फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

प. बंगाल में इस बार कांटे का मुकाबला, भाजपा दे रही ममता को उनके गढ़ में चुनौती

Mon, 15 Apr 2019 06:42 PM IST
Trainee Trainee चुनाव डेस्क अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Trainee Trainee Updated Mon, 15 Apr 2019 06:42 PM IST
विज्ञापन
Lok Sabha Chunav 2019: West Bengal local issues NRC, infiltration and corruption
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा की सीधी टक्कर - फोटो : Amar Ujala

लोकसभा चुनाव 2019 का पहले चरण का मतदान संपन्न हो चुका है। अब सभी पार्टिया पूरे-जोर शोर के साथ बाकी चरणों के चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। इस बार पश्चिम बंगाल की राजनीति सबसे ज्यादा गरमाई हुई है। बंगाल की राजनीति से लेफ्ट सिमटती जा रही है, वहीं भाजपा लगातार अपनी पैठ मजबूत करती जा रही है। पिछले कुछ स्थानीय और विधानसभा चुनाव परिणामों को देखने पर यह बात स्पष्ट भी हो गई है। इस बार यहां की 42 सीटों पर भाजपा की सीधी टक्कर ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस से है। ममता बनर्जी जहां मोदी हटाओ का नारा दे रही हैं वहीं भाजपा उन पर कुशासन और भ्रष्टाचार का आरोप लगा रही है।


 

Lok Sabha Chunav 2019: West Bengal local issues NRC, infiltration and corruption
एनआरसी

पश्चिम बंगाल में एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दे रही सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए लोकसभा चुनावों राष्ट्रीय नागरिक पंजी, नागरिकता (संशोधन) विधेयक और घुसपैठ प्रमुख मुद्दे हैं। रोजगार सृजन, अल्पसंख्यकों को रिझाना, भ्रष्टाचार, केंद्र में अगली सरकार बनाने में तृणमूल कांग्रेस की भूमिका, बालाकोट हवाई हमलों की सच्चाई भी महत्वपूर्ण मुद्दे बनकर सामने आए हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह फिर से सत्ता में आने पर देशभर में खासतौर से पश्चिम बंगाल में एनआरसी और नागरिकता (संशोधन) विधेयक लागू करने पर लगातार जोर देते रहे हैं। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जी जान से इसका विरोध करने का वादा किया है।

Lok Sabha Chunav 2019: West Bengal local issues NRC, infiltration and corruption
सिटीजनशिप बिल का विरोध करते लोग
एनआरसी तब विवादों में आया जब दशकों से असम में रह रहे करीब 40 लाख लोगों के नाम 2018 में जारी अंतिम मसौदे से पूरी तरह हटा दिए गए। बनर्जी लगातार दावा करती रही हैं कि एनआरसी और नागरिकता (संशोधन) विधेयक असल में भारतीय नागरिकों को ही शरणार्थी बना देगा। शाह ने बृहस्पतिवार को राज्य में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए घुसपैठ का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने बांग्लादेश के अवैध प्रवासियों को ‘‘दीमक’’ बताया। एनआरसी, नागरिकता (संशोधन) विधेयक और घुसपैठ के मुद्दे की गूंज राज्य में जमीनी स्तर पर भी सुनाई दे रही है। बड़ी संख्या में शरणार्थियों के प्रवेश करने और विभाजन के बाद से लगातार घुसपैठ के कारण ये मुद्दे निकले हैं। टीएमसी महासचिव ने कहा कि हम जनता के पास यह संदेश लेकर जा रहे हैं कि एनआरसी और नागरिकता (संशोधन) विधेयक लोगों पर कैसे असर डालेगा और कैसे भाजपा उन्हें इन मुद्दों पर भ्रमित करने की कोशिश कर रही है। हमें अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और हम शरणार्थी नहीं बनना चाहते।
विज्ञापन
विज्ञापन
Lok Sabha Chunav 2019: West Bengal local issues NRC, infiltration and corruption
पश्चिम बंगाल में मुस्लिम आबादी

भारत-बांग्लादेश सीमा के समीप संसदीय सीटों जैसे कि राजगंज, कूचबिहार, बालुरघाट, मालदा उत्तर, मालदा दक्षिण, ब्रह्मपुर, मुर्शिदाबाद, जलपाईगुड़ी, जयनगर, बशीरहाट, बनगांव में मुस्लिम आबादी काफी तादाद में है। टीएमसी की राज्य में अल्पसंख्यक मतदाताओं पर अच्छी पकड़ है और वह यह प्रचार कर रही है कि कैसे भाजपा एनआरसी के नाम पर मुसलमानों को निशाना बनाने की कोशिश कर रही है।

विज्ञापन
Lok Sabha Chunav 2019: West Bengal local issues NRC, infiltration and corruption
दिलीप घोष(भाजपा प्रमुख बंगाल) - फोटो : Facebook
दूसरी ओर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि अगर पार्टी सत्ता में आयी तो वह अवैध मदरसों के खिलाफ कदम उठाएगी और राज्य में रिझाने वाला कोई कदम नहीं उठाएगी। पार्टी ने सारदा और रोज वैली चिट फंड घोटालों और नारद स्टिंग ऑपरेशन के बाद भ्रष्टाचार को भी प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया है। वहीं, राज्य में अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही माकपा और कांग्रेस रोजगार सृजन और किसानों की कर्जमाफी के मुद्दों पर जोर दे रहे हैं। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed