{"_id":"63a6b9048a2a7c6847697112","slug":"mathura-has-royal-idgah-really-been-built-on-shri-krishnas-birthplace-know-the-controversy","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Mathura: क्या सच में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर शाही ईदगाह बनाया गया है, जानें कब और कैसे शुरू हुआ विवाद?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Mathura: क्या सच में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर शाही ईदगाह बनाया गया है, जानें कब और कैसे शुरू हुआ विवाद?
Sat, 24 Dec 2022 02:02 PM IST
हिमांशु मिश्रा
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Sat, 24 Dec 2022 02:02 PM IST
सार
आखिर श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद का विवाद क्या है? कब और कैसे विवाद शुरू हुआ? हिंदू पक्ष और मुस्लिम पक्ष के दावे क्या-क्या हैं? आइए जानते हैं...
विज्ञापन
मथुरा में मंदिर-मस्जिद विवाद
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा में श्री कृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह के विवाद में आज एक नया मोड़ आ गया। आज मथुरा ने विवादित स्थल पर सर्वे कराने का आदेश दे दिया है। हिंदू पक्ष ने इसके लिए मांग की थी। कोर्ट ने अमीन को 20 जनवरी तक नक्शे सहित शाही ईदगाह विवादित स्थल की सर्वेक्षण रिपोर्ट कोर्ट को सौंपन को कहा है।
मथुरा में तैनात फोर्स
- फोटो : अमर उजाला
पहले जानिए आज हाईकोर्ट ने क्या-क्या कहा?
मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद को लेकर विवाद है। 13.37 एकड़ भूमि के स्वामित्व की मांग को लेकर मथुरा कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में पूरी जमीन लेने और श्री कृष्ण जन्मभूमि के बराबर में बनी शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने विवादित स्थल का सर्वे कराने की मांग की थी। आज सुनवाई करते हुए सिविल जज सीनियर डिविजन तृतीय सोनिका वर्मा की कोर्ट ने शाही ईदगाह के विवादित स्थल के सर्वे का आदेश दिया। कोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को भी नोटिस तामील कराने का आदेश दिया है। 20 जनवरी तक अमीन को इसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करनी होगी। वादी के वकील शैलेश दुबे ने बताया कि हिंदू सेना की तरफ से दायर याचिका पर कोर्ट का ये फैसला आया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई भी 20 जनवरी को होगी।
मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद को लेकर विवाद है। 13.37 एकड़ भूमि के स्वामित्व की मांग को लेकर मथुरा कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में पूरी जमीन लेने और श्री कृष्ण जन्मभूमि के बराबर में बनी शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने विवादित स्थल का सर्वे कराने की मांग की थी। आज सुनवाई करते हुए सिविल जज सीनियर डिविजन तृतीय सोनिका वर्मा की कोर्ट ने शाही ईदगाह के विवादित स्थल के सर्वे का आदेश दिया। कोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को भी नोटिस तामील कराने का आदेश दिया है। 20 जनवरी तक अमीन को इसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करनी होगी। वादी के वकील शैलेश दुबे ने बताया कि हिंदू सेना की तरफ से दायर याचिका पर कोर्ट का ये फैसला आया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई भी 20 जनवरी को होगी।
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि का विवाद
- फोटो : अमर उजाला
कितना पुराना विवाद?
शाही ईदगाह मस्जिद मथुरा शहर में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर परिसर से सटी हुई है। 12 अक्तूबर 1968 को श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने शाही मस्जिद ईदगाह ट्रस्ट के साथ एक समझौता किया। समझौते में 13.37 एकड़ जमीन पर मंदिर और मस्जिद दोनों के बने रहने की बात है।
शाही ईदगाह मस्जिद मथुरा शहर में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर परिसर से सटी हुई है। 12 अक्तूबर 1968 को श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने शाही मस्जिद ईदगाह ट्रस्ट के साथ एक समझौता किया। समझौते में 13.37 एकड़ जमीन पर मंदिर और मस्जिद दोनों के बने रहने की बात है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मथुरा में विवाद चल रहा है।
- फोटो : अमर उजाला
पूरा विवाद इसी 13.37 एकड़ जमीन को लेकर है। इस जमीन में से 10.9 एकड़ जमीन श्रीकृष्ण जन्मस्थान और 2.5 एकड़ जमीन शाही ईदगाह मस्जिद के पास है। इस समझौते में मुस्लिम पक्ष ने मंदिर के लिए अपने कब्जे की कुछ जगह छोड़ी और मुस्लिम पक्ष को बदले में पास में ही कुछ जगह दी गई थी। अब हिन्दू पक्ष पूरी 13.37 एकड़ जमीन पर कब्जे की मांग कर रहा है।
विज्ञापन
इतिहास क्या कहता है?
ऐसा कहा जाता है कि औरंगजेब ने श्रीकृष्ण जन्म स्थली पर बने प्राचीन केशवनाथ मंदिर को नष्ट करके उसी जगह 1669-70 में शाही ईदगाह मस्जिद का निर्माण कराया था। 1770 में गोवर्धन में मुगलों और मराठाओं में जंग हुई। इसमें मराठा जीते। जीत के बाद मराठाओं ने फिर से मंदिर का निर्माण कराया। 1935 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 13.37 एकड़ की भूमि बनारस के राजा कृष्ण दास को आवंटित कर दी। 1951 में श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट ने ये भूमि अधिग्रहीत कर ली।
ऐसा कहा जाता है कि औरंगजेब ने श्रीकृष्ण जन्म स्थली पर बने प्राचीन केशवनाथ मंदिर को नष्ट करके उसी जगह 1669-70 में शाही ईदगाह मस्जिद का निर्माण कराया था। 1770 में गोवर्धन में मुगलों और मराठाओं में जंग हुई। इसमें मराठा जीते। जीत के बाद मराठाओं ने फिर से मंदिर का निर्माण कराया। 1935 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 13.37 एकड़ की भूमि बनारस के राजा कृष्ण दास को आवंटित कर दी। 1951 में श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट ने ये भूमि अधिग्रहीत कर ली।