नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ‘शी’ के पहले सीजन के आखिरी एपिसोड में एक किरदार की एंट्री अचानक हुई जिसके बारे में किसी को कुछ नहीं पता था कि वो किरदार कहां से आया है और क्या करने वाला है? अब 'शी' के दूसरे सीजन में इस किरदार ने अपने डैने खोले हैं। उसके साम्राज्य का विस्तार दिख रहा है। वह इतना खूंखार क्यों है, इसके बारे में शो के रचयिता इम्तियाज अली ने कहानी भी गढ़ ली है। कुछ कुछ नाना पाटेकर के किरदारों से मिलता जुलता ये किरदार निभा रहे हैं दक्षिण भारतीय कलाकार किशोर कुमार जी (Kishore Kumar G)। किशोर कुमार कहते है, ‘इस किरदार को निभाने के लिए मुझे कुछ अलग से नहीं करना पड़ा क्योंकि जो मैं हूं, वही एक्ट करना था।'
She Season 2: यूट्यूब के वीडियो से मिला ‘शी’ का खतरनाक विलेन, शौक सिर्फ दो, जंगलों में खेती और फिल्मों में काम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किशोर बताते हैं, ‘इम्तियाज अली ने मेरा काम पहले कभी नहीं देखा था। एक यूट्यूब चैनल पर उन्होंने मेरा खेती करते हुए एक वीडियो देखा। उसे देखकर उन्हें लगा कि जिस नायक की वह तलाश कर रहे हैं। शायद उसे मैं निभा सकता हूं। इम्तियाज अली को लगा कि बाहर से जो दिखता है, अंदर से वो वैसा नहीं होना चाहिए। अगर आपने 'शी' देखा होगा तो मेरे कहने का आशय समझ रहे होंगे। नायक जनता है कि भूमि पुलिस वाली है फिर भी वह उससे मिलता रहता है। नायक के दिमाग में क्या चल रहा है, यह हर किसी की समझ से परे है।'
अभिनय के अलावा किशोर कुमार को खेती का भी बहुत शौक है। बेंगलुरु के नजदीक एक नेशनल पार्क है, उसी पार्क के पास पहाड़ियों से घिरे जंगल में किशोर खेती करते हैं। वह कहते हैं, ‘मुझे प्रकृति से बहुत प्रेम है। जब एक दोस्त ने मुझे उस जगह के बारे में बताया तो मुझे वह जगह बहुत खूबसूरत लगी और मैंने वह जगह खेती के लिए ले ली। वहां पहाड़, जंगल, पानी सब कुछ है जिसे देखकर उस जगह से मुझे प्यार हो गया। वहां पर मैं तरह-तरह फलों की खेती करता हूं।'
कन्नड़, तमिल और तेलुगू में अब तक 70-80 फिल्मों में काम कर चुके किशोर के अभिनय की कन्नड़ फिल्म 'अट्टहास' और तमिल फिल्म 'याना युद्दम' में खूब चर्चा हुई। इन दोनों फिल्मों में उन्होंने चंदन तस्कर वीरप्पन का किरदार निभाया है। किशोर को एक्टिंग का कोई शौक नहीं रहा। कॉलेज में भी वह शौकिया थिएटर करते थे। थिएटर में उन्हें दिलचस्पी थी और साहित्य की तरफ झुकाव ज्यादा था।
कन्नड़ साहित्य में मास्टर्स कर चुके अभिनेता किशोर कुमार जी साहित्य और थिएटर के लिए ही कुछ करना चाह रहे थे। इसी दौरान उनके एक मित्र ने उन्हें थिएटर करते देखा और अपनी कन्नड़ फिल्म में काम करने का प्रस्ताव दिया। यहां से उनके अभिनय करियर की शुरुआत हुई। किशोर कहते है, ‘अगर एक्टिंग नहीं कर रहा होता तो खेती बाड़ी ही करता जो अभी भी कर रहा हूं। साहित्य से लगाव था तो मेरी रुचि लेखन में रही है, इस समय एक फिल्म भी अपने एक मित्र के साथ मिलकर लिख रहा हूं।‘’

कमेंट
कमेंट X