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ED Day: 2014 के बाद बढ़ी PMLA के तहत कार्रवाई की रफ्तार, ईडी के निदेशक ने कहा- सजा दर 93 फीसदी से ज्यादा
Thu, 01 May 2025 04:50 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 01 May 2025 04:50 PM IST
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राहुल नवीन, निदेशक, प्रवर्तन निदेशालय
- फोटो : PTI
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक राहुल नवीन ने गुरुवार को कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी कानून (पीएमएलए) 2014 से पहले काफी हद तक निष्क्रिय था, लेकिन अब इसमें तेजी आई है। उन्होंने कहा कि मामलों के फैसले में देरी देश की न्यायिक व्यवस्था में सामान्य देरी और जांच की जटिलता के कारण होती है।
दिल्ली में ईडी दिवस पर कार्यक्रम
- फोटो : PTI
ईडी निदेशक ने माना- कई जांचें लंबे समय से लंबित
दिल्ली में 'ईडी डे' कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने माना कि कई जांचें लंबे समय से लंबित हैं। इसलिए इस साल एजेंसी का फोकस तेजी से जांच पूरी कर फाइनल चार्जशीट दाखिल करने पर रहेगा। बता दें कि, पीएमएलए कानून 2005 में लागू हुआ था, लेकिन 2014 से पहले हर साल सिर्फ 200 के करीब केस दर्ज होते थे, वो भी ज्यादातर ड्रग्स के मामलों में। उस वक्त तक ईडी ने सिर्फ 5,171 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी और पहली चार्जशीट भी 2012 में दाखिल हुई थी।
यह भी पढ़ें - Defence: भारत को मिलेंगे ₹11.08 अरब के सैन्य हार्डवेयर, रसद सहायता भी मिलेगी; अमेरिकी एजेंसी DSCA ने दी मंजूरी
दिल्ली में 'ईडी डे' कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने माना कि कई जांचें लंबे समय से लंबित हैं। इसलिए इस साल एजेंसी का फोकस तेजी से जांच पूरी कर फाइनल चार्जशीट दाखिल करने पर रहेगा। बता दें कि, पीएमएलए कानून 2005 में लागू हुआ था, लेकिन 2014 से पहले हर साल सिर्फ 200 के करीब केस दर्ज होते थे, वो भी ज्यादातर ड्रग्स के मामलों में। उस वक्त तक ईडी ने सिर्फ 5,171 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी और पहली चार्जशीट भी 2012 में दाखिल हुई थी।
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दिल्ली में ईडी दिवस पर कार्यक्रम
- फोटो : PTI
'10 वर्षों में पांच हजार से ज्यादा PMLA केस दर्ज'
राहुल नवीन ने आगे बताया कि 2014 से 2024 के बीच पांच हजार 113 नए पीएमएलए केस दर्ज हुए, यानी हर साल औसतन 500 से ज्यादा केस। वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक 775 नई जांचें शुरू हुईं, 333 चार्जशीट दाखिल हुईं और 34 लोगों को सजा मिली। उन्होंने बताया कि बीते साल ईडी ने 30 हजार 036 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की, जो पिछले साल के मुकाबले 44% ज्यादा है। कुल जब्त संपत्ति की कीमत अब एक करोड़ 54 हजार 594 करोड़ रुपये पहुंच गई है।
राहुल नवीन ने आगे बताया कि 2014 से 2024 के बीच पांच हजार 113 नए पीएमएलए केस दर्ज हुए, यानी हर साल औसतन 500 से ज्यादा केस। वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक 775 नई जांचें शुरू हुईं, 333 चार्जशीट दाखिल हुईं और 34 लोगों को सजा मिली। उन्होंने बताया कि बीते साल ईडी ने 30 हजार 036 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की, जो पिछले साल के मुकाबले 44% ज्यादा है। कुल जब्त संपत्ति की कीमत अब एक करोड़ 54 हजार 594 करोड़ रुपये पहुंच गई है।
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दिल्ली में ईडी दिवस पर कार्यक्रम
- फोटो : PTI
ईडी निदेशक ने विपक्ष के आरोपों पर भी दिया जवाब
ईडी प्रमुख ने विपक्ष के आरोपों पर भी जवाब दिया कि ईडी की सजा दर कम है। उन्होंने कहा कि जहां भी कोर्ट का फैसला आया है, वहां ज्यादातर फैसले ईडी के पक्ष में गए हैं। 47 मामलों में सिर्फ 3 बरी हुए हैं। राहुल नवीन ने यह भी कहा कि लंबित जांचें एजेंसी की साख पर असर डालती हैं, इसलिए कोशिश की जा रही है कि इन्हें तेजी से पूरा किया जाए। साथ ही, अपराध से अर्जित संपत्ति को पीड़ितों को लौटाने की प्रक्रिया को भी तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2024-25 में 15,261 करोड़ रुपये की संपत्ति 30 मामलों में पीड़ितों को लौटाई गई है। आगे यह काम और तेज होगा।
यह भी पढ़ें - CISC: कौन हैं एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित? जो संभालेंगे सीआईएससी चीफ का कार्यभार; इन विमानों को उड़ाने का अनुभव
ईडी प्रमुख ने विपक्ष के आरोपों पर भी जवाब दिया कि ईडी की सजा दर कम है। उन्होंने कहा कि जहां भी कोर्ट का फैसला आया है, वहां ज्यादातर फैसले ईडी के पक्ष में गए हैं। 47 मामलों में सिर्फ 3 बरी हुए हैं। राहुल नवीन ने यह भी कहा कि लंबित जांचें एजेंसी की साख पर असर डालती हैं, इसलिए कोशिश की जा रही है कि इन्हें तेजी से पूरा किया जाए। साथ ही, अपराध से अर्जित संपत्ति को पीड़ितों को लौटाने की प्रक्रिया को भी तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2024-25 में 15,261 करोड़ रुपये की संपत्ति 30 मामलों में पीड़ितों को लौटाई गई है। आगे यह काम और तेज होगा।
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ईडी दिवस के कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी
- फोटो : PTI
फरार आर्थिक अपराधियों पर बनी कानून (एफईओए) के तहत ईडी अब तक 24 लोगों को भगोड़ा घोषित कराने के लिए आवेदन कर चुकी है, जिनमें से 14 घोषित किए जा चुके हैं। विजय माल्या और नीरव मोदी भी इनमें शामिल हैं। ईडी ने अब तक 900 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (एफईएमए) के तहत भी ईडी विदेश में पैसे भेजने, एफडीआई में गड़बड़ी, जमीन खरीद में नियमों के उल्लंघन जैसे मामलों में जांच करेगा और जुर्माना लगाएगा। राहुल नवीन ने कहा कि जांच में आधुनिक तकनीक और फॉरेंसिक का इस्तेमाल बढ़ेगा और अफसरों को नई ट्रेनिंग दी जाएगी।
बता दें कि, ईडी की स्थापना साल 1956 में हुई थी और यह एजेंसी वित्त मंत्रालय के तहत काम करती है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी मौजूद थे।
बता दें कि, ईडी की स्थापना साल 1956 में हुई थी और यह एजेंसी वित्त मंत्रालय के तहत काम करती है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी मौजूद थे।