सब्सक्राइब करें

MIG-21 Crash: क्या 'फ्लाइंग कॉफिन' बन गए हैं मिग-21 लड़ाकू विमान? जानें इस विमान के बारे में सब कुछ

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Thu, 28 Jul 2022 11:58 PM IST
सार

मिग-21 विमान को भारतीय वायु सेना में साल 1963 में शामिल किया गया था। उस वक्त के सबसे उन्नत किस्म के विमानों में से एक होने की वजह से भारत ने कुल 874 मिग-21 विमानों को अपने बेड़े में शामिल किया था।

विज्ञापन
MiG-21 Crash fighter aircraft is being called Flying Coffin Know everything about Indian Air Force plane
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Social Media

भारतीय वायु सेना का मिग-21 लड़ाकू विमान राजस्थान के बाड़मेर में हादसे का शिकार हो गया। र्घटना में मिग-21 ट्रेनर विमान के दोनों पायलटों की जान चली गई। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर मिग-21 विमानों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, यह पहला मामला नहीं है, जहां मिग-21 विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। लगातार हो रहे हादसों और देश के बहादुर जवानों की मौत की वजह से मिग-21 विमानों को 'फ्लाइंग कॉफिन' यानी उड़ता हुआ ताबूत के नाम से भी जाना जाने लगा है। आइए जानते हैं इस विमान के बारे में सब कुछ...

Trending Videos
MiG-21 Crash fighter aircraft is being called Flying Coffin Know everything about Indian Air Force plane
मिग 21 - फोटो : Social Media
सबसे पहले जानते हैं मिग-21 के बारे में
मिग-21 को मिकोयान गुरेविच भी कहते हैं। यह सोवियत काल के उन्नत लड़ाकू विमानों में से एक है। सोवियत यूनियन (वर्तमान में रूस) की मिकोयान कंपनी इसका निर्माण करती थी। इसने अपनी पहली उड़ान साल 1955 में भरी थी और इसे आधिकारिक रूप से साल 1959 में सेना में शामिल किया गया था। इस विमान के निर्माण के पीछे मुख्य वजह सोवियत संघ और पश्चिमी देशों के बीच प्रतिद्वंदिता थी। सोवियत संघ इसके जरिए अमेरिका और उसके सहयोगी नाटों देशों को जवाब देना चाहता था। 
विज्ञापन
विज्ञापन
MiG-21 Crash fighter aircraft is being called Flying Coffin Know everything about Indian Air Force plane
मिग 21 बायसन - फोटो : IAF
IAF में कब शामिल किया गया?
मिग-21 विमान को भारतीय वायु सेना में साल 1963 में शामिल किया गया था। उस वक्त के सबसे उन्नत किस्म के विमानों में से एक होने की वजह से भारत ने कुल 874 मिग-21 विमानों को अपने बेड़े में शामिल किया था। इनमें से ज्यादातर विमानों का निर्माण भारत में ही किया गया था। हालांकि, अब इस विमान का निर्माण बंद किया जा चुका है। भारत की हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) इसे लाइसेंस के तहत अपग्रेड करती है।
MiG-21 Crash fighter aircraft is being called Flying Coffin Know everything about Indian Air Force plane
MIG-21 क्रैश - फोटो : ANI
हादसों की लंबी सूची
भारतीय वायुसेना के मिग-21 विमानों के हादसों की सूची काफी लंबी है। साल 2021 में करीब पांच मिग-21 विमान हादसे का शिकार हुए थे। इससे पहले 2013 में दो, 2014 में तीन, 2015 में दो, 2016 में तीन, 2018 में दो और 2019 में तीन मिग-21 क्रैश हुए। इससे पहले साल 2012 में तत्कालीन रक्षामंत्री एके एंटनी ने अपने आधिकारिक बयान में बताया था कि वायु सेना में शामिल होने के बाद से लेकर साल 2012 तक 482 मिग-21 विमान हादसे के शिकार हो चुके थे। इन हादसों में 171 पायलट, 39 आम नागरिक और आठ अन्य की मौत हुई थी। इसके बाद भी साल दर साल ये विमान हादसे का शिकार होते रहे। 
विज्ञापन
MiG-21 Crash fighter aircraft is being called Flying Coffin Know everything about Indian Air Force plane
मिग 21 - फोटो : IAF
क्या है विमान की खूबी?
मिग-21 विमान को भारतीय वायुसेना के पहले सुपर सोनिक विमान के रूप में जाना जाता है। यह विमान ध्वनि की गति से तेज उड़ने की क्षमता रखते हैं। इसका इस्तेमाल दुनिया भर के 60 से अधिक देशों ने किया है। भारत के लिए भी कई अहम मौके पर मिग-21 ने गेंमचेंजर की भूमिका निभाई है। 1965, 1971 और 1999 में पाकिस्तान से लड़ाई में इस विमान ने अहम योगदान दिया था। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed