प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का पहला कैबिनेट विस्तार आज (बुधवार) शाम हुआ। इस 43 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई, जिनमें 36 नए चेहरे शामिल हैं। इस रिपोर्ट में हम आपको सभी 36 नए मंत्रियों से रूबरू करा रहे हैं। साथ ही, आपको उन सभी की पढ़ाई-लिखाई, राजनीतिक सफर और परिवार की जानकारी दे रहे हैं।
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महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे
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नारायण राणे
महाराष्ट्र के कोंकण से ताल्लुक रखने वाले 69 वर्षीय नारायण राणे पहली बार राज्यसभा सांसद बने हैं। हालांकि, वह महाराष्ट्र में छह बार विधायक और एक बार एमएलसी रह चुके हैं। वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा उद्योग, रेवेन्यू और पोर्ट एंड एनिमल हस्बैंड्री मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वह करीब 35 साल से जनता की सेवा कर रहे हैं। इससे पहले वह 1971 से 1984 तक आयकर विभाग में कार्यरत थे।
सर्बानंद सोनोवाल
असम से दो बार लोकसभा सांसद रह चुके सर्बानंद सोनोवाल दो बार विधायक का चुनाव भी जीत चुके हैं। उन्होंने 2016 से 2021 तक असम के मुख्यमंत्री का कार्यभार भी संभालकर राज्य के सबसे मशहूर सीएम बने। इसके अलावा वह स्वतंत्र प्रभार से केंद्र में राज्य मंत्री रह चुके हैं। छात्र राजनीति से शुरुआत करने वाले सर्बानंद तीन दशक से जनता की सेवा कर रहे हैं। असम के डिब्रूगढ़ से ताल्लुक रखने वाले 58 वर्षीय सर्बानंद ने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से एलएलबी किया था।
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डॉ. वीरेंद्र कुमार
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डॉ. वीरेंद्र कुमार
मध्यप्रदेश की टीकमगढ़ लोकसभा सीट से सांसद केंद्र सरकार में मंत्री बने हैं। वह सात बार से सांसद हैं और वरिष्ठ सांसदों में से एक हैं। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री और अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री रह चुके हैं। वह करीब चार दशक से जनता की सेवा कर रहे हैं। मध्यप्रदेश के सागर जिले से ताल्लुक रखने वाले डॉ. वीरेंद्र कुमार ने डॉ. हरिसिंह गौड़ यूनिवर्सिटी से बाल मजदूरी विषय पर पीएचडी की थी।
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ज्योतिरादित्य सिंधिया (फाइल फोटो)
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ज्योतिरादित्य सिंधिया
मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को जनता अब तक पांच बार संसद पहुंचा चुकी है। वह कांग्रेस सरकार में स्वतंत्र प्रभार से केंद्रीय राज्य मंत्री रह चुके हैं। शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाले ज्योतिरादित्य करीब दो दशक से जनता की सेवा कर रहे हैं। इसके अलावा वह मध्यप्रदेश क्रिकेट असोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 50 वर्षीय सिंधिया ग्वालियर से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से बीए और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए किया है।