फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Cow Dung: गोबर से बना सकते हैं 'सोना', खत्म हो जाएगी आवारा पशुओं की समस्या

Sat, 28 Oct 2023 05:13 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Sat, 28 Oct 2023 05:13 PM IST
सार

पशुधन विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई हवा-हवाई बात नहीं है। इसमें जमीनी सच्चाई है कि यदि गाय दूध देना बंद भी कर दे, उसके बाद भी उसके गोबर से इतनी कमाई की जा सकती है कि उससे न केवल गाय को पालने का खर्च निकल सकता है, बल्कि इससे किसान परिवार को बड़ी आर्थिक मदद भी मिल सकती है...

विज्ञापन
Cow Dung: Money can be made from cow dung, the problem of stray animals will end
Gaushala - फोटो : Amar Ujala

जब से यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने गोवंश की हत्या पर सख्ती बरती है, राज्य में गोवंश की हत्या रुक गई है। लेकिन इसका एक नकारात्मक परिणाम यह देखने को मिल रहा है कि अब राज्य में जगह-जगह पर आवारा पशु दिखाई पड़ रहे हैं। ये दिन में सड़क-चौराहों पर ट्रैफिक समस्या का कारण बने रहते हैं, तो रात के समय ये किसानों की फसल चर जाते हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। लंबी बहस के बाद भी अब तक इस समस्या का हल नहीं निकल पाया है।

loader

लेकिन इसी बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वादा किया है कि यदि उनकी सरकार दोबारा सत्ता में वापस आ जाएगी, तो वह किसानों से दो रुपये किलो की दर से गाय का गोबर खरीदेगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार पहले ही छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना के अंतर्गत किसानों से गाय का गोबर इसी दर पर खरीद रही है। सरकार इस गोबर का उपयोग कंपोस्ट खाद बनाकर उसको कृषि में लगाने की योजना बना रही है। इससे रासायनिक खादों की आवश्यकता कम हो सकेगी, वहीं लोगों को जैविक खेती से बेहतर उत्पाद मिल सकेंगे।

Cow Dung: Money can be made from cow dung, the problem of stray animals will end
Nilkanth Gau Vigyan kendra - फोटो : Amar Ujala
रोजगार-पर्यावरण का बड़ा साधन बनने की क्षमता

पशुधन विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई हवा-हवाई बात नहीं है। इसमें जमीनी सच्चाई है कि यदि गाय दूध देना बंद भी कर दे, उसके बाद भी उसके गोबर से इतनी कमाई की जा सकती है कि उससे न केवल गाय को पालने का खर्च निकल सकता है, बल्कि इससे किसान परिवार को बड़ी आर्थिक मदद भी मिल सकती है।

कैसे कर सकते हैं कमाई

गुजरात के कच्छ क्षेत्र के गोपालक मेघजी हिरानी ने अमर उजाला को बताया कि वे नीलकंठ गोविज्ञान केंद्र के नाम से एक गोशाला चलाते हैं। इस गोशाला में इस समय 48 गायें हैं। दूध देने वाली एक गाय को चारा खिलाने का एक दिन का खर्च लगभग 60 रुपये आता है, तो दूध देने वाली गाय के चारे पर 170 रुपये का खर्च आता है। लेकिन किसी भी गाय के गोबर से विभिन्न उत्पाद बनाकर एक साल में एक लाख रुपये तक की कमाई की जा सकती है। इसमें सभी खर्च काट कर भी एक गाय से लगभग 40 हजार रुपये तक की कमाई हर साल की जा सकती है।       

एक गाय से 40 हजार की कमाई

मेघजी हिरानी ने बताया कि उनके कच्छ क्षेत्र में ही इस समय लगभग 102 छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां काम कर रही हैं, जो गाय के गोबर से दीपक, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, शुभ-लाभ के प्रतीक चिन्ह, छोटे-छोटे घर और खिलौने जैसे कुछ उत्पाद भी बनाए जा रहे हैं। खुदरा बाजार में इनकी कीमत दस रुपये से लेकर 200 रुपये के करीब तक है। गोबर विज्ञान को सीखकर कोई भी व्यक्ति इसे स्वरोजगार का साधन बना सकता है। इससे वह एक गाय से हर साल लगभग 40 हजार रुपये तक की कमाई कर सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Cow Dung: Money can be made from cow dung, the problem of stray animals will end
Gopalak Meghji Hirani - फोटो : Amar Ujala
ट्रेनिंग भी

कच्छ क्षेत्र में इस तकनीक को सिखाने के लिए कई केंद्र चल रहे हैं। इसमें दो से तीन दिन का सामान्य कोर्स करके कोई भी व्यक्ति अपना रोजगार शुरू कर सकता है। छोटे स्तर पर काम करना शुरू करने में कोई पूंजी नहीं लगानी पड़ती है। पांच-दस हजार रुपये में उत्पादन में लगने वाली सुगंधी जैसी अन्य चीजें खरीदी जा सकती हैं। लेकिन काम में ज्यादा वृद्धि होने पर मशीनें लगाई जा सकती हैं। इसमें कुछ लागत लग सकती है, लेकिन इससे कमाई में भी बहुत वृद्धि होने की संभावना होती है।

बघेल सरकार की योजना

छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार इस समय किसानों से दो रुपये किलो की दर से गाय का गोबर खरीद रही है। सरकार ने इसे 'छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना' का नाम दिया है। इस योजना को 20 जुलाई 2020 को शुरू किया गया था। कोई भी किसान एक फॉर्म पर आवश्यक सूचना देकर इस योजना का लाभ उठा सकता है। गोबर खरीद की राशि सीधे किसानों के खाते में भेज दी जाती है। इस योजना के अंतर्गत जून 2023 तक 488 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किसानों को किया जा चुका है।

Cow Dung: Money can be made from cow dung, the problem of stray animals will end
Nilkanth Gau Vigyan kendra - फोटो : Amar Ujala
उत्तर प्रदेश में सांड़ों की समस्या

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कुछ विशेष पशुओं की कटाई पर रोक लगा चुकी है। सरकार ने ये कदम गौवंश की कटाई को रोकने के लिए उठाया था। इससे गौ तस्करों के द्वारा गोवंश की अवैध कटाई पर लगाम लगाई जा चुकी है। लेकिन इसका नकारात्मक असर यह हुआ है कि अब जगह-जगह पर आवारा पशु घूमते रहते हैं। सड़कों-चौराहों पर उनके घूमने से ट्रैफिक की समस्या पैदा हो रही है, तो ये पशु रात को किसानों की फसलें चर जा रहे हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।

यूपी सरकार ने जगह-जगह पर गोशालाएं खोली हैं। इसमें पशुओं को खिलाने-पिलाने के लिए यूपी सरकार के द्वारा आर्थिक सहायता दी जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9 सितंबर 2023 को एक निर्णय लेते हुए गोवंश को पालने की राशि 30 रुपये प्रतिदिन प्रति गोवंश को बढ़ाकर 50 रुपये प्रति दिन कर दिया है। यूपी में इस समय 6889 गोवंश पालन केंद्र चल रहे हैं। इनमें 11.89 लाख गोवंश आश्रय पा रहे हैं। यदि सरकार के ही आंकड़ों को मानें, तो इसके लिए हर साल उसे हजारों करोड़ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं, जबकि यदि लोगों को गोबर के उत्पादों को बनाने-बेचने के लिए प्रेरित किया जाए, तो इससे न केवल बेरोजगारी की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि इसके उत्पादों से पर्यावरण की समस्या को कम करने में भी मदद मिलेगी।

विज्ञापन
अगली फोटो गैलरी देखें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Followed