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Samay Raina: समय रैना समेत पांच लोगों को मिली बड़ी राहत, SC ने एफआईआर रद्द करने के साथ की उनके काम की तारीफ
Fri, 14 Aug 2026 04:14 PM IST
सिराजुद्दीन
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: सिराजुद्दीन
Updated Fri, 14 Aug 2026 04:14 PM IST
सार
India's Got Latent Row: सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और चार अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर रद्द कर दिया है। यह मामला दिव्यांगों पर असंवेदनशील टिप्पणी करने से जुड़ा है।
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समय रैना
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कॉमेडियन और यूट्यूबर समय रैना समेत पांच आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने इन लोगों के खिलाफ एफआईआर रद्द कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने 14 अगस्त को यह आदेश पारित किया। यह मामला 'इंडियाज गॉट लैटेंट' शो में दिव्यांग लोगों के बारे में असंवेदनशील टिप्पणी करने से जुड़ा है।
अदालत ने क्या कहा?
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अदालत ने क्या कहा?
- समय रैना के अलावा, इस राहत में विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर (उर्फ सोनाली आदित्य देसाई) और निशांत जगदीश तंवर भी शामिल हैं।
- कोर्ट ने दिव्यांग लोगों के फायदे के लिए कार्यक्रम आयोजित करने की उनकी कोशिशों की भी सराहना की।
- बेंच ने कहा, 'जब सच्ची कोशिशें होती हैं, तो सकारात्मक नतीजे जरूर मिलते हैं।'
- बेंच ने आगे कहा 'वे बहुत होनहार युवा हैं।'
- बेंच के मुताबिक 'अगर उन्होंने सकारात्मक दिशा में काम करना शुरू किया है, तो सकारात्मक परिणाम भी मिलेंगे।'
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समय रैना
- फोटो : पीटीआई
अन्य कार्यवाही भी होगी खत्म
कोर्ट ने कहा कि पांचों कॉमेडियन के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द की जा रही है और इससे जुड़ी अन्य कार्यवाही भी खत्म कर दी जाएगी। हालांकि, ऑनलाइन कंटेंट पर नियंत्रण से जुड़ा बड़ा मुद्दा अभी भी खुला है; उम्मीद है कि उचित निर्देश तैयार करने से पहले कोर्ट दिव्यांग लोगों के सुझावों पर विचार करेगा।
कोर्ट ने कहा कि पांचों कॉमेडियन के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द की जा रही है और इससे जुड़ी अन्य कार्यवाही भी खत्म कर दी जाएगी। हालांकि, ऑनलाइन कंटेंट पर नियंत्रण से जुड़ा बड़ा मुद्दा अभी भी खुला है; उम्मीद है कि उचित निर्देश तैयार करने से पहले कोर्ट दिव्यांग लोगों के सुझावों पर विचार करेगा।
अन्य कार्यवाही भी होगी खत्म
कोर्ट ने कहा कि पांचों कॉमेडियन के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द की जा रही है और इससे जुड़ी अन्य कार्यवाही भी खत्म कर दी जाएगी। हालांकि, ऑनलाइन कंटेंट पर नियंत्रण से जुड़ा बड़ा मुद्दा अभी भी खुला है; उम्मीद है कि उचित निर्देश तैयार करने से पहले कोर्ट दिव्यांग लोगों के सुझावों पर विचार करेगा।
कोर्ट ने कहा कि पांचों कॉमेडियन के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द की जा रही है और इससे जुड़ी अन्य कार्यवाही भी खत्म कर दी जाएगी। हालांकि, ऑनलाइन कंटेंट पर नियंत्रण से जुड़ा बड़ा मुद्दा अभी भी खुला है; उम्मीद है कि उचित निर्देश तैयार करने से पहले कोर्ट दिव्यांग लोगों के सुझावों पर विचार करेगा।
समय रैना, रणवीर अल्लाहबादिया
- फोटो : सोशल मीडिया
क्या है विवाद?
'इंडियाज गॉट लेटेंट' को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब अलग-अलग राज्यों में कई शिकायतें और एफआईआर दर्ज की गईं, जिनमें अश्लीलता और अभद्र भाषा के आरोप शामिल थे।
यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया ने भी अपने खिलाफ मामलों में राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें कठोर कार्रवाई से सुरक्षा की मांग भी शामिल थी। कोर्ट ने पहले उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी थी। हालांकि, 'बार एंड बेंच' के अनुसार, उनकी अलग याचिका अभी भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
'इंडियाज गॉट लेटेंट' को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब अलग-अलग राज्यों में कई शिकायतें और एफआईआर दर्ज की गईं, जिनमें अश्लीलता और अभद्र भाषा के आरोप शामिल थे।
यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया ने भी अपने खिलाफ मामलों में राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें कठोर कार्रवाई से सुरक्षा की मांग भी शामिल थी। कोर्ट ने पहले उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी थी। हालांकि, 'बार एंड बेंच' के अनुसार, उनकी अलग याचिका अभी भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
समय रैना, रणवीर अल्लाहबादिया
- फोटो : सोशल मीडिया
कोर्ट ने की सख्त टिप्पणी
मार्च 2025 में, कोर्ट ने रैना को तब चेतावनी दी जब उन्होंने कनाडा में एक शो के दौरान इस कार्यवाही का जिक्र किया। रैना ने कनाडा में अपने शो के आखिर में दर्शकों से कहा, 'मेरे वकील की फीस भरने के लिए धन्यवाद।' जस्टिस सूर्य कांत ने उनसे कहा, 'ये युवा सोच सकते हैं कि हम पुराने ख्यालात के हैं, लेकिन हमें पता है कि उनसे कैसे निपटना है। कोर्ट को हल्के में न लें।'
मार्च 2025 में, कोर्ट ने रैना को तब चेतावनी दी जब उन्होंने कनाडा में एक शो के दौरान इस कार्यवाही का जिक्र किया। रैना ने कनाडा में अपने शो के आखिर में दर्शकों से कहा, 'मेरे वकील की फीस भरने के लिए धन्यवाद।' जस्टिस सूर्य कांत ने उनसे कहा, 'ये युवा सोच सकते हैं कि हम पुराने ख्यालात के हैं, लेकिन हमें पता है कि उनसे कैसे निपटना है। कोर्ट को हल्के में न लें।'
कोर्ट ने लगाया जुर्माना
जुलाई 2026 में इस मामले की समीक्षा की गई, जब सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले के निर्देशों का पालन न किए जाने पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने रैना और अन्य लोगों को खुद को यूथ आइकॉन मानने वाले बताया और इस मामले में उन पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
जुलाई 2026 में इस मामले की समीक्षा की गई, जब सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले के निर्देशों का पालन न किए जाने पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने रैना और अन्य लोगों को खुद को यूथ आइकॉन मानने वाले बताया और इस मामले में उन पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
समय रैना
- फोटो : सोशल मीडिया
प्रतिवादियों के काम से कोर्ट खुश
बाद में मामले ने एक नया मोड़ लिया, जब प्रतिवादियों ने दिव्यांग लोगों के समर्थन में कार्यक्रम आयोजित करने के अपने प्रयासों की जानकारी दी। कोर्ट ने देखा कि मार्च में पुणे में एक शतरंज टूर्नामेंट आयोजित किया गया था और फंड जुटाने के लिए और भी कार्यक्रम आयोजित करने की योजना थी। प्रतिवादियों ने संबंधित NGO के साथ काम करने और स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) से प्रभावित लोगों की मदद करने की इच्छा भी जताई।
आखिरकार, कोर्ट ने पाया कि उठाए गए कदम उसके पहले के निर्देशों के अनुरूप थे और उसने रैना तथा अन्य कॉमेडियन के प्रयासों की सराहना की।
बाद में मामले ने एक नया मोड़ लिया, जब प्रतिवादियों ने दिव्यांग लोगों के समर्थन में कार्यक्रम आयोजित करने के अपने प्रयासों की जानकारी दी। कोर्ट ने देखा कि मार्च में पुणे में एक शतरंज टूर्नामेंट आयोजित किया गया था और फंड जुटाने के लिए और भी कार्यक्रम आयोजित करने की योजना थी। प्रतिवादियों ने संबंधित NGO के साथ काम करने और स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) से प्रभावित लोगों की मदद करने की इच्छा भी जताई।
आखिरकार, कोर्ट ने पाया कि उठाए गए कदम उसके पहले के निर्देशों के अनुरूप थे और उसने रैना तथा अन्य कॉमेडियन के प्रयासों की सराहना की।