the industry fake
किटू गिडवानी - फोटो : सोशल मीडिया
उम्रदराज महिलाओं पर क्या बोलीं किटू
किटू ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में उम्रदराज महिलाओं के लिए मजबूत और अलग-अलग तरह के रोल न होने के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा 'इंडस्ट्री से मेरी शिकायत यह है कि उम्रदराज महिलाओं को दमदार रोल नहीं मिल रहे हैं। हम आम मां या मौसी का रोल नहीं करना चाहतीं। हम प्यार, पावर, कॉमेडी और एक्शन वाले अच्छे और यादगार रोल करना चाहती हैं।'
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महिलाओं को दिखाए जाने के तरीके की आलोचना
उन्होंने टेलीविजन सीरियल्स में महिलाओं के दिखाए जाने के तरीके की भी आलोचना करते हुए कहा, 'डेली सोप्स में, जैसे ही कोई महिला 30 साल की होती है, वह दादी बन जाती है। उसके चेहरे पर उम्र बढ़ने का कोई निशान नहीं होता, फिर भी उसे ऐसे रोल मिलते हैं। यह इंडस्ट्री बहुत अजीब है।'

Kitu Gidwani has criticised opportunities for older women calling the industry fake
किटू गिडवानी - फोटो : सोशल मीडिया
एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को बताया नकली
किटू ने कहा, 'बॉलीवुड कोई असली इंडस्ट्री नहीं है, यह एक कॉटेज इंडस्ट्री है। यह एक नकली इंडस्ट्री है, यह अपने ही अस्पष्ट नियमों से चलती है। भारत में हॉलीवुड के 'स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड' जैसा कुछ नहीं है। मुझे 10 साल काम करने के बाद अगले 10 साल तक अपनी रॉयल्टी पर गुजारा करने में सक्षम होना चाहिए था, न कि 40 साल तक कड़ी मेहनत करनी पड़ती।'

किटू का काम
किटू ने 1984 में फिल्म 'होली' से सिनेमा की दुनिया में कदम रखा। 1986 में दूरदर्शन पर प्रसारित टीवी सीरीज 'एयर होस्टेस' में उनके रोल ने उन्हें ज़बरदस्त सफलता दिलाई।
कीटू को 'डांस ऑफ द विंड' (1997), 'अर्थ' (1998), 'रुखमावती की हवेली' (1991), 'फैशन', 'अभय', 'जाने तू या जाने ना' और 'देहम' (2001) जैसी फिल्मों में अपनी एक्टिंग के लिए भी काफी तारीफ मिली है।
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