डॉक्यू सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ पर छिड़ी बहस, लॉरेंस के चचेरे भाई ने किया विरोध; बोले- ‘बैन की जानी चाहिए’
Docu Series Lawrence of Punjab Controversy: हाल ही में एक डॉक्यू सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ का ट्रेलर सामने आया। रिलीज से पहले ही यह डॉक्यू सीरीज विवाद में फंस गई है। कई लोग पर बैन की मांग कर रहे हैं। हाल ही में लॉरेंस के परिवार ने भी डॉक्यू सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ पर आपत्ति जाहिर की।
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डॉक्यू सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ को लेकर सोशल मीडिया से लेकर पंजाब के राजनीति तक में बहस छिड़ी है। इसे बैन करने की मांग की जा रही है। बीते दिनों पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा ने डॉक्यू सीरीज 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' पर बैन लगाने की मांग की है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है, साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखकर डॉक्यू सीरीज 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' पर बैन लगाने की मांग की। अब इस सीरीज के विरोध में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का परिवार भी उतर आया है। वह भी इस पर बैन लगाने की मांग कर रहे हैं।
लॉरेंस के चचेरे भाई ने भी की बैन की मांग
लॉरेंस बिश्नोई के चचेरे भाई रमेश बिश्नोई ने डॉक्यू-सीरीज 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' की निंदा की है। वह इस पर जल्द से जल्द बैन लगाने की मांग की है। एएनआई से की गई बातचीत में वह कहते हैं, ‘पंजाब गुरुओं की धरती है। डायरेक्टर ने किसकी इजाजत से यह डॉक्यू सीरीज बनाई है? न परिवार से इजाजत ली, न सरकार से कोई परमिशन ली। वह इसके जरिए क्या साबित करना चाहते हैं? लाॅरेंस का मामला अभी भी कोर्ट में चल रहा है। हमें इस डॉक्यू सीरीज पर आपत्ति है। यह बैन की जानी चाहिए।
पंजाब पुलिस चाहती है डॉक्यू सीरीज पर रोक
पंजाब पुलिस ने भी औपचारिक रूप से सूचना और प्रसारण मंत्रालय से आग्रह किया है। वह ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ डॉक्यूमेंट्री सीरीज पर रोक चाहते हैं। यह सीरीज 27 अप्रैल को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज होने वाली है। स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (साइबर क्राइम) वी. नीरजा द्वारा भेजे गए एक आधिकारिक संदेश में कहा गया, ‘स्टेट पुलिस ने डॉक्यूमेंट्री के कंटेंट पर गंभीर चिंता जताई है। बताया जा रहा है कि यह डॉक्यूमेंट्री गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन और उसके आपराधिक सफर को दिखाती है। कहा जा रहा है कि इस सीरीज में हाई-प्रोफाइल अपराधों के नाटकीय चित्रण और असल जिंदगी के संदर्भ शामिल हैं। इसमें पंजाबी गायक सिद्धू मूसे वाला की हत्या और अन्य हिंसक घटनाएं भी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार डॉक्यू सीरीज अपराध का महिमामंडन करती है
पंजाब पुलिस के अनुसार यह डॉक्यूमेंट्री सीरीज संगठित अपराध का महिमामंडन और उसे आसान बनाकर पेश कर सकती है। जिससे युवा दर्शकों पर बुरा असर पड़ सकता है और वे आपराधिक गतिविधियों को सामान्य समझने लगेंगे। पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि इस तरह का कंटेंट अपराध कम करने प्रयासों को कमजोर करता है।
पंजाब पुलिस ने विशेष रूप से ओटीटी प्लेटफॉर्म को कहा है कि वे इस डॉक्यूमेंट्री सीरीज को स्ट्रीम न करें। इसके ट्रेलर को भी लोगों की पहुंच से हटा दें।
इस पूरे विवाद के बीच डॉक्यू सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ के मेकर्स ने कहा, ‘यह सीरीज दिखाती है कि कैसे महत्वाकांक्षा, सत्ता और लोगों की सोच मिलकर एक नए जमाने का डिजिटल सिंडिकेट तैयार करती है। इस पूरे माहौल में लॉरेंस बिश्नोई को एक केस स्टडी के तौर पर लिया गया है। लेकिन यह कहानी एक व्यक्ति तक सीमित न रहकर, उससे आगे बढ़कर बड़े सांस्कृतिक और सामाजिक संदर्भों की पड़ताल करती है। उनके नतीजों पर रोशनी डालती है।’

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