महाराष्ट्र में 'मोदी लहर' की बदौलत कई दिग्गज 2019 के लोकसभा चुनाव में धराशायी हो गए हैं। सूबे में भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने जबरदस्त जीत हासिल की है। कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन 2014 की तरह इस बार भी कोई कमाल नहीं कर पाया है। 48 लोकसभा साटों वाले महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना का प्रदर्शन शानदार रहा है। जबकि कांग्रेस को फिर से झटका लगा है।आइए जानते हैं 2019 का मोदी सुनामी किन प्रत्याशियों को ले डूबा....
महाराष्ट्र: 2019 मोदी सुनामी में धराशायी हुए ये दिग्गज
उर्मिला मातोंडकर
मुंबई उत्तर लोकसभा सीट से उर्मिला मातोंडकर चुनाव हार गईं। उर्मिला को भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी गोपाल शेट्टी ने चुनाव हराया। हालांकि, आखिरी नतीजे आने से पहले ही उर्मिला मातोंडकर मीडिया के सामने आई और उन्होंने गोपाल शेट्टी को जीत की बधाई दी, साथ ही में ईवीएम पर भी सवाल उठाए। उर्मिला मातोंडकर मुंबई उत्तर सीट से पहली बार चुनाव लड़ी थीं। लेकिन, 'मोदी सूनामी' के आगे वे धराशायी हो गईं।
प्रिया दत्त
मुंबई उत्तर मध्य सीट से कांग्रेस प्रत्याशी प्रिया दत्त चुनाव हार गई हैं। प्रिया दत्त को भारतीय जनता पार्टी की पूनम महाजन ने चुनाव हराया। साल 2014 में भी इस सीट से पूनम महाजन ही लोकसभा चुनाव जीती थीं। तीन बार इस सीट से सांसद रहीं प्रिया दत्त '2019 में मोदी सूनामी' के आगे धराशायी हो गईं।
महाराष्ट्र की मावल लोकसभा सीट से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पार्थ अजित पवार चुनाव हार गए हैं। शिवसेना के श्रीरंग सी बारने ने अजित पवार को चुनाव हराया है। श्रीरंग सी बारने साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भी इस सीट से जीते थे।
संघ के दुर्ग नागपुर से भारतीय जनता पार्टी के नितिन गडकरी चुनाव जीते हैं। उन्होंने कांग्रेस के नाना पटोले को करारी शिकस्त दी। नितिन गडकरी ने साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भी इस सीट से जीत दर्ज की थी।कांग्रेस के अलावा गडकरी को चुनौती देने के लिए इस सीट से एआईएमआईएम के अब्दुल करीम और बसपा के मोहम्मद जमाल मैदान में थे। यह सीट भले ही दुर्ग संघ का हो लेकिन कांग्रेस की तूती बोलती रही है, जो 2019 के मोदी सूनामी में धराशायी हो गई। नागपुर सीट पर यह भाजपा की तीसरी जीत है। इससे पहले पार्टी यहां 1996 और 2014 में जीत चुकी है।