सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

President Election : मुर्मू की जीत से ज्यादा यशवंत सिन्हा की हार के चर्चे, तीन बिंदुओं में जानें कहां हुई चूक?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Sat, 23 Jul 2022 10:00 AM IST
सार

यशवंत सिन्हा मतगणना के पहले ही राउंड में बाहर हो गए थे। मुर्मू की पहले राउंड में वोट वैल्यू 3.78 लाख थी। जबकि, सिन्हा 1.45 पर टिके थे। इसके बाद तीसरे राउंड तक जीत का अंतर बढ़ता गया। चौथे राउंड में सिन्हा ने वापसी जरूरी की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।

विज्ञापन
President Election: how Yashwant Sinha loose and Draupdi murmu wins Presidential Election
यशवंत सिन्हा - फोटो : अमर उजाला
द्रौपदी मुर्मू देश की अगली राष्ट्रपति होंगी। तीन दौर की मतगणना के बाद ही उन्होंने विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा पर निर्णायक बढ़त बना ली। आखिरी राउंड की मतगणना के बाद उन्हें विजेता घोषित कर दिया गया। वहीं, सिन्हा पहले राउंड में ही रेस से बाहर हो गए थे। यूं तो पहले से ही आंकड़े मुर्मू के पक्ष में थे, लेकिन यशवंत सिन्हा इस तरह से हारेंगे यह किसी ने नहीं सोचा था। यही कारण है कि द्रौपदी मुर्मू की जीत से ज्यादा अभी यशवंत सिन्हा की हार के चर्चा हो रहे हैं।


आइए जानते हैं कि ऐसा क्या हो गया कि यशवंत सिन्हा की हार ज्यादा बड़ी हो गई?  
 
Trending Videos
President Election: how Yashwant Sinha loose and Draupdi murmu wins Presidential Election
द्रौपदी मुर्मू चुनी गईं राष्ट्रपति - फोटो : Amar Ujala
पहले जानिए चुनाव में क्या हुआ?
राष्ट्रपति चुनाव में पहले राउंड में सांसदों के वोटों की गिनती की गई। लोकसभा और राज्यसभा को मिलाकर कुल 776 सांसदों के वोट मान्य थे। हालांकि, इनमें 15 मत रद्द हो गए, जबकि कुछ सांसदों ने वोट नहीं डाले थे। कुल 748 सांसदों के 5,23,600 वैल्यू तक के वोट काउंट हुए। इनमें द्रौपदी मुर्मू को 540 वोट मिले। इन वोटों की वैल्यू 3,78,000 रही। 
वहीं, यशवंत सिन्हा को 208 सांसदों के वो मिले। इनकी वैल्यू 1,45,600 रही। यानी संसद में मुर्मू को 72 फीसदी सांसदों का समर्थन हासिल हुआ है, जबकि यशवंत सिन्हा के लिए सिर्फ 28 फीसदी सांसदों ने ही वोट डाला। खास बात ये है कि विपक्ष के 17 सांसदों ने द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की। मतलब पहले राउंड में ही सिन्हा रेस से बाहर हो गए थे। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन
President Election: how Yashwant Sinha loose and Draupdi murmu wins Presidential Election
पीएम मोदी ने दी द्रौपदी मुर्मू को बधाई - फोटो : ANI
मुर्मू ने तीन राउंड में ही जीत के लिए जरूरी वोट हासिल किए
मुर्मू को जीत के लिए जरूरी 5 लाख 43 हजार 261 वोट तीसरे राउंड में ही मिल गए। तीन राउंड की गिनती पूरी होने के बाद मुर्मू को 5 लाख 77 हजार 777 वोट मिल चुके थे। वहीं, यशवंत सिन्हा 2 लाख 61 हजार 62 वोट ही जुटा सके। इसमें राज्यसभा और लोकसभा के सांसदों समेत 20 राज्यों के वोट शामिल हैं।  

तीन राउंड की गिनती के बाद यशवंत सिन्हा ने भी हार मान ली। उन्होंने मुर्मू को बधाई देते हुए कहा- द्रौपदी मुर्मू को उनकी जीत पर बधाई देता हूं। देश को उम्मीद है कि गणतंत्र के 15वें राष्ट्रपति के रूप में वे बिना किसी भय या पक्षपात के संविधान के संरक्षक के रूप में कार्य करेंगी। 
 
President Election: how Yashwant Sinha loose and Draupdi murmu wins Presidential Election
यशवंत सिन्हा(फाइल) - फोटो : पीटीआई
चौथे राउंड में रेस पकड़े, लेकिन मुर्मू कहीं ज्यादा आगे निकल चुकी थीं
विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा मतगणना के पहले ही राउंड में बाहर हो गए थे। मुर्मू की पहले राउंड में वोट वैल्यू 3.78 लाख थी। जबकि, सिन्हा 1.45 पर टिके थे। इसके बाद तीसरे राउंड तक जीत का अंतर बढ़ता गया। चौथे राउंड में सिन्हा ने वापसी जरूरी की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। आंकड़ों के मुताबिक, मुर्मू को 6,76,803 वोट मिले, जबकि सिन्हा को 3,80,177 वोट मिले। इस तरह द्रौपदी मुर्मू देश की नई राष्ट्रपति होंगी। 

 

विज्ञापन
President Election: how Yashwant Sinha loose and Draupdi murmu wins Presidential Election
यशवंत सिन्हा। - फोटो : अमर उजाला
यशवंत सिन्हा का अपनों ने ही क्यों नहीं साथ दिया?
हमने ये समझने के लिए राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. प्रवीण मिश्र से बात की। उन्होंने कहा, 'तीन दौर की गिनती से ही साफ हो गया कि 17 सांसद और 110 विपक्ष के विधायकों ने यशवंत सिन्हा की बजाय द्रौपदी मुर्मू को वोट किया है। सिन्हा को समर्थन देने के एलान के बाद भी विपक्ष के सांसद और विधायकों द्वारा द्रौपदी मुर्मू को वोट करना इस बात की तस्दीक करता है कि विपक्ष पूरी तरह से सिन्हा को लेकर एकजुट नहीं हो पाया।' 

आगे पढ़िए वो तीन वजह जिसके चलते विपक्ष एकजुट नहीं हो पाया...
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed