बिहार की राजनीति में बाहुबली नेताओं का दबदबा हमेशा से ही रहा है। इसका असर उनके परिवारों को राजनीति में मिलने वाली तरजीह में भी साफ दिखता है। इस बार भी बिहार में कई ऐसी सीटें हैं जिसपर बाहुबली नेताओं की पत्नियों को टिकट दिया गया है। तस्वीरों में जानिए ऐसी ही सीटों के बारे में-
चुनावी मैदान है बिहार का और दम दिखाने को तैयार हैं इन बाहुबलियों की पत्नियां
सीवान
एनडीए के सीट समझौते में सीवान जदयू के खाते में है, जहां पार्टी ने बाहुबली अजय सिंह की पत्नी कविता सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। मर्डर, लूट, अपहरण समेत 30 मामलों के आरोपी अजय सिंह नीतीश कुमार के करीबी माने जाते हैं। साल 2011 में अजय सिंह की मां दरौंदा सीट से विधायक थीं। उनके निधन के बाद उपचुनाव में नीतीश कुमार की सलाह पर अजय सिंह ने पत्नी कविता सिंह को चुनाव में उम्मीदवार बनाया। तब से कविता विधायक हैं और अब सांसद का चुनाव लड़ रही हैं।
यानी सीवान में हिना शहाब बनाम कविता सिंह का दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा।
मुंगेर
बिहार के मुंगेर सीट पर एक तरफ एनडीए की ओर से जदयू के ललन सिंह मैदान में हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस ने कभी ललन सिंह के करीबी मित्र रहे मुंगेर के बाहुबली अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी को एनडीए के खिलाफ अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। हालांकि नीलम देवी गृहिणी हैं, लेकिन पति के लिए प्रचार करती रही हैं। 2015 के विधानसभा चुनाव में जब अनंत सिंह जेल से लड़ रहे थे तब नीलम ने ही प्रचार की कमान संभाल रखी थी। मुंगेर सीट भूमिहार बहुल है और अनंत सिंह जिस मोकामा से विधायक हैं। वो सीट इसी लोकसभा में आती है।
सुपौल
बिहार के मधेपुरा से मौजूदा सांसद और बाहुबली नेता पप्पू यादव जहां एक तरफ मधेपुरा से मैदान में उतर रहे हैं, वहीं उनकी पत्नी रंजीत रंजन सुपौल से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। इससे पहले 2014 में मोदी लहर के बावजूद पप्पू यादव ने अपनी पत्नी रंजीत रंजन को सुपौल से तो जिताया ही खुद मधेपुरा में भी जीत का परचम फहराया था। इस बार सुपौल सीट पर रंजीत रंजन का मुकाबला एनडीए प्रत्याशी दिलेश्वर कामत से होगा।