खुद को राह दिखाने वालों, मुसीबत के समय सहारा देने वालों और हर मुश्किल समय में हौसला बढ़ाने वालों का एहसान मानकर ही कोई कलाकार सुपरस्टार बनता है। हिंदी सिनेमा में ऐसी कई मिसालें हैं, जिन्हें जानकर एक बेहतर इंसान बनने के सबक सीखे जा सकते हैं। ऐसे ही एक नेकदिल इंसान हैं गायक उदित नारायण जिन्होंने लिटिल चैंप्स के नए एपिसोड में मशहूर संगीतकार प्यारेलाल शर्मा के सामने अपने दिल के सारे जज्बात उड़ेल दिए। बेहतरीन गायक उदित नारायण अपने करियर की शुरुआत से ही लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के आभारी रहे हैं। इसका कारण यह है कि इस जोड़ी ने ही पहली बार उदित नारायण को गाने का मौका दिलाया था। उसके बाद से ही उदित ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
जब प्यारेलाल को सामने देख भावुक हुए उदित नारायण, सुनाए संघर्ष के दिनों के दिल को छू लेने वाले किस्से
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इस समय उदित नारायण टीवी के रियलिटी शो 'सारेगामापा लिटिल चैंप्स' के आठवें सीजन का हिस्सा हैं। वह अपनी सह गायक अल्का याग्निक और कुमार सानू के साथ इस शो को जज कर रहे हैं। इस बार का शो लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के लोकप्रिय गानों पर आधारित होगा। साथ ही मशहूर संगीत निर्देशक प्यारेलाल शर्मा इस शो में अपनी पत्नी सुनीला शर्मा के साथ नजर आएंगे। इस मौके पर सभी जजों और प्यारेलाल ने अपने करियर की कई दिलचस्प बातें दर्शकों को बताईं। इसी दौरान उदित नारायण ने इंडस्ट्री में अपने पहले मौके के बारे में बताया जो उन्हें प्यारेलाल के जरिए मिला था।
'डफली वाले' गाने पर प्रतियोगी तनिष्का सरकार की प्रस्तुति के बाद उदित नारायण ने बताया, 'मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे प्यारेलाल जी जैसी संगीत विभूतियों से रूबरू होने का मौका मिलेगा। शुरूआती दिनों में दो वर्षों तक जब भी मुझे समय मिलता, तो मैं उनके घर चला जाता था। वे इतने व्यस्त होने के बावजूद मुझसे बिना यह पूछे मेरा स्वागत करते थे कि मैं हर दिन क्यों चला आता हूं? 'ओम शांति ओम', 'डफली वाले' जैसे उनके सभी लोकप्रिय गाने मेरे सामने ही रिकॉर्ड हुए थे। मैं इन दिग्गजों के बीच किसी विशाल समुद्र में एक छोटी-सी मछली की तरह था।'
एक खास दिन का वाकया बताते हुए उदित नारायण ने कहा, 'एक दिन रिकॉर्डिंग स्टूडियो में मैंने हिम्मत करके प्यारेलाल जी से कह दिया, 'आज मैं यहां से नहीं जाने वाला।' उन्होंने तुरंत जवाब दिया, 'बिल्कुल मत जाओ, हम आज तुम्हारा गाना सुनेंगे।' मैं बहुत खुश हुआ, और मैंने एक लोकगीत और एक पुराना गाना सुनाया। मेरी आवाज सुनकर उन्होंने कहा, 'इसी मुंबई शहर में तुम्हारा टाइम भी आएगा, बस उसका इंतजार करो।' उसके बाद उन्होंने मुझे कई अवसर दिए। यहां तक कि लक्ष्मीकांत जी ने भी मुझे बहुत प्यार दिया, और मैं वाकई उनका आभारी हूं।'
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