फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

'कहते हैं कि गालिब का अंदाज-ए-बयां और ...'

Tue, 27 Dec 2016 12:49 PM IST
मिर्ज़ा एबी बेग / बीबीसी उर्दू, दिल्ली
मिर्ज़ा एबी बेग / बीबीसी उर्दू, दिल्ली Updated Tue, 27 Dec 2016 12:49 PM IST
विज्ञापन
"Andaz-e-Ghalib speaks and says ... '
हर साल 27 दिसंबर को गालिब एक बरस और बूढ़े हो जाते हैं। लेकिन उनकी शायरी पसंद करने वालों के लिए वो हर बरस जवान ही होते हैं। इसी दौर में कुछ ऐसे भी हैं, जो शेर की टांग तोड़ते हैं, तो कोई कमर। यानी शेर उठने के काबिल न रहे। गालिब होते तो इस दुर्गति पर यही तो कहते,


हैरान हूं कि रोऊं कि पीटूं जिगर को मैं,
मकदूर हो तो साथ रखूं नौहागर को मैं। 

 
"Andaz-e-Ghalib speaks and says ... '
219 साल पहले आज ही के दिन आगरा में अब्दुल्लाह बेग के घर एक लड़का पैदा हुआ, जो बाद में असदुल्लाह, नौशा मियां और फिर गालिब के नाम से मशहूर हुआ लेकिन गालिब अगर अपने बारे में कहते तो शायद 'मशहूर' की जगह 'बदनाम' शब्द का इस्तेमाल करते। आज गालिब हमें इसलिए याद आ गए कि हमारे जमाने में हर चीज के लिए दिन मुकर्रर कर दिया गया है और शायद हमारे खमीर (डीएनए) में भी यही है।
 
"Andaz-e-Ghalib speaks and says ... '
गालिब हमारे दौर के हैं या हम उनके जमाने से आगे नहीं निकल पाए हैं, यह कहना थोड़ा मुश्किल है क्योंकि गालिब ने भी तो कहा था कि हर चीज के लिए संदर्भ होता है।

सीखे हैं महरुखों के लिए हम मुसव्वरी,
तकरीब कुछ तो बहरे मुलाकात चाहिए।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
"Andaz-e-Ghalib speaks and says ... '
अगर गालिब अभी जिंदा होते, तो अपनी 219वीं वर्षगांठ मना रहे होते और फिर बड़ा नाज उठवाते। और यह शेर शायद उन्होंने इसीलिए कहा था।

बहरा जो हूं तो चाहिए दूना हो इल्तेफात,
सुनता नहीं हूं बात मुकर्रर कहे बगैर।
 
विज्ञापन
"Andaz-e-Ghalib speaks and says ... '
खैर गालिब हर किसी के लिए अपने मायने रखते हैं। हम कौन होते हैं किसी की सोच बदलने वाले। लेकिन गालिब बहुत अजीब हैं। उनके यहां विरोधाभास इतना है कि सबके लिए गुंजाइश है। वह अपनी भी सराहना से नहीं चूकते लेकिन बुराई के रूप में। या फिर अगर करेंगे भी तो लोगों की जबान से। आज हमें सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा जो शेर नजर आया वह था।

हैं और भी दुनिया में सुखनवर बहुत अच्छे,
कहते हैं कि गालिब का है अंदाजे-बयां और।
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed