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Corona In India: क्या चीन की तरह भारत में भी फिर तबाही मचा सकता है कोरोना? तीन बिंदुओं में समझें सबकुछ
Tue, 20 Dec 2022 03:50 PM IST
हिमांशु मिश्रा
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Tue, 20 Dec 2022 03:50 PM IST
सार
हमने इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) गोरखपुर के रीजनल डायरेक्टर डॉ. रजनीकांत से बात की। उन्होंने भारत में कोरोना की स्थिति, सरकार की तैयारियों और लोगों की आदतों को लेकर जानकारी दी। आइए समझते हैं...
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भारत में कोरोना
- फोटो : अमर उजाला
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चीन में कोरोना ने एक बार फिर से कोहराम मचा रखा है। अगले तीन महीने के अंदर चीन के 80 करोड़ से ज्यादा लोगों के संक्रमित होने का खतरा मंडरा रहा है। दस लाख से ज्यादा लोगों की मौत की भी आशंका जताई गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के बाकी देशों पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है। दुनिया के 10 प्रतिशत से ज्यादा लोग अगले तीन महीने के अंदर संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।
भारत में कोरोना
- फोटो : अमर उजाला
1. क्या भारत में फिर से कोरोना बढ़ने की आशंका है?
नहीं, अभी कोरोना का कोई नया वैरिएंट सामने नहीं आया है। चीन में पुराने वैरिएंट से ही केस बढ़ रहे हैं। हमारे यहां 220 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन के डोज लगाए जा चुके हैं। 100 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन का पहला डोज लग चुका है। इनमें भी 95 करोड़ से ज्यादा लोग ऐसे हैं, जिन्हें वैक्सीन का दोनो डोज लग चुका है। वहीं, 22 करोड़ से ज्यादा लोग ऐसे हैं, जिन्हें बूस्टर डोज भी लग चुका है। ऐसे में फिलहाल भारत में कोरोना की नई लहर आने की आशंका नहीं है। हालांकि, इसके बावजूद सरकार ने सारी तैयारियां कर रखी हैं। अगर आगे चलकर स्थिति खराब होती है तो हम उससे निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। हमारे पास पर्याप्त संख्या में कोरोना की जांच के लिए लैब्स हैं। जिनोम सिक्केंसिंग के लिए भी लैब्स तैयार हैं।
नहीं, अभी कोरोना का कोई नया वैरिएंट सामने नहीं आया है। चीन में पुराने वैरिएंट से ही केस बढ़ रहे हैं। हमारे यहां 220 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन के डोज लगाए जा चुके हैं। 100 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन का पहला डोज लग चुका है। इनमें भी 95 करोड़ से ज्यादा लोग ऐसे हैं, जिन्हें वैक्सीन का दोनो डोज लग चुका है। वहीं, 22 करोड़ से ज्यादा लोग ऐसे हैं, जिन्हें बूस्टर डोज भी लग चुका है। ऐसे में फिलहाल भारत में कोरोना की नई लहर आने की आशंका नहीं है। हालांकि, इसके बावजूद सरकार ने सारी तैयारियां कर रखी हैं। अगर आगे चलकर स्थिति खराब होती है तो हम उससे निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। हमारे पास पर्याप्त संख्या में कोरोना की जांच के लिए लैब्स हैं। जिनोम सिक्केंसिंग के लिए भी लैब्स तैयार हैं।
चीन में कोरोना
- फोटो : अमर उजाला
2. क्या चीन में बढ़ते कोरोना से डरने की जरूरत है?
नहीं, बिल्कुल भी डरने की जरूरत नहीं है। हालांकि, ऐहतियात जरूर रखें। अगर किसी में कोरोना का लक्षण दिखता है। खांसी, जुखाम या बुखार होता है तो उन्हें ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे लोग मास्क पहनें। लोगों से दूरी बनाएं। कोरोना की जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह लें। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि हर कोई पैनिक सिचुएशन में आ जाए। अभी हमारे यहां हालात काफी अच्छे हैं।
नहीं, बिल्कुल भी डरने की जरूरत नहीं है। हालांकि, ऐहतियात जरूर रखें। अगर किसी में कोरोना का लक्षण दिखता है। खांसी, जुखाम या बुखार होता है तो उन्हें ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे लोग मास्क पहनें। लोगों से दूरी बनाएं। कोरोना की जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह लें। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि हर कोई पैनिक सिचुएशन में आ जाए। अभी हमारे यहां हालात काफी अच्छे हैं।
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हार्ट अटैक के मामलों में बढ़ोतरी हुई है।
- फोटो : अमर उजाला
3. क्या दिल का दौरा पड़ने से हो रहीं मौतों का कोरोना से कोई लिंक है?
अभी तक इस बात का कोई प्रमाण नहीं मिला है कि हार्ट अटैक से हो रहीं मौतें पोस्ट कोविड इफेक्ट हैं। इन मौतों को वैक्सीन से भी जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। फिर भी हम ये जानने के लिए स्टडी करेंगे कि इन मौतों का क्या कारण है?
अभी तक इस बात का कोई प्रमाण नहीं मिला है कि हार्ट अटैक से हो रहीं मौतें पोस्ट कोविड इफेक्ट हैं। इन मौतों को वैक्सीन से भी जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। फिर भी हम ये जानने के लिए स्टडी करेंगे कि इन मौतों का क्या कारण है?
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भारत में कोरोना के मामले
- फोटो : पीटीआई
आंकड़े भी यही कहते हैं कि भारत में कोरोना के मामलों में गिरावट हो रही
कोरोना से जुड़े आंकड़ों को देखें तो पिछले हफ्ते संक्रमण के चलते देशभर में 12 मौतें दर्ज की गई हैं। पिछले तीन दिनों से एक भी मौत का मामला सामने नहीं आया है। मार्च 2020 के बाद दैनिक मृत्यु के मामले में यह सबसे कम है। कोरोना के मामलों की बात करें तो पिछले सप्ताह कोरोना के 1103 नए मामले दर्ज किए गए है। यह पहले लॉकडाउन 23-29 मार्च, 2020 के बाद से सबसे कम है। तब 736 नए मामलों का पता चला था, जिसके बाद अगले सप्ताह यह आंकड़ा बढ़कर 3,154 पहुंच गया था। आंकड़ों के मुताबिक, बीते हुए सप्ताह (दिसंबर, 12-18) में पिछले सात दिनों में कोरोना के मामलों में 19% की गिरावट देखी गई है।
कोरोना से जुड़े आंकड़ों को देखें तो पिछले हफ्ते संक्रमण के चलते देशभर में 12 मौतें दर्ज की गई हैं। पिछले तीन दिनों से एक भी मौत का मामला सामने नहीं आया है। मार्च 2020 के बाद दैनिक मृत्यु के मामले में यह सबसे कम है। कोरोना के मामलों की बात करें तो पिछले सप्ताह कोरोना के 1103 नए मामले दर्ज किए गए है। यह पहले लॉकडाउन 23-29 मार्च, 2020 के बाद से सबसे कम है। तब 736 नए मामलों का पता चला था, जिसके बाद अगले सप्ताह यह आंकड़ा बढ़कर 3,154 पहुंच गया था। आंकड़ों के मुताबिक, बीते हुए सप्ताह (दिसंबर, 12-18) में पिछले सात दिनों में कोरोना के मामलों में 19% की गिरावट देखी गई है।