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Skin care: त्वचा पर हो रहे हैं दाग धब्बे तो अपनाएं ये आसन घरेलू उपाय, निखर जाएगा चेहरा

Wed, 23 Nov 2022 10:34 PM IST
स्वाति शैवाल लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: स्वाति शैवाल Updated Wed, 23 Nov 2022 10:34 PM IST
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Skin care: how to control pigmentation and get a beautiful skin
परेशान कर सकते हैं दाग धब्बे - फोटो : pixabay

खूबसूरत और दाग धब्बों रहित त्वचा केवल अच्छे स्वास्थ्य की ही निशानी नहीं होती। यह व्यक्तित्व को निखारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। लोग खूबसूरत स्किन के लिए हर जतन करने को तैयार रहते हैं। दुनियाभर में हर साल सैकड़ों उत्पाद केवल स्किन केयर से जुड़े लांच किये जाते हैं। लेकिन केवल इन उत्पादों का उपयोग ही काफी नहीं होता। स्किन की सम्पूर्ण देखभाल जरूरी होती है। खासकर अगर इस पर दाग धब्बे उभरने लगें तो। 



कुछ लोगों की त्वचा प्राकृतिक रूप से दाग धब्बों रहित होती है लेकिन कई बार त्वचा पर उभरने वाले दाग धब्बे किसी ऐसी वजह से भी हो सकते हैं जिसपर आपका ध्यान न जाए। ऐसे में आप ऊपरी तौर पर कितने भी उपाय कर लें लेकिन समस्या से छुटकारा नहीं मिलता। इसलिए जरूरी है कि त्वचा पर होने वाले पिगमेंटेशन की वजह से उभरने वाले दाग धब्बों की समस्या के कारण को समझा जाए और फिर इसके नियंत्रण के उपाय किये जाएँ। 

Skin care: how to control pigmentation and get a beautiful skin
मेलेनिन का असंतुलन बनता है परेशानी - फोटो : istock

पिगमेंटेशन और इसके कारण 

सामान्य भाषा में समझें तो पिगमेंटेशन का मतलब है त्वचा पर किसी जगह त्वचा के प्राकृतिक रंग का सामान्य की बजाय गहरा हो जाना। त्वचा के रंग को संतुलित रखने वाले ब्राउन पिग्मेंट यानी मेलेनिन के अधिक उत्पादन की वजह से ऐसा हो सकता है। त्वचा की सतह पर दिखाई देने वाले काले या भूरे से धब्बे या डार्क स्पॉट इस पिगमेंटेशन की वजह से हो सकते हैं। यदि समय पर इन पर नियंत्रण न किया जाए तो ये धब्बे त्वचा में गहरे अंदर तक जा सकते हैं और स्थाई रूप भी ले सकते हैं। इसके बाद इन्हें ठीक करना मुश्किल हो सकता है। यही कारण है कि समय रहते इन धब्बों का इलाज किया जाना जरूरी है। 

Skin care: how to control pigmentation and get a beautiful skin
गर्भावस्था में भी हो सकती है स्किन संबंधी समस्या - फोटो : pxhere.com

ये हो सकते हैं कारण 

पिगमेंटेशन की समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से 4 कारण प्रमुख हैं और ये किसी भी प्रकार की स्किन पर हो सकते हैं। इनमें शामिल हैं-

 
1. सूरज की तीखी किरणें: इन किरणों में बसी अल्ट्रावायलेट रेज केवल ऊपरी सनटैन या सनबर्न का ही कारण नहीं बनतीं। ये युवी रेज शरीर को अतिरिक्त मेलेनिन के उत्पादन के लिए उकसाती हैं ताकि त्वचा को क्षति से बचाया जा सके लेकिन परिणामस्वरूप त्वचा पर टैनिंग दिखने लगती है। जब त्वचा सूरज की इन किरणों के सम्पर्क में लगातार आने लगती है तो गहरे रंग के धब्बे त्वचा पर उभरने लगते हैं। 

2. गर्भावस्था के दौरान: महिलाओं में पिगमेंटेशन का एक और रूप उभर कर आ सकता है, गर्भावस्था के दौरान। इसे मेलस्मा या मास्क ऑफ़ प्रेग्नेंसी भी कहा जाता है। ये भूरे रंग के धब्बे आमतौर पर गर्भावस्था जैसी स्थिति में हार्मोन्स का असंतुलन होने से दिखाई देते हैं। कुछ मामलों में विभिन्न वजहों जैसे सूरज की हानिकारक किरणों के ज्यादा सम्पर्क में रहने, जेनेटिक्स एवं हार्मोनल परिवर्तनों आदि से से ये पुरुषों में भी उभर सकते हैं। 

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दवाइयां भी बन सकती हैं कारण - फोटो : अमर उजाला

3. त्वचा पर होने वाली किसी समस्या की वजह से: चाहे किसी की त्वचा संवेदनशील हो या सामान्य हो, दाद, खाज, रैशेज, मुहांसे, चोट लगने, किसी कीड़े-मकोड़े के काट लेने या खरोंच लग जाने की वजह से त्वचा इन्फ्लेमेशन यानी सूजन जैसी स्थिति से गुजर सकती है। इसकी वजह से पिगमेन्टेशन के लिए जवाबदार कोशिकाएं अति सक्रिय हो सकती हैं और नतीजा उस जगह पर गहरे धब्बे दिखाई दे सकते हैं। ऐसी स्थिति को पोस्ट इंफ्लेमेटरी हायपरपिगमेंटेशन कहा जाता है। 

4. किसी खास दवाई की वजह से: शोध यह बताते हैं कि कुछ दवाइयां और कुछ शारीरिक स्थितियां भी इस तरह के पिगमेन्टेशन का कारण बन सकती हैं। इसमें कुछ एंटीबायोटिक्स से लेकर नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स, एंटिमलेरियल दवाइयां और कीमोथैरेपी की कुछ दवाइयां आदि तक शामिल हो सकती हैं। कीमोथैरेपी की दवाइयों से होने वाला असर हालाँकि अधिकांश मामलों में अस्थाई होता है। इसके अलावा कई बार गर्भनिरोधक गोलियों की वजह से भी यह धब्बे उभर सकते हैं। 

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Skin care: how to control pigmentation and get a beautiful skin
मॉइश्चराइज़र का प्रयोग पूरी त्वचा के लिए जरूरी

इस तरह मिल सकता है आराम 

त्वचा शरीर का बाहरी आवरण है। इसलिए मौसम हो या कोई और बाहरी हमला, सबसे पहला वार त्वचा पर ही होता है। त्वचा की देखभाल किसी एक दिन की बात नहीं है, इसे नियमित रूटीन का हिस्सा बनाना जरूरी है। तब ही असर दिखाई देता है और इसके लिए कोई एक उपाय काम नहीं करता। सही पोषण, मॉइश्चराइजेशन, प्रोटेक्शन और व्यायाम, सबकुछ मिलकर असर करते हैं। अगर त्वचा पर पड़ने वाले दाग धब्बे शुरूआती दौर में ही कंट्रोल कर लिए जाएँ तो नुकसान कम से कम हो सकता है और आगे बढ़ने से रुक भी सकता है।  इसके लिए इन बातों पर ध्यान दें-

नियमित सफाई और मॉइश्चराइजर का उपयोग: यह एक बेसिक रूल है जो त्वचा पर लागू होता है। मॉइश्चराइजर हर स्थिति में, सुबह नहाने के बाद, मेकअप रिमूव करने के बाद, रात को सोने से पहले लगाना जरूरी है। इसकी मात्रा और प्रकार जरूर अलग हो सकते हैं। पिगमेंटेशन से पड़े धब्बों को हल्का करने के लिए भी अलग से मॉइश्चराइजर मिलते हैं इनका उपयोग किया जा सकता है। हमेशा अच्छे ब्रांड को चुनें। इससे त्वचा की कोशिकाओं को फलने-फूलने के लिए पोषण मिलेगा। एक अच्छा मॉइश्चराइजर त्वचा में मौजूद फैट या लिपिड को बनाये रखने में भी करता है और कोशिकाओं को स्वस्थ रखता है। 

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