फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

पसीना बह गया पानी में....: मंडियों में 14 लाख कुंतल से अधिक धान और बाजरा भीगा, कहीं तिरपाल तो कहीं कम पड़े शेड

Tue, 07 Oct 2025 01:32 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़/हिसार/करनाल/रोहतक
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़/हिसार/करनाल/रोहतक Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 07 Oct 2025 01:32 PM IST
सार

हरियाणा के 12 जिलों की मंडियों में 14 लाख कुंतल से अधिक धान और बाजरा भीग गया है। करनाल, फतेहाबाद और यमुनानगर में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। कहीं तिरपाल और शेड कम पड़ गए तो कहीं पानी की निकासी का प्रबंध नहीं है। आज भी कई जिलों में बादल बरसेंगे।

विज्ञापन
Haryana Weather Forecast Crops Damaged due to Heavy Rainfall IMD Alert for Rain News in Hindi
haryana mandi rain - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हरियाणा में सोमवार को हुई बारिश ने किसानों की महीनों की मेहनत व पसीने की कमाई पर पानी फेर दिया। 12 से अधिक जिलों में बारिश के चलते मंडियों में खुले में रखा करीब 14 लाख क्विंटल धान व बाजरा भीग गया। कई जगह मंडियों में खून-पसीने से उगाई गई किसानों की फसल पानी में बहती नजर आई।


करनाल, फतेहाबाद व यमुनानगर में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। करनाल की मंडियों में उचित प्रबंध नहीं होने से नौ लाख क्विंटल धान, फतेहाबाद में डेढ़ लाख क्विंटल धान व यमुनानगर में 60 हजार मीट्रिक टन धान भीग गया। कुछ मंडियों में तिरपाल से बचाने का प्रयास किया गया लेकिन बारिश तेज होने के कारण करीब 60 फीसदी धान भीग गया। 
Haryana Weather Forecast Crops Damaged due to Heavy Rainfall IMD Alert for Rain News in Hindi
तेज बारिश में भीगते धान की बोरियां - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला में तो बोरियों को ढकने के लिए तिरपाल ही कम पड़ गई। जिले में करीब 20 प्रतिशत धान भीगने का अनुमान है। इस कारण मंडी में सोमवार को खरीद नहीं हो पाई। ज्यादातर किसान भी मंडी में फसल लेकर नहीं पहुंचे। कुरुक्षेत्र में उठान के इंतजार में पड़ा 1100 मीट्रिक टन धान, भिवानी में 50,000 हजार क्विंटल बाजरा व 20 हजार क्विंटल धान प्रभावित हुआ है। पांचों जगह किसानों ने सुखाने के लिए ढेरियां शनिवार को खुले में रखी थी। रविवार को खरीद नहीं हुई और रविवार रात व सोमवार को आई बारिश से फसल भीग गई।
 
Haryana Weather Forecast Crops Damaged due to Heavy Rainfall IMD Alert for Rain News in Hindi
मंडी में जलभराव हुआ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत में 20 हजार क्विंटल धान भीगा
मंडी में बैठे किसानों व आढ़तियों के अनुसार कैथल में 60 हजार क्विंटल धान, सिरसा में 500 क्विंटल धान, चरखी दादरी में 100 क्विंटल बाजरा, झज्जर की मुख्य मुख्य अनाज मंडी में दो हजार क्विंटल धान और तीन हजार क्विंटल बाजरा और पानीपत में 20 हजार क्विंटल धान भीगा। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन
Haryana Weather Forecast Crops Damaged due to Heavy Rainfall IMD Alert for Rain News in Hindi
मंडी में जलभराव हुआ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हरियाणा में किसानों को काफी नुकसान
किसानों का कहना है कि मंडियों में न तो ढंग की शेड व्यवस्था है और न ही प्रशासन ने समय रहते बारिश से बचाव के इंतजाम किए जबकि मौसम विभाग ने एक सप्ताह पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था कि छह व सात अक्तूबर को तेज बारिश होगी। इससे पहले मानसून सीजन में हुई बारिश ने भी हरियाणा में किसानों को काफी नुकसान पहुंचाया था। खेतों में कई-कई दिन तक पानी भरे रहने से लाखों एकड़ फसल तबाह हो गई थी।
विज्ञापन
Haryana Weather Forecast Crops Damaged due to Heavy Rainfall IMD Alert for Rain News in Hindi
मंडी में जलभराव हुआ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
असर : खरीद प्रभावित होगी, कटाई रुकेगी
तिरपाल लगाने के बावजूद पानी लगने से धान में नमी आई है। इससे कुछ दिन मंडियों में खरीद प्रभावित रहेगी। 
बारिश के चलते फिलहाल खेतों में कटाई भी रुक गई है। सोनीपत में आढ़तियों ने किसानों के पास संदेश भेजकर सात अक्तूबर तक मंडियों में धान न लाने की अपील की है। 
बारिश के कारण खेतों में भी फसल भीग गई है। इससे उसे सूखने में कम से कम तीन दिन लग सकते हैं। इससे मंडियों में धान की आवक कम होगी।
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed