राजस्थान में राजघरानों की उम्मीदवारी ने लोकसभा चुनाव के सियासी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। इन लोकसभा सीटों में धौलपुर राजघराने से दुष्यंत सिंह झालावाड़-बांरा सीट से चुनावी मैदान में हैं तो भाजपा के टिकट पर जयपुर राजघराने की दीया कुमारी राजसमंद सीट से मैदान में हैं। इधर, अलवर राजघराने से भंवर जितेंद्र सिंह को अलवर लोकसभा सीट से कांग्रेस ने टिकट दिया है।
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राजस्थान में राजघरानों की जंग: बेटों पर मां-बाप की साख बचाने की जवाबदेही, राजकुमारी भी मैदान में
Sun, 28 Apr 2019 11:57 AM IST
Nilesh Kumar
चुनाव डेस्क, अमर उजाला
चुनाव डेस्क, अमर उजाला
Published by: Nilesh Kumar
Updated Sun, 28 Apr 2019 11:57 AM IST
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तीन राजघराने के सदस्य चुनावी मैदान में
- फोटो : अमर उजाला
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diya kumari
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पिता कांग्रेस से लड़े थे चुनाव, बेटी भाजपा प्रत्याशी
जयपुर राजघराने की सदस्य दीया कुमारी भाजपा की विधायक रही हैं। बीते विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट नहीं दिया गया था, जबकि लोकसभा चुनाव में राजसमंद सीट से टिकट दिया गया है। उनके पिता स्व. महाराजा भवानी सिंह ने 1989 में कांग्रेस के टिकट पर जयपुर संसदीय सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन भाजपा के गिरधारी लाल भार्गव से चुनाव हार गए थे। दीया की दादी राजमाता गायत्री देवी तीन बार स्वतंत्र पार्टी के टिकट पर सांसद बनी थीं। राजस्थान में गैर कांग्रेसी नेताओं को एकजुट करने में गायत्री देवी की महत्वपूर्ण भूमिका थी।
जयपुर राजघराने की सदस्य दीया कुमारी भाजपा की विधायक रही हैं। बीते विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट नहीं दिया गया था, जबकि लोकसभा चुनाव में राजसमंद सीट से टिकट दिया गया है। उनके पिता स्व. महाराजा भवानी सिंह ने 1989 में कांग्रेस के टिकट पर जयपुर संसदीय सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन भाजपा के गिरधारी लाल भार्गव से चुनाव हार गए थे। दीया की दादी राजमाता गायत्री देवी तीन बार स्वतंत्र पार्टी के टिकट पर सांसद बनी थीं। राजस्थान में गैर कांग्रेसी नेताओं को एकजुट करने में गायत्री देवी की महत्वपूर्ण भूमिका थी।
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कांग्रेस के देवकीनंदन से होगी दिया की टक्कर
राजसमंद से दीया कुमारी भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रही हैं। राजसमंद लोकसभा सीट चार जिलों राजसमंद, नागौर, अजमेर और पाली के आठ विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर बनाई गई है। राजपूत, रावत और गुर्जर बहुल इस सीट पर इस बार कांग्रेस ने देवकीनंदन गुर्जर को टिकट दिया है।
राजसमंद से दीया कुमारी भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रही हैं। राजसमंद लोकसभा सीट चार जिलों राजसमंद, नागौर, अजमेर और पाली के आठ विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर बनाई गई है। राजपूत, रावत और गुर्जर बहुल इस सीट पर इस बार कांग्रेस ने देवकीनंदन गुर्जर को टिकट दिया है।
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vasundhra raje(File Photo)
- फोटो : twitter
मां वसुंधरा की सीट संभाल रहे हैं दुष्यंत
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पुत्र दुष्यंत सिंह धौलपुर राजघराने के सदस्य हैं। वह चौथी बार झालावाड़ लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। वे यहां से लगातार तीन बार चुनाव जीत चुके हैं। सहरिया, आदिवासी और वैश्य बहुल इस क्षेत्र में वसुंधरा का जलवा करीब तीन दशक से बरकरार है। इससे पहले उनकी मां वसुंधरा राजे यहां से पांच बार सांसद रहीं।
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पुत्र दुष्यंत सिंह धौलपुर राजघराने के सदस्य हैं। वह चौथी बार झालावाड़ लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। वे यहां से लगातार तीन बार चुनाव जीत चुके हैं। सहरिया, आदिवासी और वैश्य बहुल इस क्षेत्र में वसुंधरा का जलवा करीब तीन दशक से बरकरार है। इससे पहले उनकी मां वसुंधरा राजे यहां से पांच बार सांसद रहीं।
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भंवर जितेन्द्र(File Photo)
- फोटो : Amar Ujala
अलवर राजघराने से भंवर जितेंद्र सिंह मैदान में
अलवर राजघराने से भंवर जितेंद्र सिंह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नजदीकी माने जाते हैं। सांसद रहते हुए मनमोहन सिंह सरकार में गृह राज्यमंत्री भी रहे जितेंद्र पिछला चुनाव महंत चांदनाथ से हार गए थे। उनकी मां महेंद्र कुमारी भाजपा के टिकट पर सांसद रही हैं। यहां अब तक हुए 16 लोकसभा चुनाव मे 10 बार कांग्रेस, तीन बार भाजपा, एक बार लोकदल, एक बार जनता दल और एक बार निर्दलीय ने जीत दर्ज की है।
अलवर राजघराने से भंवर जितेंद्र सिंह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नजदीकी माने जाते हैं। सांसद रहते हुए मनमोहन सिंह सरकार में गृह राज्यमंत्री भी रहे जितेंद्र पिछला चुनाव महंत चांदनाथ से हार गए थे। उनकी मां महेंद्र कुमारी भाजपा के टिकट पर सांसद रही हैं। यहां अब तक हुए 16 लोकसभा चुनाव मे 10 बार कांग्रेस, तीन बार भाजपा, एक बार लोकदल, एक बार जनता दल और एक बार निर्दलीय ने जीत दर्ज की है।